प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सिक्किम से लौटने के तुरंत बाद प्रणब मुखर्जी और चिदंबरम को अपने पास बुला कर दोनों के बीच चल रहे विवाद को 2 जी घोटाले पर वित्त मंत्रालय के नोट से सरकार के संकट में होने का हवाला देकर आखिरकार प्रणब मुखर्जी को मना ही लिया गया। जिससे प्रणब और चिदंबरम के बीच रहा विवाद समाप्त हो गया | बैठक ख़त्म होने के बाद प्रणब और चिदंबरम मीडिया से मुखातिर हुए और प्रेस का साझा नोट पढ़ कर सुनाया | प्रणब ने चिदंबरम की मौजूदगी नें अपना लिखा हुआ बयान पढ़ा,' तथ्यात्मक पृष्ठभूमि के अलावा उस कागज में कुछ टिप्पणी और आशय हैं, जो मेरा नजरिया नहीं दर्शाते। यह एक बैकग्राउंड पेपर था। इसे ऑफिसरों के एक समूह ने तैयार किया था।' इस नोट में प्रणब की तरफ से कहा गया है कि 2जी मामले के बारे में उनके राय निजी नहीं हैं। प्रणब ने चिदंबरम का बचाव करते हुए कहा कि 2008 में जो टेलीकॉम पॉलिसी सरकार ने अपनाई वो 2003 की ही पॉलिसी है जिसे एनडीए सरकार ने लाया था। मुखर्जी के बयान के बाद चिदंबरम ने तत्काल खुशी जाहिर करते हुए कहा, 'मैं इस बयान को स्वीकार करता हूं और जहां तक सरकार में हम सभी का सवाल है, मामला अब खत्म हो गया है।'
बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने चिदंबरम की बर्खास्तगी की मांग दोहराते हुए कहा कि 2-जी आवंटन मामले में चिदंबरम एक आरोपी है और उनके खिलाफ सीबीआई जांच होनी चाहिए।
हम आप को बता दे कि इसका उजागर उस समय हुआ जब वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने एक आर.टी.आई आवेदन के जवाब में पी एम ओ को भेजे अपने फैक्टशीट को सार्वजनिक कर दिया | इसमें बताया गया था की तब के वित्त मंत्री पी.चिदम्बरम ने पीएम को बिना नीलामी के ही स्पेक्ट्रम को बेचने की सलाह दी थी |ऐसे में चिदंबरम चाहते तो इस घोटाले को रोक सकते थे | इस खुलासे के बाद चिदंबरम कि मुश्किलें काफी बढ़ गई थी जिससे प्रणब और चिताम्बरम के बीच मतभेद उत्पन हो गया था |करीब एक सप्ताह पहले इस विवाद के शुरू होने के बाद पहली बार दोनों मंत्री आमने-सामने हुए।
कांग्रेस की मुश्किल यह है 2जी घोटाले में अगर सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम की भूमिका की जांच करने के आदेश दे दिए तो इसकी आंच प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच सकती है और इससे राजनीतिक रूप से भारी नुकसान होगा। इसलिए सोनिया ने मौजूदा संकट से चिदंबरम को निकालने की जिम्मेदारी अब सरकार के सबसे सीनियर मंत्री प्रणब को ही सौंप दी है।
मानेन्द्र कुमार भारद्वाज
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