Wednesday, September 28, 2011

अमर सिंह की जमानत याचिका ख़ारिज

नोट  के बदले वोट मामले में सपा के पूर्व महासचिव अमर सिंह की मुश्कि लेफिर से बढ़ गई है | बुधवार  को  दिल्ली  के तीस हजारी कोर्ट ने अमर सिंह की अंतरिम और नियमित दोनों जमानत याचिका ख़ारिज कर दी | अदालत ने कहा कि जो सबूत मिले हैं उससे पता चलता है कि अमर सिंह ने इस कांड में अहम भूमिका निभाई। विशेष न्यायाधीश संगीता ढींगरा सहगल ने अमर सिंह की जमानत याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि अमर सिंह अपना इलाज करा रहे हैं। यह एम्स पर निर्भर है कि वह इलाज के लिए कितने दिन तक उनको अस्पताल में रखता है। अमर की तबियत  में सुधार होने पर उन्हें सीधा जेल लाया जायेगा | इलाज के दौरान सिंह पर निगरानी रहेगी |
      दरअसल  सपा के पूर्व महा साचिव अमर सिंह पर आरोप है की उन्होंने 2008  में संप्रग सरकार के विश्वासमत के दौरान कांग्रेश सरकार को बचने की कोशिश में तीन सांसदों को रिश्वत देने में अहम भूमिका निभाई है | दरअसल भारत - अमेरिका प्रस्तावित परमाणु समझौते के विरोध  में वामदलों ने संप्रग सरकार से अपना समर्थन खीच  लिया था | इससे सदन में विश्वास मत हासिल करने की नौबत आई | उस वक्त अमर सिंह सपा के महासचिव थे और पार्टी सरकार को बाहर से समर्थन दे रही थी |
      22  सितम्बर 2008  को लोक सभा में विश्वास मत के दौरान  भाजपा के तीन नेतावो ने नोटों की गड्डिया लहराई | तीन सांसदों अशोक अर्गल  , फग्गन  सिंह कुलस्ते   और महावीर भगोरा ने आरोप लगाया की अमर सिंह के सहयोगियों ने विश्वासमत में हिस्सा न लेने के लिय उन्हें एक करोड़ रूपये रिश्वत  दी |  उनका आरोप था की उन्हें तीन -तीन करोड़ रूपये देने की पेशकश की गई थी | एडवांस के तौर पर उन्हें एक करोड़ रूपये दिए गए थे | इस मामले की जाच किशोर चन्द्र देव की संसदीय समिति ने की | समिति ने अमर सिंह को क्लीन चिट देते हुए संजीव  सक्सेना , सुहैल हिन्हुस्तानी  और सुधींद्र कुलकर्णी की भूमिका की जाच के आदेश दिए | संजीव सक्सेना अमर सिंह का सहयोगी था | सुधींद्र कुलकर्णी भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी के पूर्व सहयोगी और सुहैल भारती जनता युवा मोर्चा का कार्यकर्त्ता था | जनवरी ,2009  में दिल्ली पुलिस ने इनके खिलाफ मामले की जाच शुरू की | 
     6 सितम्बर को सिंह को अदालत ने  अमर सिंह को को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया  था ।  कोर्ट ने अमर सिंह की अंतरिम जमानत 28 सितंबर तक के लिए बढ़ा देने के कारण  गुर्दा रोग से पीड़ित सिंह ने ईलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति देने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया था जिसे उन्होंने बाद में वापस ले लिया।  जेल में तबीयत खराब होने के बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। जिसकी आज कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली  के तीस हजारी कोर्ट  ने अमर सिंह की अंतरिम और नियमित दोनों जमानत याचिका ख़ारिज कर दी | ऐसे में अमर को इलाज के बाद एक बार फिर जेल में जाना पड़ेगा |



मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

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