
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अली खां पटौदी का दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वह 70 वर्ष के थे और कई महीनों से फेफड़ों के संक्रमण से पीड़ित थे। पटौदी के निधन पर भारतीय क्रिकेट समुदाय ने गहरा दुख व्यक्त किया |
सचिन तेंदुलकर ने पटौदी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि , 'क्रिकेट जगत को इस नायक की बहुत कमी खलेगी। मुझे उनसे कुछ अवसरों पर मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। विश्व क्रिकेट को उन जैसे नायक की कमी खलेगी। मैं वास्तव में उनका बहुत सम्मान करता था।'
गावस्कर ने पटौदी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि 'यह बहुत दुखद समाचार है। कुछ सप्ताह पहले ही हमने पटौदी को इंग्लैंड में ट्राफी के लिए पुरस्कार वितरण समारोह में देखा था और वह अच्छे दिख रहे थे। इसलिए यह खबर सकते में डालने वाली है।'
मोहिंदर अमरनाथ ने उनके निधन पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि ' वह एक शानदार व्यक्ति थे और देश के बेहतरीन राजदूत थे | वह 60 और 70 के दशक में खेलने वाले क्रिकेटरों से काफी अलग थे | वह क्रिकेट में काफी आक्रमकता लेकर आये | मै उनकी कप्तानी में खेला था | वह ज्यादा नहीं बोलते थे | वह पाजीटिव रहते थे और मैदान पर जोखिम उठाने को तैयार रहते थे | '
मंसूर अली खां पटौदी को दिसंबर 1961 में इंग्लैंड के खिलाफ फिरोजशाह कोटला में अपना पहला टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला | इस मैच में वह अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाए लेकिन कोलकाता में अगले मैच में उन्होंने 64 रन बाए और भारत ने यह मैच 187 रनों से जीत दर्ज की | चेन्नई में उन्हों ने 103 रनों की पारी खेली और खुद को मैच विजेता साबित किया था | इस पारी में उन्हों ने 14 चौके और 2 छक्के लगाये थे | इंग्लैंड के खिलाफ 1964 में दिल्ली में खेलते हु अपने जीवन का यादगार उच्चतम स्कोर नाबाद 203 रन बनाया | दाए हाथ के बल्लेबाज पटौदी को 21 साल की उम्र में ही टीम की कप्तानी सौंप दी गई थी | जो एक संयोग था वेस्टइंडीज के दौरे पर नियमित कप्तान नारी कांट्रैक्टर चोटिल हो गए तो 21 साल की उम्र में पटौदी को टीम इंडिया की कप्तानी सौंप दी गई थी |
आल राउंडर
मंसूर अली खां पटौदी दाए हाथ के बल्लेबाज औए दाए हाथ के माध्यम गाती के गेदबाज थे |
कप्तानी
44 टेस्ट मैचो में भारत की कप्तानी की है | उनकी कप्तानी में भारत ने विदेश में पहली टेस्ट जीत के साथ कुल 9 टेस्ट जीत की |
टेस्ट करियर
मैच - 46 रन - 2793 उच्चतम स्कोर - 203 (नाबाद ) औसत - ३४.91 100 - 06 50 - 16
जीते मैच का प्रदर्शन
जीते मैच - 12 रन - 846 उच्चतम स्कोर - 113 औसत - 40.२८ 100 - 02 50 -06
हारे मैच का प्रदर्शन
हारे मैच - 19 रन -1298 उच्चतम स्कोर -148 औसत - ३६.05 100 -0 2 50 -09
ड्रा मैच का प्रदर्शन
ड्रा मैच - 15 रन -649 उच्चतम स्कोर - 203 (नाबाद ) औसत - 28 .01 100 -0 2 50 -01
कप्तानी में मैच का प्रदर्शन
मैच - 40 रन - 2424 उच्चतम स्कोर - 203 (नाबाद ) औसत -34 .14 100 -05 50 -13
दूसरी कप्तानी में मैच का प्रदर्शन
मैच - 06 रन -369 उच्चतम स्कोर - 103 औसत -41.00 100 -01 50 -03
1973 में वापसी कर उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ पाच मैचो की कप्तानी की थी | इन मैचो में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया | इसके बाद उन्होंने क्रिकेट से सन्यास ले लिया | मंसूर अली खां पटौदी का क्रिकेट का आखिरी दिन अच्छा नहीं गया अगर इस बात का ध्यान न दिया जाय थे हम पाएंगे की मंसूर अली खां पटौदी ने क्रिकेट जगत की काफी सेवा की है | जिसके लिए भारतीय क्रिकेट हमेशा आभारी रहेगा |
मानेन्द्र कुमार भारद्वाज
इंडिया हल्ला बोल
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