Thursday, September 29, 2011

कोलकाता नाइटराइडर्स ने रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर को हराया


चैंपियंस लीग ट्वंटी-20 टूर्नामेंट में गौतम गंभीर और जाक कालिस के शानदार दूसरे विकेट के लिए नाबाद 109 रन  के साझेदारी के  बदौलत कोलकाता नाइटराइडर्स ने चैंपियंस लीग ट्वंटी-20 टूर्नामेंट में रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर को 15 गेंद शेष रहते नौ विकेट से हरा दिया | पहले  बल्लेबाजी  करते  हुए  बंगलोर की टीम ने नाइटराइडर्स को 170 रन का लक्ष्य दिया।
         कालिस और ब्रैड हैडिन ने लक्ष्य का पीछा करते पहले विकेट के लिए 62 रन जोड़े। 27 गेंदों में अपनी विस्फोटक पारी में हैडिन ने पांच चौके और दो छक्के लगाये  | 42 रन के निजी स्कोर पर हैडिन डेनियल विटोरी का शिकार हुए। उनका कैच विराट कोहली ने लिया  | इसके बाद आये गंभीर ने कालिस के साथ   दूसरे विकेट के लिए नाबाद 109 रन  की साझेदारी कर अपनी टीम को जीत दिला दी। गंभीर ने 31 गेंदों में नाबाद 55 रन बनाए, जिनमें उनके तीन चौके और चार छक्के शामिल हैं। ‘मैन ऑफ द मैच’ रहे कालिस ने 47 गेंदों में नाबाद 64 रन का योगदान दिया। 
  इस जीत से कोलकाता को मिले दो अंक के साथ दो हार के बाद ग्रुप ‘बी’ तालिका में वारियर्स और सॉमरसेट के बाद तीसरे पायदान पर पहुंच गया जबकि बंगलोर दो हारे से तालिका में निचले पायदान पर है।

मानेन्द्र  कुमार भारद्वाज   

मामला अब खत्म हो गया - पी. चिदंबरम



प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सिक्किम से लौटने के तुरंत बाद प्रणब मुखर्जी और चिदंबरम को अपने पास बुला कर दोनों के बीच चल रहे विवाद को 2 जी घोटाले पर वित्त मंत्रालय के नोट से सरकार के संकट में होने का हवाला देकर आखिरकार प्रणब मुखर्जी को मना ही लिया गया। जिससे प्रणब और चिदंबरम के बीच रहा विवाद समाप्त हो गया | बैठक ख़त्म होने के बाद प्रणब और चिदंबरम मीडिया से मुखातिर हुए और प्रेस का साझा नोट पढ़ कर सुनाया | प्रणब ने चिदंबरम की मौजूदगी नें अपना लिखा हुआ बयान पढ़ा,' तथ्यात्मक पृष्ठभूमि के अलावा उस कागज में कुछ टिप्पणी और आशय हैं, जो मेरा नजरिया नहीं दर्शाते। यह एक बैकग्राउंड पेपर था। इसे ऑफिसरों के एक समूह ने तैयार किया था।' 
         इस नोट में प्रणब की तरफ से कहा गया है कि 2जी मामले के बारे में उनके राय निजी नहीं हैं। प्रणब ने चिदंबरम का बचाव करते हुए कहा कि 2008 में जो टेलीकॉम पॉलिसी सरकार ने अपनाई वो 2003 की ही पॉलिसी है जिसे एनडीए सरकार ने लाया था। मुखर्जी के बयान के बाद चिदंबरम ने तत्काल खुशी जाहिर करते हुए कहा, 'मैं इस बयान को स्वीकार करता हूं और जहां तक सरकार में हम सभी का सवाल है, मामला अब खत्म हो गया है।' 
     बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने चिदंबरम की बर्खास्तगी की मांग दोहराते हुए कहा कि 2-जी आवंटन मामले में चिदंबरम एक आरोपी है और उनके खिलाफ सीबीआई जांच होनी चाहिए।
     हम आप को बता दे कि इसका उजागर उस समय हुआ जब वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने एक आर.टी.आई आवेदन के जवाब में पी एम ओ को भेजे अपने फैक्टशीट को सार्वजनिक कर दिया | इसमें बताया गया था की तब के वित्त मंत्री पी.चिदम्बरम ने पीएम को बिना नीलामी के ही स्पेक्ट्रम को बेचने की सलाह दी थी |ऐसे में चिदंबरम चाहते तो इस घोटाले को रोक सकते थे | इस खुलासे के बाद चिदंबरम कि मुश्किलें काफी बढ़ गई थी जिससे प्रणब और चिताम्बरम के बीच मतभेद उत्पन हो गया था |करीब एक सप्ताह पहले इस विवाद के शुरू होने के बाद पहली बार दोनों मंत्री आमने-सामने हुए।
      कांग्रेस की मुश्किल यह है 2जी घोटाले में अगर सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम की भूमिका की जांच करने के आदेश दे दिए तो इसकी आंच प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच सकती है  और इससे राजनीतिक रूप से भारी नुकसान होगा। इसलिए सोनिया ने मौजूदा संकट से चिदंबरम को निकालने की जिम्मेदारी अब सरकार के सबसे सीनियर मंत्री प्रणब को ही सौंप दी है।
       
मानेन्द्र कुमार भारद्वाज 



Wednesday, September 28, 2011

अमर सिंह की जमानत याचिका ख़ारिज

नोट  के बदले वोट मामले में सपा के पूर्व महासचिव अमर सिंह की मुश्कि लेफिर से बढ़ गई है | बुधवार  को  दिल्ली  के तीस हजारी कोर्ट ने अमर सिंह की अंतरिम और नियमित दोनों जमानत याचिका ख़ारिज कर दी | अदालत ने कहा कि जो सबूत मिले हैं उससे पता चलता है कि अमर सिंह ने इस कांड में अहम भूमिका निभाई। विशेष न्यायाधीश संगीता ढींगरा सहगल ने अमर सिंह की जमानत याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि अमर सिंह अपना इलाज करा रहे हैं। यह एम्स पर निर्भर है कि वह इलाज के लिए कितने दिन तक उनको अस्पताल में रखता है। अमर की तबियत  में सुधार होने पर उन्हें सीधा जेल लाया जायेगा | इलाज के दौरान सिंह पर निगरानी रहेगी |
      दरअसल  सपा के पूर्व महा साचिव अमर सिंह पर आरोप है की उन्होंने 2008  में संप्रग सरकार के विश्वासमत के दौरान कांग्रेश सरकार को बचने की कोशिश में तीन सांसदों को रिश्वत देने में अहम भूमिका निभाई है | दरअसल भारत - अमेरिका प्रस्तावित परमाणु समझौते के विरोध  में वामदलों ने संप्रग सरकार से अपना समर्थन खीच  लिया था | इससे सदन में विश्वास मत हासिल करने की नौबत आई | उस वक्त अमर सिंह सपा के महासचिव थे और पार्टी सरकार को बाहर से समर्थन दे रही थी |
      22  सितम्बर 2008  को लोक सभा में विश्वास मत के दौरान  भाजपा के तीन नेतावो ने नोटों की गड्डिया लहराई | तीन सांसदों अशोक अर्गल  , फग्गन  सिंह कुलस्ते   और महावीर भगोरा ने आरोप लगाया की अमर सिंह के सहयोगियों ने विश्वासमत में हिस्सा न लेने के लिय उन्हें एक करोड़ रूपये रिश्वत  दी |  उनका आरोप था की उन्हें तीन -तीन करोड़ रूपये देने की पेशकश की गई थी | एडवांस के तौर पर उन्हें एक करोड़ रूपये दिए गए थे | इस मामले की जाच किशोर चन्द्र देव की संसदीय समिति ने की | समिति ने अमर सिंह को क्लीन चिट देते हुए संजीव  सक्सेना , सुहैल हिन्हुस्तानी  और सुधींद्र कुलकर्णी की भूमिका की जाच के आदेश दिए | संजीव सक्सेना अमर सिंह का सहयोगी था | सुधींद्र कुलकर्णी भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी के पूर्व सहयोगी और सुहैल भारती जनता युवा मोर्चा का कार्यकर्त्ता था | जनवरी ,2009  में दिल्ली पुलिस ने इनके खिलाफ मामले की जाच शुरू की | 
     6 सितम्बर को सिंह को अदालत ने  अमर सिंह को को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया  था ।  कोर्ट ने अमर सिंह की अंतरिम जमानत 28 सितंबर तक के लिए बढ़ा देने के कारण  गुर्दा रोग से पीड़ित सिंह ने ईलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति देने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया था जिसे उन्होंने बाद में वापस ले लिया।  जेल में तबीयत खराब होने के बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। जिसकी आज कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली  के तीस हजारी कोर्ट  ने अमर सिंह की अंतरिम और नियमित दोनों जमानत याचिका ख़ारिज कर दी | ऐसे में अमर को इलाज के बाद एक बार फिर जेल में जाना पड़ेगा |



मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

Tuesday, September 27, 2011

आखिर इतना क्यों मजबूर हो गई |

जब भी तुम्हे अपना बनाने की बात किया करता था |
तुम तो अक्सर मुझे भुला दिया करती थी |
खुद ही मुझे बेवफा कहा करती थी |
मेरा कसूर केवल इतना था कि ,
जिन्दगी  के हर एक मोड़ पर तुमे याद करता था | 
तुमे अपना बनाने की बात करता था | 

तुम्हे तो याद होगा , जब गलियों में रात हुआ करती थी |
तब हमारी अँधेरे में मुलाकात हुआ करती थी |   
तब तो तुम्हे अमावश की रात भी अच्छी लगाती थी |
मेरे कही हुई हर बात अच्छी लगाती थी | 
फिर ऐसा क्या हुआ जो दूर हो गई|
आखिर इतना क्यों मजबूर हो गई |

अब तो मै तेरी हर एक छुवन को याद करता हु |
तनहाइयो में अक्सर तुम से बात करता हु | 
तेरी गर्म सासों में जब मैंने अपनी सासों को समाया था |
उस समय हम ने  एक दुसरे में जहा को पाया था | 
चादनी रातो में हजारो वादे किया करते थे | 
एक दुसरे का साथ निभाने की कसमे खाया करते थे |
फिर ऐसा क्या हुआ जो दूर हो गई | 
आखिर इतना क्यों मजबूर हो गई |  


मानेन्द्र कुमार भारद्वाज
  

दिल्ली में फिर गिरी इमारत 8 लोगो की हुई मौत


पुरानी दिल्ली के दरियागंज इलाके के चांदनी महल में तीन मंजिला इमारत के गिरने से 8 लोगो की मौत  हो गई  है और  25  - 30  लोग घायल  हो गये  है | जब की 4  की हालत  गम्भीर है |  
           घायलों को उपचार के लिए एलएनजेपी अस्पताल में भरती कराया गया है। राहत कार्य शुरू होगया है लेकिन गलियों के तंग होने के कारण राहत कार्य में दिक्कत आ रही है। रजनी अब्बी दिल्ली की मेयर ने घटना की जाच करवाने को कहा और घटना में पाए दोषियों को दंड दिए जाने की बात कही  है | दरसल रजनी अब्बी घायलों से मिलाने एलएनजेपी अस्पताल गई थी लेकिन अस्पताल में ज्यादा भीड़ की वजह से बिना मिले वापस लौट गई | वही लोगो का कहना  है की इमारत गिरने का कारण तीन मंजिला इमारतों के पास कुछ दिनों  पहले   एक  इमारत  बनाई जा रही थी जिसके कारण ईमारत गिरी | सुरक्षा की दृष्टि से आस - पास के मकानों को खाली करा लिया गया  है | मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। 

मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

Monday, September 26, 2011

भ्रष्टाचार से निकलना कांग्रेस की होगी पहली प्राथमिकता



जिस  राजनैतिक दल ने कल तक दिल्ली के गद्दी पर राज किया वह आज इस हाल में है कि उसका आगामी विधान  सभा चुनाव में 'द एंड ' नजर आ रहा है | ऐसे में एक प्रश्न यह उठता है कि आखिर कांग्रेस की यह दुर्दशा क्यों हुई ? जिसका कारण भ्रष्टाचार  के मामले हो सकते  है | दरसल भ्रष्टाचार के मामले ने कांग्रेस को इस तरह जकड रखा है कि उससे छुटकारा पाना कांग्रेस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है | मामला 2-जी से उठा | जिसमे  स्पेक्ट्रम को बिना  नीलामी के ही बेचने के कारण ए. राजा के ऊपर भारतीय कोष को 1.76 लाख करोड़ के ऊपर नुकसान पहुचने का आरोप था | इस आरोप में ए.राजा के अलावा कांग्रेस के कई नेता नप गए | नतीजा कांग्रेश को न चाहते हुए विपक्ष पार्टी और जनता के दबाव के कारण ए.राजा और कनिमोझी को जेल भेजना पड़ा जिनके खिलाफ मामले कि कार्यवाही चल रही थी | ऐसे में अन्ना हजारे का भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन कांग्रेस का जीना दूभर कर दिया | कांग्रेस अन्ना हजारे के जनलोकपाल बिल को अधूरे मन से मंजूरी दे कर जनता के बीच अपना विश्वास बनाने कि कोशिश कर ही रहा था कि पेट्रोल के दाम में हुई 3 रुपये कि बढ़ोतरी ने देश की जनता का विश्वास कांग्रेस पर से हटा दिया| 
     पार्टी अब तक 2-जी घोटाले के लिए डीएमके और ए.राजा के सर सारा दोष मढ़ रही थी लेकिन गृह मंत्री पी.चिदंबरम की भूमिका के बारे में जो खबर आई है उसने कांग्रेस पार्टी के लिए एक मुश्किल पैदा कर दी है |चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी के बीच उठे विवाद ने यह संकेत दे दिया है की कांग्रेस पार्टी के बाहर ही नहीं अन्दर भी नेताओ के बीच मत भेद बना हुआ है | इसक उजागर उस समय हुआ जब वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने एक आर.टी.आई आवेदन के जवाब में पी एम ओ को भेजे अपने फैक्टशीट को सार्वजनिक कर दिया | इसमें बताया गया था की तब के वित्त मंत्री पी.चिदम्बरम ने पीएम को बिना नीलामी के ही स्पेक्ट्रम को बेचने की सलाह दी थी |ऐसे में चिदंबरम चाहते तो इस घोटाले को रोक सकते थे | इस खुलासे से पीएम भी शक के दायरे में आते हुए नजर आते है | ऐसे में विपक्ष पार्टी के नेताओ  ने चिदम्बरम से इस्तीफे की मांग की है |फ़िलहाल पीएम ने मामले को सँभालते हुए कहा ही मुझे चिदम्बर पर विश्वास है | मामले को ज्यादा गंभीर देख प्रणब खुद प्रधान मंत्री से मिलने विदेश तक चले गए | फिलहाल मामला गृह मंत्री के इस्तीफे को लेकर फाफी उलझी हुई नजर आ रही है |     
    ऐसे में क्या आगामी विधान सभा चुनाव में कांग्रेस जनता को अपने लिए वोट डालने के  लिए राजी कर पायेगी यह अहम सवाल भी कांग्रेस के सामने खड़ा है | इसमे कोई दो राय नहीं की उत्तर प्रदेश में पार्टी कार्यकर्त्ता महासचिव राहुल गाँधी की सक्रियता ने पार्टी कार्यकर्त्ता में एक नया उत्साह पैदा किया था लेकिन जिस तरह से केंद्र सरकार पर एक के बाद एक आरोप कांग्रेस के नेतावो पर लग रहे है उससे तो जो दिन-रात एक कर के कांग्रेस के लिए जनसमर्थन उत्तर प्रदेश में एकत्र किया था वह धुधला होता नजर आ रहा है | खैर ये तो बात विधान सभा चुनाव की है | मौजूदा दौर में जो हालत कांग्रेस की हो रही है उससे पहले निकलना कांग्रेश की प्राथमिकता होगी | 

मानेन्द्र कुमार भारद्वाज 

Sunday, September 25, 2011

नेपाल के विमान हादसे में मरे 19 लोगो में 10 भारतीय शामिल


नेपाल की राजधानी काठमांडू के पास   रविवार की सुबह 'बीचक्राफ्ट' [बीएचए 103] निजी कंपनी बुद्धा एयरलाइन विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उसमें सवार सभी 19 लोगों की मौत हो गई। मरने वालो में 10 भारतीयों नागरिक के अलावा  दो अमेरिकी और एक जापानी नागरिक शामिल हैं। 13 विदेशियों के अलावा विमान में चालक दल के तीन सदस्य तथा तीन नेपाली नागरिक भी सवार थे।
              पर्यटक वर्ष 2011 मना रहे नेपाल को रविवार का दिन खासा बुरा साबित  हुआ |  उत्तरी नेपाल के माउंट एवेस्ट क्षेत्र में गया विमान काठमांडू लौटते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया | सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विमान ने सुबह लगभग सात बजे काठमांडू से उड़ान भरी थी और आधा घंटा बाद इसका सम्पर्क टूट गया। जो सुबह करीब 7.30 बजे ललितपुर जिले के कोटडांडा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।विमान के टुकड़े ललितपुर जिले के कोटडांडा वन क्षेत्र में पाया गया । मरने वालों में से आठ व्यक्ति दक्षिण भारत के दो परिवारों से हैं। इनके अलावा एक भारतीय दंपत्ति की मौत हो गई हैं। 
दुर्घटना में मारे गए भारतीयों की पहचान पंकज मेहता और उनकी पत्नी छाया और आठ लोग तमिलनाडु के थे जिनकी पहचान एम वी मारथचलम, एम मनिमारन, वी एम कनाकसबेसन, ए के कृष्णन, आर एम मिनाक्षी सनसारम, के थियागराजन, टी धानसेकरन और काटूस महालिंगम के रूप में हुई है | हादसे में मारे गए भारतीय दम्पत्ति की शिनाख्त पंकज और छाया मेहता के रूप में की गई है। दुर्घटना में मारे गए दो अमेरिकी लोगों की पहचान एंड्रयू वडे और नटालिए नेल्सन के रूप में हुई है जबकि जापानी नागरिक का नाम उजिमा तोशिनोरी है।
                 नेपाल के उप प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री विजय कुमार गछादर ने यहां हवाईअड्डे का दौरा किया ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सके। सीएएएन के पूर्व महानिदेशक जाजेशराज डाली की अध्ययक्षता में नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने दुर्घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच दल बनाया है। 

मानेन्द्र कुमार भारद्वाज 

Thursday, September 22, 2011

नहीं रहे पटौदी



भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अली खां पटौदी का  दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वह 70 वर्ष के थे और कई महीनों से फेफड़ों के संक्रमण से पीड़ित थे। पटौदी के निधन पर भारतीय क्रिकेट समुदाय ने गहरा दुख व्यक्त किया |
         सचिन तेंदुलकर ने पटौदी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते  हुए कहा कि , 'क्रिकेट जगत को इस नायक की बहुत कमी खलेगी। मुझे उनसे कुछ अवसरों पर मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। विश्व क्रिकेट को उन जैसे नायक की कमी खलेगी। मैं वास्तव में उनका बहुत सम्मान करता था।' 
गावस्कर ने पटौदी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते  हुए कहा कि 'यह बहुत दुखद समाचार है। कुछ सप्ताह पहले ही हमने पटौदी को  इंग्लैंड में  ट्राफी के लिए पुरस्कार वितरण समारोह में देखा था और वह अच्छे दिख रहे थे। इसलिए यह खबर सकते में डालने वाली है।'
मोहिंदर अमरनाथ ने उनके निधन पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि ' वह एक शानदार व्यक्ति थे और देश के बेहतरीन राजदूत थे | वह 60 और 70 के दशक में खेलने वाले क्रिकेटरों से काफी अलग थे | वह क्रिकेट में काफी आक्रमकता लेकर आये | मै उनकी कप्तानी में खेला था | वह ज्यादा नहीं बोलते थे | वह पाजीटिव रहते थे और मैदान पर जोखिम उठाने को तैयार रहते थे | '

                 मंसूर अली खां पटौदी  को   दिसंबर 1961  में इंग्लैंड के खिलाफ फिरोजशाह कोटला में अपना पहला टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला | इस मैच में वह अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाए लेकिन कोलकाता में अगले मैच में उन्होंने 64  रन बाए और भारत ने यह मैच 187  रनों से जीत दर्ज की | चेन्नई में उन्हों ने 103  रनों  की पारी खेली और खुद को मैच विजेता साबित किया था | इस पारी में उन्हों ने 14  चौके और 2  छक्के लगाये थे | इंग्लैंड के खिलाफ 1964  में दिल्ली में  खेलते हु अपने जीवन का यादगार उच्चतम स्कोर नाबाद 203  रन बनाया | दाए हाथ के बल्लेबाज पटौदी को 21 साल की उम्र में ही टीम की कप्तानी सौंप दी गई थी | जो एक संयोग था वेस्टइंडीज के दौरे पर नियमित कप्तान नारी कांट्रैक्टर चोटिल हो गए तो  21 साल की उम्र में पटौदी को  टीम  इंडिया की कप्तानी सौंप दी गई थी |

आल राउंडर
मंसूर अली खां पटौदी दाए हाथ के बल्लेबाज औए दाए हाथ के माध्यम गाती के गेदबाज  थे | 

कप्तानी 
44 टेस्ट मैचो में भारत की कप्तानी की है | उनकी कप्तानी में भारत ने विदेश में पहली टेस्ट जीत के साथ कुल 9 टेस्ट जीत की |

टेस्ट करियर 
मैच - 46      रन - 2793   उच्चतम स्कोर - 203  (नाबाद ) औसत - ३४.91   100 - 06   50 - 16 

जीते मैच का  प्रदर्शन
जीते मैच   - 12      रन - 846   उच्चतम स्कोर - 113 औसत - 40.२८   100 - 02    50 -06

हारे  मैच का  प्रदर्शन
 हारे मैच   - 19      रन -1298  उच्चतम स्कोर -148 औसत - ३६.05   100 -0 2    50 -09

ड्रा  मैच का  प्रदर्शन
 ड्रा मैच   - 15     रन -649  उच्चतम स्कोर - 203  (नाबाद ) औसत - 28 .01   100 -0 2    50 -01

कप्तानी में  मैच का  प्रदर्शन
मैच   - 40    रन - 2424 उच्चतम स्कोर - 203  (नाबाद ) औसत -34 .14   100 -05    50 -13

दूसरी कप्तानी में मैच का  प्रदर्शन
 मैच   - 06     रन -369  उच्चतम स्कोर - 103  औसत -41.00 100 -01    50 -03

               1973 में वापसी कर उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ पाच मैचो की कप्तानी की थी | इन मैचो में उनका प्रदर्शन  अच्छा नहीं रहा और उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया | इसके बाद उन्होंने क्रिकेट से सन्यास ले लिया | मंसूर अली खां पटौदी का क्रिकेट का आखिरी दिन अच्छा नहीं गया अगर इस बात का ध्यान न दिया जाय थे हम पाएंगे की मंसूर अली खां पटौदी ने क्रिकेट जगत की काफी सेवा की है | जिसके लिए भारतीय   क्रिकेट हमेशा आभारी रहेगा | 

मानेन्द्र कुमार भारद्वाज 
इंडिया हल्ला बोल

Tuesday, September 20, 2011

सच्चा कौन ? महबूबा या सुषमा

 

मोदी  का  सदभावना उपवास अभी खत्म  नहीं हुआ था की भाजपा  की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज के दिए गए बयान ने एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया दरअसल  मोदी के सदभावना उपवास के आखिरी दिन भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा था कि एकता परिषद की बैठक में महबूबा ने उन्हें बताया था कि उनके एक दोस्त ने
उनसे कहा था कि वह गुजरात में उद्योग लगाना चाहते थे। मुख्यमंत्री मोदी ने आधे घंटे में ही सारी बातें फाइनल कर दी  थीं। जो आज गुजरात में उद्योग  बन रहा  है | फिर क्या था सुषमा स्वराज के इस  बयान पर कांग्रेश पार्टी में हड़कम मच गई | इस बात का पता जब महबूबा मुक्ति को चला तो सुषमा स्वराज की  बात को खारिज करते हुए पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने कहा  कि उन्होंने राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक में मोदी की प्रशंसा नहीं की थी। उधर, सुषमा स्वराज भी अपने बयान पर अड़ी हुई   हैं। सुषमा का कहना है कि मैंने वही कहा जो महबूबा ने राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक में कहा था।
               महबूबा ने इसपर सफाई देते हुए कहा कि मैंने कभी भी मोदी की प्रशंसा नहीं की थी। महबूबा ने  केंद्र सरकार से अपिल  की है कि बैठक के दौरान उनके भाषण का पूरा टेक्स्ट जारी किया जाए ताकि सच सामने आ सके। उधर इस मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मौका ताड़ते हुए    महबूबा  के ऊपर  लगे मामले के खिलाफ  ट्वीट किया है | जवाब में महबूबा ने कहा है कि  उमर दिन भर में हजार ट्वीट करते हैं और कहते हैं कि निजी जिंदगी में आई उलझनों के बावजूद वह बतौर मुख्यमंत्री कड़ी मेहनत कर रहे हैं।महबूबा मुक्ति ने  उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधते हुए कहा कि  एनआईसी की उस बैठक में वह भी मौजूद थे लेकिन वह 15 दिनों बाद क्यों ट्वीट कर रहे हैं।ऐसे  में  जम्मू- कश्मीर की राजनीति गरमा गई है। ऐसे में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तो शुरू होगया है लेकिन देखना ये है कि सच्चाई आखिर किसकी बात में है | सुषमा स्वराज की बातो में या महबूबा मुक्ति की बातो में |

मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

भेड़ो की राह पर

भेड़ो की राह पर चलाना | मुझे नहीं पता यह कहावत किसने बनाई है , लेकिन मुझे ऐसा लगत है कि इस कहावत  के पिछे जरुर भेड़ो की कोई परेशानी रही होगी | हुआ यह होगा कि जंगल में रहने वाले भेड़ो में से सबसे मोटे - ताजे भेड़ को किसी कौवे ने यह कहा होगा कि हे चितकबरे भेड़ भाई आप  तो बड़े ताकतवर है आप की चर्चा तो दुर- दुर तक होती है | आप को जंगल का राजा  होना चाहिए था | फिर क्या था मोटे चितकबरे भेड़ ने चितकबरे भेड़ो की एक सभा बुलाई होगी और सारे चितकबरे भेड़ एक पहाड़ी के नीचे इकट्ठा  हुए होंगे | मोटे चितकबरे भेड़ ने जगंल का राजा बनने की बात दिल में छुपाते हुए कहा होगा कि मैंने पिछली साल सबसे ज्यादा लोगो से लड़ाई कि है और घास भी ज्यादा चरा है इस बात को मै जंगल में किसी को बताये बगैर कुछ दिन तक घास नहीं चरुंगा इससे लोग खुश हो जायेगे और हमारे समुदाय का एक भेड़ जंगल का राजा बन जायेगा | बात जंगल का राजा बनने की थी तो सारे चितकबरे भेड़ो ने मान ली लेकिन चितकबरे भेड़ो  में सबसे  बुढा  भेड़ ने मोटे चितकबरे भेड़ की मन्सा को समझ कर कहा मै जंगल में दौड़  लगाउंगा  दरअसल बुढा भेड़  जंगल वालो को यह दिखाना चाहता था कि वह भी जंगल का राजा बन सकता है |
                भेड़ो ने दिन और तारीक निश्चित कर लिए | लेकिन इनके इन बैठक का पता भूरे भेड़ो को लग गई | फिर क्या था मोटे चितकबर भेड़ को जिस दिन से घास नहीं खाना था उसके कुछ देर पहले ही  भूरे भेड़ो का एक सदस्य ने भी घास न खाने कि बात यह कहते हुए कह दिया कि मोटे चितकबरे भेड़ को मै दिखाउंगा कि घास खाए बिना कैसे रहा जाता है और मै उससे कुछ देर ज्यादा बिना घास खाए रहूंगा | आखिर वह दिन भी आ गया मोटे चितकबरे भेड़ ने बिना घास खाए 56 घंटो तक रहा | यह देख भूरे भेड़ ने 78 घंटो तक बिना घास खाए रह कर चिल्लाने लगा भूरे भेड़ ने चिल्ला चिल्ला कर यह कहना शुरू कर दिया कि मोटे भेड़ का भूखा रहना जंगल में रहने  वालो को धोखा  देने के लिए था मै  असल में बिना घास खाए रहा हु | मोटे चितकबरे भेड़  ने जब  देखा  की  उसकी  इस  घास  न चराने वाली  बात  सफल  नहीं हो  रही  है तो  उसने  जंगल  के  हर  पहाड़ी  पर  एक  - एक  दिन  बिना  घास  चरे  रहने  की  बात  कह  दी | बात  अभी मोटे चितकबरे भेड़ और भूरे भेड़ की चल रही थी  कि चितकबरे और भूरे भेड़ो के बीच एक नया बखेड़ा शुरू हो गया | मुझे लगता  है हुआ यह होगा कि मोटे भेड़ के आखिरी दिन सभी चितकबरे भेड़ इकट्ठा  हुए होंगे| किसी एक भेड़ ने अपने समुदाय की बड़ाई करते गुए यह कह दिया होगा कि हमारे मोटे चितकबरे भेड़ भाई भूरे भेड़ की वक्त पड़ने पर मदद भी करते है अगर मेरी बात पर विश्वास न हो तो दूर जंगल में रहने वाली भूरी भेड़ से पूछ लो | फिर क्या था भूरे भेड़ो के बीच खलबली मच गई भूरी भेड़ को जब यह पता चला तो उसने कहा कि चितकबरी भेड़ झूठ बोल रही है |
            इन सबकी बात चल ही रही थी कि अपनी हरकतों से लोगो के बीच चर्चा में रहने वाला  दाढ़ी वाले  बन्दर ने भी परिणाम जाने बिना की अच्छा होगा या बुरा  पेड़ से उतर कर जंगल में दौड़ लाने कि बात कर दी ताकि जंगल के जानवर  उसे फिर से सीधा साधा मानने लगे  |  जंगल में जानवरों का भेड़ो के नक्से कदम पर चलने की बात को सुनकर लोग शायद कहने लगे ,  भेड़ो की राह  पर चलना | शायद तब से यह शब्द प्रचलन में आया है |

मानेन्द्र कुमार भारद्वाज
इंडिया हल्ला बोल

Monday, September 19, 2011

अस्तित्व अपनी बनाने की मुझे लड़नी लड़ाई है |


 घर में था छोटा  तो गुलछरे उड़ाता था |
 कोई जो बोले तो उसे मुह चिढाता  था ||
                                हुआ जो बड़ा तो घर छोड़ना पड़ा |
                                दुनिया दारी से जो दो चार होना पड़ा ||
                                बस स्टॉप पर बस का घंटो इन्तीजार   करता हु |
                                तब जा कर एक रुपये की बचत करता हु ||
                                                        अब जा कर रुपये की अहमियत समझ में आई है |
                                                        अस्तित्व अपनी  बनाने की मुझे लड़नी लड़ाई है ||


 नौकरी के लिए दिन भर भटकता हु |
शाम को थक कर जब कमरे पर लौटता हु ||
                                         माँ के हाथो की रोटिया याद करता हु |
                                          मुझे पता है वह दिन नहीं आएगा ||
                                          दुखी होने से ये दिन भी बुरा जायेगा |
                                          दुनिया है एक समुद्र मुझे गोते लगाना है ||
                                           हिम्मत जुटाकर  मुझे पार जाना है |
                                            ऐसे में  मै ने फिर हिम्मत जुटाई है ||
                                                                            अब की बार मै  परचम लहराउंगा |
                                                                            अपनी पहचान दुनिया में बनाउंगा  || 

                                                                                               
                                                                                                                                मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

राहुल ने लिया वनडे क्रिकेट से सन्यास

भरोसे मंद  , दीवार , संकट मोचन  आदि नामो से मशहूर राहुल द्रविड़ ने इंग्लैंड  के खिलाफ कार्डिक के मैदान में १६ सितम्बर २०११ को अपने करियर का आखिरी मैच  खेलते  हुए वनडे मैच से सन्यास ले लिया |  भारतीय  क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन  के परिचायक  बने रहने वाले राहुल हमेसा सचिन तेंदुलकर के बल्लेबाजो  के साये से निकल नहीं सके | इंग्लैंड के खिलाफ वनडे श्रृखला में करीब चार साल के चयन के बाद द्रविड़ ने इंग्लैंड के दौरे के बाद कोई भी वनडे न खेलने का फैसला कर लिया | राहुल ने अब तक ३४३ वनडे मैच खेले है | जिसमे उन्होंने ३९.०६ के औसत से १०८२० रन बना चुके है |

तीन अप्रैल १९९६ को वनडे में पदार्पण 
३ अप्रैल १९९६ को सिंगर कप के दौरान अपने करियर की शुरुवात  राहुल ने श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए किया | जिसमे उन्होंने १५ रन बनाये | कौन जानता था कि १५ रन बनाने वाला यह बल्लेबाज १५ सालो तक देश की तरफ से खेलेगा | राहुल ने इन १५ सालो में ३९ के औसत से १०८२० रन बनांये | राहुल ने  इन १५ सालो में क्रिकेट जगत की हर तरह से सेवा की है , चाहे वह बल्ले बजी हो या विकेट कीपिंग हो | 

राहुल के नाम  रिकार्ड  
वनडे मैच में द्रविड़ के नाम कई रिकार्ड दर्ज है | उन्होंने १९९९ में हैदराबाद में सचिन के साथ खेलते हुए दुसरे विकेट के साझादारी के लिए ३३१ रन बनाये जो आज भी वनडे मैच में एक विश्व रिकार्ड है | राहुल ८ बल्लेबाजो में  से एक है जिन्होंने एकदिवसीय मैच में दस हजार से ज्यादा  रन बनाया है | राहुल के नाम हैदराबाद में २००३ न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलते हुए २२ गेदो में अर्ध्द शतक बनाया जो भारत का दूसरा सबसे तेज अर्ध्द शतक है |  राहुल ने ८३ अर्ध्द शतक और १२ शतक लगाये है | 
राहुल ने वनडे मैच से सन्यास तो ले लिया है लेकिन वह टेस्ट मैच अभी भी खेलेंगे | राहुल  ने अब तक १५७ टेस्ट खेले है जिसमे उन्होंने ५३ की औसत से १२७७५ रन बना चुके है | राहुल जैसे खिलाडी की कमी भारत को जरुर खलेगी जिसकी जगह शायद ही कोई ले सकता है | 
                                                                                     
मानेन्द्र भारद्वाज 
इंडिया हल्ला बोल


याद आता है वो बचपन सुहाना

          याद आता है वो बचपन सुहाना 
                मिट्टी के टीले पर वो चढ़ कर चिल्लाना 
                    बिना बात के बतंगड़ बनाना 
                        हर एक जिद्द को माँ से मनवाना 
                           बापू के आहट से पढ़ने बैठ जाना 
            याद आता है वो बचपन सुहाना 

           भाइयो का बहनों को चुड़ैल कह कर बुलाना 
               उनकी इन बातो को बहनों को बताना 
                     फिर आपस में उनको लडाना  
                           मार के डर से बापू को बुलाना 
                                बापू का आकर मुझे बचाना 
                                    भाइयो के डाट पर मेरा मुश्कुराना
             याद आता है वो बचपन सुहाना 

                 हाथ की कलाई पर राखी बधवाना
                       मेरी हर हरकत को उनका माफ़ कर जाना 
                              बड़ी बहन का वो मेरा सिर सहलाना 
                  याद आता है वो बचपन सुहाना 
                                                                            मानेन्द्र कुमार भारद्वाज 

Saturday, September 17, 2011

आगरा के जय हॉस्पिटल में हुआ धमाका



अभी दिल्ली ब्लास्ट की गुथी सुल्छी नही थी कि सायं 5.30 बजे आगरा के एक निजी अस्पताल में धमाका हो गया |आगरा-दिल्ली रोड पर बाइपास स्थित जय हॉस्पिटल धमाका हुआ |  धमाका ताजमहल से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर है। धमाका इतना तेज था कि अस्पताल की खिड़कियां बिखर गई।सूत्रों के मुताबिक धमाके में कम से कम 15 लोग जख्मी हुए है।प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक अस्पताल में रिसेप्शन काउंटर के करीब कुर्सी के नीचे थैले में बम रखा गया था।आइजी पीके तिवारी, डीएम अजय चौहान, डीआइजी असीम अरुण ने मौके पर पहुंच कर तथ्यों की जानकारी ली। विस्फोट के कुछ देर बाद पुलिस अस्पताल पहुंच गई।धमाके में विस्फोटक के इस्तेमाल होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की पड़ताल के लिए फॉरेंसिंक एक्सपर्ट और एटीएस की टीम मौके पर पहुंच चुकी है।जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुट गई हैं कि विस्फोटकिसने कर वाया था | पुलिस सूत्रों के मुताबिक घायलों में एक ही हालत नाजुक बनी हुई है।
                                                                                            मानेन्द्र कुमार भारद्वाज 

सद्भावना उपवास या विकाश की बात ?



गुजरात  विश्व विद्यालय के  प्रदर्शनी हाल  में आज सुबह १० बजे से नरेन्द्र मोदी ३ दिन के लिए सद्भावना उपवास पर बैठ गए है | मंत्रो के उच्चारण के बीच नरेन्द्र मोदी ने अपने अनशन कि शुरुवात की  | इस मौके पर आडवाणी , प्रकाश सिंह बादल ,अरुण जेटली एवं अन्य नेताओ के अलावा तमाम धर्मो के धर्म गुरु भी वहा उपस्थित थे | मोदी ने मंच पर भाषण शुरू करने से पहले भारत माता की जय  का नारा लगाया |मोदी ने वहा पर उपस्थित सभी लोगो का धन्यवाद किया | लोगो को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि देश और विदेश में गुजरात कि सफलता कि चर्चा हो रही है | ग्रामीण विकास , शिक्षा क्षेत्र में बदलाव हुआ है | 
            २००१ में आए भूकंप की त्रासदी के बाद भी गुजरात एक बार फिर अपने कदमों पर खड़ा हुआ। गुजरात ने हर मुश्किलों का बखूबी से सामना किया है | वर्ड बैंक रिपोर्ट का कहना है कि इस प्रकार के प्राकृतिक आपदा से सात  सालो तक असर रहेगा लेकिन हम   खड़े हुए और दौड़ाने लगे | कुछ लोग हमारा साथ देने के वजय हमारे नसीब पर छोड़ दिया लेकिन हम सबको साथ लेकर चले और आज गुजरात नई उचाइयो को छुआ है | अक्षर धाम पर हुए हमले से सबको ये लगा था कि गुजरात एक बार फिर आग कि लपटों में झुलस जाएगी लेकिन गुजरात कि ६ करोड़ जनता ने इस घटना के बाद शांति एकता और सद्भावना का परिचय दिया | 
          2008 में एक बार फिर सीरियल  बम धमाके एक के बाद एक हो रहे थे  जिससे गुजरात लहूलुहान  हो गया था | लगा गुजरात नहीं बचेगा लेकिन लोगो ने  शांति संकल्प भाई चारा दिखाया | जिसका आज ये परिचय  है कि हम आज विकाश के नयी नयी उचइयो को छुआ है |

 मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

Friday, September 16, 2011

मोदी सन्यास ले तब दाग धुलेगा-शंकर सिंह वाघेला



                                          
गुजरात में शनिवार से तीन दिन चलने वाला  सद्भावना उपवाश शुरू होने से पहले ही कांग्रेश के नेता शंकर सिंह वाघेला ने मोदी के पहले ही सुबह ९:०० बजे ही अहमदाबाद में गाँधी आश्रम पर उपवास पर बैठ गए | वाघेला ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सद्भावना उपवाश नहीं शुध्दिकरण कर रहे है | उनका ये उपवास गुजरात दंगे के लिए माफ़ी मांगने के लिए हो रहा है | मोदी को माफ़ी तभी मिलेगी जब वह सन्यास  ले तब दाग धुलेगा | गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला ने कहा, 'हमें मार्केटिंग की जरूरत नहीं है। मैंने किसी केंद्रीय नेता को नहीं बुलाया है और वे आएंगे भी नहीं। अनशन करने का फैसला मेरा अपना फैसला है। क्या अन्ना हजारे ने किसी से पूछकर अनशन किया था? वही कांग्रेश के नेता शक्ति सिंह गोपाल ने कहा कि जो सत्ता चला रहा है वह क्यों उपवाश रख रहा  है  ? वही बघेला ने  ये कहा कि मेरा उपवास   मोदी के उपवास के बाद ही ख़त्म होगा |
मानेन्द्र कुमार भारद्वाज
इंडिया हल्ला बोल 

बाबा रामदेव है हॉट - राखी सावंत

              

सुर्खियों में बने रहना राखी सावंत के लिए कोई नई बात नहीं है |  विवादों का तो राखी सावंत का चोली दावान का साथ है | अभी हाल ही में राखी सावंत ने एक टीवी पर बाबा रामदेव से शादी करने का प्रस्ताव रखा | राखी सावंत ने कहा की रामदेव काफी हट लगते है | इसलिए मै उनसे शादी करना चाहित हु | मैने उनका ब्रह्मचर्य तोड़ने की ठान ली है | राखी ने कहा जिस तरह विस्वामित्र की तपस्या  मेंनिका ने भंग की थी उसी तरह मै भी रामदेव की तपस्या भंग कर दूंगी | राखी ने कहा की अगर बाबा रामदेव बिग बॉस के घर में आयेंगे तो यह मेरी अदाओ के घायल हो जाएंगे | अगर हिम्मत हो तो बिग बॉस के घर में  रह के दिखा दे  | इतना ही नहीं राखी सावंत ने कहा की मै बाबा रामदेव की दाढ़ी भी कटवाना चाहूंगी ताकि मुझे पता चले की रामदेव बाबा बिना दाढ़ी के कैसे दिकाते है | ये बात जब बाबा  रामदेव को पता चली तो उन्होंने राखी हो फटकार लगते हुए कहा की राखी को पब्लिसिटी के लिए किसी  बाबा का सहारा  नहीं लेना चाहिए | अगर मेरे नाम लेकर अपने शो का प्रमोशन करना चाहती है तो यह काफी ओछी हरकत है | 
                                                                             मानेन्द्र कुमार भारद्वाज 
                                                          

मंहगाई की मार जनता हुई बेहाल

                                       
मंहगाई से अभी निजत  मिला नही था की सरकार ने मंहगाई के खिलाफ बोलने वाले जनता के मुह पर एक जोरदार थपड पेट्रोल के दाम में बढ़ोतरी कर के जड़ दिया | दरअसल ४ महीनो में तेल कंपनियों ने दूसरी बार तेल के  दाम में बढ़ोतरी की है | जिससे तेल की कीमत ३.१४ और बढ़ गया | अगर बात तेल कंपनियों की बात  कीजाय तो उनका कहना  है की तेल में बढ़ोतरी कच्चे तेलों के दाम बढ़ने से है |२६ जून २०१० से १५ सितम्बर २०११ तक तेल की कुल वृद्धि १८.७४ हो गया है | 
         अगर बात खान पिन की कीजये तो  दूध, चाय,सब्जी चीनी ये  सब बहुत पहले से ही लोगो के थाली से धीरे धीरे गायब हो रही थी  | ऐसे में रसोई गैस की कीमतों में होने वाले  इजाफा से  ऐसा लगता है लोगो को खाना खाने और पकाने दोनों के लाले पड़ने वाले है | अगर  मंहगाई का यही हल रहा तो वह दिन दूर नहीं जब देश में खाने के लाले पड़ जायेंगे | कभी गरीब परिवारों के पास जब खाने को नहीं होता था तो नमक रोटी खा लेते थे लेकिन मंहगाई को देख कर ऐसा लगता है की लोगो को नमक रोटी भी नशीब नहीं होगी | आलू और प्याज हर घर की जरूरत है। पिछले साल जून की तुलना में प्याज के दाम दोगुनी रफ्तार से बढ़े हैं तो आलू के दाम में डेढ़ गुना इजाफा हुआ है।ऐसे में आने वाले  दिनों   में  रसोई    गैस बढ़ने  की बात लोगो की कमर  तोड़  कर रख दी है |

                                                                           मानेन्द्र कुमार भारद्वाज
                                                                            

Monday, September 12, 2011

मोदी का दावान पाक या निष्पाक ?

     गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर २००२ के गुजरात दंगे  में  कांग्रेस के पूर्व सांसद अहसान जाफरी सहित 37 लोग जिन्दा जलने कि घटना सांसद अहसान जाफरी की विधवा की ओर से मोदी के खिलाफ दायर किया था | याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम  कोर्ट  ने  सुनवाई केलिए निचली अदालत को निर्देश दिया । जिसे लेकर भाजपा काफी खुश दिखी   | अपनी ख़ुशी का इजहार करते हुए सुषमा स्वराज ने ट्विट किया कि '' नरेंद्र भाई ने आज अग्नि परीक्षा पास कर ली है। उन्हें मेरी हार्दिक बधाई। सत्यमेव जयते। वर्षों बाद आज सत्य की विजय हुई।'' 
वही सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद मोदी ने ट्विटर पर लिखा, ‘गॉड इज ग्रेट ।’
    
कांग्रेश ने  कहा कलंक मिटाना कठिन

जहा  भाजपा  पार्टी इस बात को लेकर काफी खुश नजर आ रही थी वही कांग्रेश प्रवक्ता राशिद अल्वी ने  कहा नरेंद्र के माथे पर लगा कलंक मिटाना कठिन होगा | पूरा देश उनसे  वाकिफ है  | वह गुजरात में सम्प्रदाइक   हिंसा  रोक नहीं पाए थे |
   
क्या था आरोप  ?
   
 २००२ के गुजरात दंगे  में  कांग्रेस के पूर्व सांसद जाफरी सहित 37  लोगो को गुलबर्ग सोसायटी  में जिन्दा जलने कि घटना सांसद अहसान जाफरी की विधवा की ओर से मोदी के खिलाफ दायर किया था | वही गुजरात के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, संजीव भट्ट ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया  था कि वह 2002 में हुए गोधरा मामले के बाद मुसलमानों को सबक सिखाना चाहते थे। दरअसल अधिकारियो ने ये कहा था कि मोदी ने वरिस्ट अधिकारियो से ये कहा था कि '' गोधरा में साबरमती एक्स प्रेस जलने के बाद हिन्दूओ की भावनाए उबल  रही है और यह आवश्यक है कि उन्हें अपना गुस्सा उतारने की छूट दी जाए।| भट्ट ने मुख्यमंत्री के हवाले से अपने हलफनामे में कहा वक्त की मांग है कि मुसलमानों को सबक सिखाया जाए, ताकि इस तरह की घटनाएं न दोहराई जाएं।''

सुनवाई राज्य से बाहर हो   

जाकिया जाफरी ने अपनी याचिका में गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार मामले में मोदी की भूमिका की जांच कराने और मामले की सुनवाई राज्य से बाहर किसी विशेष अदालत में कराने का आग्रह किया था। दरसल जाकिया जाफरी का मानना था की राज्य के अंदर सुनवाई होने से पक्ष पात हो सकता  है  |

 कोर्ट ने क्या कहा ? 

  कोर्ट ने पूर्व सांसद अहसान जाफरी की विधवा की ओर से मोदी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के लिए निचली अदालत को निर्देश दिया।  न्यायालय ने कहा कि जाकिया की शिकायत पर निर्णय लेने से पहले अदालत उन्हें नोटिस जारी करेगी और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।

                  कोर्ट के इस फैसले से भाजपा के ने   ता  तो काफी खुश थे लेकिन पूरा  निर्णय तो निचली  अदालत के फैसले के बाद ही होगा जिसमे अदालत मोदी को नोटिस जारी करेगी जिसमे ये तय  होगा कि मोदी का दावान  पाक है या निष्पाक है | 

                                                                              मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

Saturday, September 10, 2011

टीम इंडिया की लार्ड्स पर होगी लाज बचाने की कोशिशि

टीम इंडिया रविवार को लार्ड्स के मैदान पर चौथे वनडे में अपनी लाज  बचाने के लिए उतरेगी | वनडे सीरीज में 0-2 से पिछड़ रही टीम इंडिया के लिए सीरीज बचाने के लिए इस मैच में जीत दर्ज करना बेहद जरूरी है। तीसरे वनडे में हार के बाद अब तक वो इंग्लैंड से लगातार 7 मैच हार चुका है। अब भारतीय टीम अगला मैच लार्ड्स के मैदान पर चौथे वनडे के रूप में खेलेगी जहां से उसने इस दौरे की ऐतिहासिक शुरुआत की थी।मौजूदा दौरे में अब तक इंग्लैंड के दमदार प्रदर्शन और भारत के चोटों से जूझने के कारण टीम इंडिया की राह आसान नहीं होगी। लेकिन  उम्मीद है भारतीय टीम यहां जीत दर्ज कर इस बुरे दौरे की पहली जीत दर्ज करेगी!  टीम में आलराउंडर रविंदर जडेजा के शामिल होने के बाद भारतीय कप्तान धौनी का मानना है कि उनकी टीम में इंग्लैंड का सामना करने के लिए जरूरी संतुलन है। जडेजा ने तीसरे वनडे में बल्ले और गेंद दोनों से अच्छा प्रदर्शन किया था और उन्हें मैन आफ द मैच भी चुना गया। चोटिल गौतम गंभीर के विकल्प के तौर पर टीम में शामिल जडेजा शुक्रवार को ही इंग्लैंड पहुंचे थे और उन्होंने 78 रन की पारी खेलने के अलावा दो विकेट चटकाकर अपना प्रभाव भी छोड़ा। पांच वनडे मैचों की सीरीज में 1 मैच रद्द होने के बाद इंग्लैंड ने 2 मैच जीत सीरीज में  बढ़त ले ली है। लेकिन जब भारत  इंग्लॅण्ड के खिलाफ  लार्ड्स के मैदान पर चौथे वनडे मैच में उतारेगी तो उसकी पुरजोर कोशिशि अपनी लाज बचाने की होगी साथ ही साथ सीरिज को ड्रा करने के लिए  भारत को अंतिम दोनों मैच जीतने होंगे। 
                                                                                                              मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

Wednesday, September 7, 2011

गलती किसकी है ?

           अन्ना हजारे को कौन नही जनता | आज छोटा सा  बच्चा भी अन्ना को पहचानता है | वह यह नहीं जनता की अन्ना कौन है ? क्या  करते है ? लोग उनकी चर्चा क्यों करते है |  लेकिन वह इतना तो जरुर जनता  है कि ये सफ़ेद धोती कुर्ता पहनने  वाला व्यक्ति करीब एक  महीने से लगातार टी.वी  पर आ रहा   है |  ऐसे में मेरे  दिमाग में ये  प्रश्न  उठता है कि क्या उस समय देश में और कोई दूसरी घटना नहीं घट रही थी | अगर हा तो उन्हें क्यों नहीं दिखाया गया | आखिर  सारे न्यूज़ चैनल क्यों अन्ना हजारे को दिनो रात लाइव टेलीकास्ट कर रहे थे |  मै अन्ना हजारे का विरोधी नहीं हु मै केवल इतना  कहना  चाहता हु कि मीडिया  का काम केवल आमिर खान कि फिल्म  पिपली लाइव कि तरह  नत्था के पीछे भागना  नहीं है | खैर इस बात को मै यही विराम देना चाहूंगा | मै मीडिया के बखेड़े में नहीं पड़ना चाहता हु क्यों की मुझे मालूम  है कि मीडिया वह  शक्ति है जिसे चाहे अर्श से फर्श तक और फर्श से अर्श तक पंहुचा  सकती है | इसके लिए मुझे नही लगता है कोई उदहारण देने की  आवश्यकता  है |
               आज पिछले १० सालो से  मणिपुर की इरोम शर्मीला सशत्र सुरक्षा विशेषाधिकार कानून के लिए भूख हड़ताल कर रही है , लेकिन सरकार है कि उनकी कोई बात  सुनने को तैयार नहीं है | क्यों ? क्यों की उनके पास न अन्ना हजारे की तरह भीड़ है और न ही  मीडिया का  जमघट  है |  बहुत से लोग कहेंगे कि ऐसी बात  नहीं है , तो मै उनसे यह पूछना चाहूंगा कि अगर ऐसा नहीं होता तो किसी की बात को सरकार को मानने में  महज १२ दिन लगते है और  किसी की बात १० साल के बाद भी नहीं मानी जाती |  हद तो तब हो  जाती है जब कोई अपनी छोटी सी बात को सरकार से मनवाने  के लिए अपने  प्राण  तक त्यागने पड़ते  है लेकिन सरकार के कान पर जू तक नहीं  रेंगती है | खैर बात कुछ भी हो लेकिन   इतनी बात तो तय है कि जिसकी लाठी उसी की भैस | अगर  आप के पास भीड़ हो शक्ति हो तो आप की बात हर कोई मानेंगा  | शायद स्वामी निगम नन्द के भूख हड़ताल में यही कमी रह गई थी कि उनके पास भीड़ नहीं थी | अगर होती तो शायद स्वामी निगमानंद को  हरिद्वार के घाट पर  गंगा में अवैध खनन और हो रहे अतिक्रमण को  रोकने के लिए  ११५ दिन भूखे रह कर आपने  प्राणों कि आहुति नहीं देनी पड़ती लेकिन ऐसा हुआ नहीं |
           इस घटना में मै ना  मिडिया को दोषी मानता हु न ही सरकार को न ही जनता  को क्यों कि अगर सरकार को होने वाली घटना के बारे में सूचना नहीं  मिलेंगी  और जनता जनार्दन का जब तक दबाव नहीं होगा तब सरकार बात मानने वाली तो है नहीं  | दूसरी बात जब तक आप के पास भीड़ न हो तब तक मीडिया आप के पास आने वाली  है नहीं भले ही आप का अनशन या आन्दोलन गाधीवादी तरीके से क्यों न हो | तिसरी बात मीडिया जो दिखाती है हम उसी को  सच्चाई मान कर भीड़ के पिछे  भेड की तरह चल देते है न दाए देखते है न बाये इसमें मीडिया का भी दोष नहीं है क्यों की हम और आप अकेले शांति तरीके से आन्दोलन करने वालो के साथ नहीं जुड़ते है | तो प्रश्न   उठता  है कि गलती किसकी  है ? जनता की सरकार  की,मीडिया की या तीनो की है ?

                                                                                       मानेन्द्र कुमार भारद्वाज 

Sunday, September 4, 2011

अधिनियम १४ के उलंघन पर रामदेव को नोटिस

 रामदेव  पर  अभी  फेमा  का  मामला  सुलझा  भी  नहीं   था   की  अधिनियम १४ के उलंघन    करने  पर  रामदेव को नोटिस भेज  दिया  गया   |
        अधिनियम १४ अंतर्गत अगर कोई विदेशी किसी होटल या आश्रम में  रुकता है तो इसकी सूचना सरकर   के   महकमे  को देना होता है जिस रामदेव ने उलंघन  किया है | रामदेव   के  आश्रम  से  २  विदेशी  गायब  होने  से एक  नया  बखेड़ा  खड़ा  होगया  है  | जिससे  रामदेव को २४ घंटे  के अन्दर जानकारी मुहैया करनी होगी | दरअसल कुछ महीनो पहले बंगलादेश  से क्रांति नाम का १६ वर्षीय  लड़का अपने माता पिता और बहन के साथ  इलाज करने  आया  था जो इलाज  के  दौरान  उनके ही आश्रम में रहते थे | इलाज  बाद पिता पुत्री  तो  घर  लौट  गए    लेकिन  क्रांति और उसकी माँ कई महीनो के बाद नहीं लौटने पर लडके के पिता ने बंग्लादेश  दूतावास को सूचित   किया  जिससे  बंग्लादेश सर्कार हरकत   में   आई  | जिससे  रामदेव की मुसीबत  भड   गई  है |   अधिनियम १४ के अंतर्गत रामदेव को नोटिस में  उनकी   सुचना मांगी   गई है |  अगर  सुचना नहीं दी गई तो रामदेव का आश्रम जहा विदेशी रहते थे शील कर दिया जायेगा  साथ ही साथ रामदेव को सजा भी हो सकती है |

                     मानेन्द्र  कुमार  भारद्वाज 

Saturday, September 3, 2011

फिर हुई किशोरी के साथ छेड़छाड़

  बाराबंकी  बीएसपी नेता  ने  लड़की  के  साथ   की   छेड़छाड़  जिससे  लड़की   ने अपने  अप्प  को  जला  लिया  | घर  वालो   के कई  कोशिशो   के बाद  मामूली   एफआइआर  दर्ज  कर  मामला  रफा  दफा  करने   की कोशिश  की आखिर  क्यों करती  है पुलिस  आम  आदमी   के साथ  सौतेला  व्योहार  ?  
  

टीम अन्ना पर वार ?


      पहले  किरण   बेदी  फिर  प्रशांत भूषण  अब  अरविन्द  केजरीवाल  के  ऊपर  विशेषाधिकार हनन का नोटिस मिला है। जिसका  जवाब  सरकार  ने  माँगा    है  | सरकार ने  इस  तरह  से  एक  के बाद  एक अन्ना   के टीम  के ऊपर चौतरफा  वार     करना   शुरु  कर  दिया    है |.

किरण   बेदी पर  आरोप 
  अन्ना   का अनशन  ख़त्म   हुए   अभी  जुम्मी  जुम्मा  चार  दिन  ही  हुए  थे  की   सरकार ने अन्ना टीम के  पर   चौतरफा  वार  करना शुरु कर दिया जिससे  ऐसा   लगता    है  कि    सरकार अपनी  पराजय   से खाफी  परेशांन   है | हम  आप  को  बता  दे   कि कुछ       दिन पहले    सरकार ने किरण बेदी के ऊपर सांसदों   का अपमान  करने   के लिए  नोटिस   भेजा  गया  जिसमे  उनके  ऊपर ये  आरोप  लगाया  गया  कि रामलीला  मैदान  में  उन्होंने जनता  को घुघट   के अन्दर   से सम्बोधित  करते  हुआ   ये  कहा कि राजनेताओ के न  जाने कितने  चहरे   है | वह  अन्दर कुछ और बहार   कुछ और  कहते   है | बेदी को इसके लिए माफ़ी  मागने   को कहा  गया साथ  ही जवाब देने   के लिए १४  सितम्बर  का समय   दिया गया | जवाब में किरण ने कहा कि वह माफ़ी नहीं  मांगेगी  उन्होंने देश   कि जनता  कि भावनाओ  को व्यक्त  किया  जो   काफी  गुस्से    में थे |

प्रशांत  भूषण   पर आरोप

सरकार ने  प्रशांत  भूषण  के ऊपर विशेषाधिकार हनन का यह आरोप लगाया है कि उन्होंने ने भाषण   के दौरान   ये कहा कि राजनेता    पैसा  लेकर  बिल  पास   करते है | वही  प्रशांत भूषण  ने इस नोटिस  के बारे   में बोलते    हुए कहा कि  इसका जवाब वह   १४  सितम्बर को   देंगे |

अरविन्द केजरीवाल   पर आरोप

 अभी केजरीवाल के ऊपर नौकरी   कि शर्ते   तोड़ने   का अर्रोप  रुका   ही नहीं था   कि सरकार ने एक नया  आरोप लगते   हुए नोटिस भेज  दिया कि उन्होंने विशेषाधिकार का  हनन का किया है |

गोपाल  विस्वास को आयकर  विभाग कि नोटिस  

   आयकर   विभाग ने गोपाल  विस्वास के ऊपर  आय की सम्पति का  विवारण देने के लिए नोटिस भेजा है  | वही  गोपाल का कहना है कि उसके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है | गोपाल पेसे से लेक्चरर है |

अगर सरकार इस तरह की चीजें करना जारी रखती है तो हमें भी अलग रुख अपनाने पर सोचना होगा।
 -अन्ना हजारे    (अरविंद केजरीवाल के नोटिस पर) 

                                                                                     मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

Friday, September 2, 2011

हत्यारों के ख़ानदान के खिलाफ जारी है विरोध

         लीबिया   के  तानाशाह गद्दाफी का परिवार एक  हत्यारों का  परिवार है | दरअसल  इसका  खुलासा तब हुआ जब विद्रोहियों ने गद्दाफी के एक घर  पर   कब्जा कर लिया | तलासी के दौरान उन्हें घर  अन्दर एक बाथरूम में एक अध जली औरत मिली जो गद्दाफी  की बहु एलिना की नौकरानी है | हम  आप   को  बता दे   की एलिना गद्दाफी के बड़े बेटे हनेबुल की  पत्नी है | एलिना माडलिंग करती थी जिसने बाद में हनेबुल से  शादी कर ली |
जालिम  बहु    
      विद्रोहियों के द्वारा पकडे गए नौकरानी से जब ये पूछा गया की  उसकी ये हालत  किसने की है तो उसने दिल दहला देने वाली सचाई   बयाँ की | उसने  बताया की वह  गद्दाफी की बहु  एलिना की  नौकरनी है | उसका नाम   श्वेता  है |वह पिछले एक साल से नौकरी  कर  रही   थी |   पहले सब ठीक था लेकिन जब से गद्दाफी के खिलाफ विद्रोह  छिड़ा है  तब से उनका व्यवहार ही   बदल गया था  | ४ दिन पहले एलिना का बेटा रो रहा था  जो चुप करने पर  नही चुप हो  रहा था | एलिना ने  लड़के  को मरने   को  कहा  मेरे ऐसा न करने पर वह मुझे बाथरूम लेकर गई और मेरा हाथ पाव बाध    कर मुझे बहुत मारा फिर गर्म पानी लाकर मेरे ऊपर डालने  लगी |  किसी को इस  बात  की  भनक न लगे इसके  लिए मुझे बाथरूम में  बंद  कर दिया |
  खुनी बेटा
           दरअसल गद्दाफी का बड़ा बेटा हनेबुल के ऊपर १५० विद्रोहियों को  मारने का  आरोप  है | गद्दाफी के खिलाफ पकडे गए  कुछ   आरोपियों को हनेबुल ने  लाइन में  खड़ा करवा    कर गोली मर दी बाद में किसी को  पता न चले इसके लिए एक  गोदाम में सभी  लासो को जला दिया |  जिसका पता बाद में चला |
खूंखार  पत्नी 
        बात गद्दाफी की पत्नी की  जाय तो  वह भी कुछ   कम  नही है  प्राप्त  तस्वीर के अनुसार उसे  अजगरो के साथ फोटो खिचवाना ज्यादा पसंद है |
हैवान कमांडर 
 गद्दाफी    की  तरह की उसके कमांडर भी हैवान थे | गद्दाफी की एक कमांडर नसरीन ने ये खुलासा  किया है की गद्दाफी के कमांडर  काफी    हैवानियत से भरे  हुए थे | ये  रास्ते में   मिलाने वाली  महिलाओ के साथ बलात्कार  करते थे |   बच्चो  के मिलाने पर उन्हें टैंको पर बिठा देते थे | यही नहीं  सीनियर कमांडर महिला  कमांडो के साथ बलात्कार  करते थे |  
  गद्दाफी  खुबसुरत  महिलाओ के साथ  करता था बलात्कार  
गद्दाफी  खुबसुरत  महिलाओ के साथ  बलात्कार    करता था | जो उसका विरोध करता उसके परिवार   वालो को मार  देता   | बाद में  इन  खुबसूरत महिलाओ अपना अंगरक्षक बना   लेता था |  इसका खुलासा गद्दाफी कि सबसे खुबसूरत अंगरक्षिका  नसरीन ने किया  | हम आप  को बता  दे की  गद्दाफी महिला कमांडो को भी  लड़ने के लिए मजबूर करता | ऐसा न करने को जो मन करती उसे विद्रोहियों की तरह सजा देने की  धमकी देता |      विद्रोहियों के  हमले के दौरान नसरीन गद्दाफी से छुटकारा  पाने के लिए तीन  मंजीले  के इमारत से  कूद गई जिसे विद्रोहियों ने पकड़ लिया विद्रोही इसे क़ानूनी सजा  देना  चाहते थे | जिसके कारण उसे  इलाज  के लिए एक  अस्पताल में  भारती करा दिया |   इलाज  के दौरान उसने जो खुलासे किये उससे सबकी रूह काप गई |   जिसके कारण उसकी सजा  माफ़ कर दी गई | 
 कहा है गद्दाफी और उसका परिवार  
 गद्दाफी के करीबी एक  दोस्त के  बेटे  अबू  सलीम की  मने तो गद्दाफी को उसने २६ अगस्त को  देखा था | जो अपने बेटे को खोजते हुए  वहा पर  आया था | करीब  १० से १५ मिनट  रुकने के बाद  वह चला गया | ऐसा माना जा रहा है की गदाफी इसके बाद लीबिया  की राजधानी  त्रिपोली को  छोड़ कर अल्जीरिया  चला गया है |
  गद्दाफी  को ख़त्म करना जरुरी
   गद्दाफी के खिलाफ विद्रोह अब भी  जारी है | विद्रोहियों की माने तो गद्दाफी को ख़त्म करना जरुरी है | अगर ऐसा नही किया गया तो गद्दाफी जब वापिस आयेगा तो वह इतना शक्तिशाली  हो   जायेगा  की उसे हराना मुश्किल   ही नहीं न  मुमकिन हो जायेगा | 
               फ़िलहाल विद्रोह  अभी जारी है गद्दाफी कहा है इस  खबर का पता अभी सही तरीके से नहीं चल सका है |