गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर २००२ के गुजरात दंगे में कांग्रेस के पूर्व सांसद अहसान जाफरी सहित 37 लोग जिन्दा जलने कि घटना सांसद अहसान जाफरी की विधवा की ओर से मोदी के खिलाफ दायर किया था | याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई केलिए निचली अदालत को निर्देश दिया । जिसे लेकर भाजपा काफी खुश दिखी | अपनी ख़ुशी का इजहार करते हुए सुषमा स्वराज ने ट्विट किया कि '' नरेंद्र भाई ने आज अग्नि परीक्षा पास कर ली है। उन्हें मेरी हार्दिक बधाई। सत्यमेव जयते। वर्षों बाद आज सत्य की विजय हुई।''
वही सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद मोदी ने ट्विटर पर लिखा, ‘गॉड इज ग्रेट ।’
कांग्रेश ने कहा कलंक मिटाना कठिन
जहा भाजपा पार्टी इस बात को लेकर काफी खुश नजर आ रही थी वही कांग्रेश प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा नरेंद्र के माथे पर लगा कलंक मिटाना कठिन होगा | पूरा देश उनसे वाकिफ है | वह गुजरात में सम्प्रदाइक हिंसा रोक नहीं पाए थे |
क्या था आरोप ?
२००२ के गुजरात दंगे में कांग्रेस के पूर्व सांसद जाफरी सहित 37 लोगो को गुलबर्ग सोसायटी में जिन्दा जलने कि घटना सांसद अहसान जाफरी की विधवा की ओर से मोदी के खिलाफ दायर किया था | वही गुजरात के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, संजीव भट्ट ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया था कि वह 2002 में हुए गोधरा मामले के बाद मुसलमानों को सबक सिखाना चाहते थे। दरअसल अधिकारियो ने ये कहा था कि मोदी ने वरिस्ट अधिकारियो से ये कहा था कि '' गोधरा में साबरमती एक्स प्रेस जलने के बाद हिन्दूओ की भावनाए उबल रही है और यह आवश्यक है कि उन्हें अपना गुस्सा उतारने की छूट दी जाए।| भट्ट ने मुख्यमंत्री के हवाले से अपने हलफनामे में कहा वक्त की मांग है कि मुसलमानों को सबक सिखाया जाए, ताकि इस तरह की घटनाएं न दोहराई जाएं।''
सुनवाई राज्य से बाहर हो
जाकिया जाफरी ने अपनी याचिका में गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार मामले में मोदी की भूमिका की जांच कराने और मामले की सुनवाई राज्य से बाहर किसी विशेष अदालत में कराने का आग्रह किया था। दरसल जाकिया जाफरी का मानना था की राज्य के अंदर सुनवाई होने से पक्ष पात हो सकता है |
कोर्ट ने क्या कहा ?
कोर्ट ने पूर्व सांसद अहसान जाफरी की विधवा की ओर से मोदी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के लिए निचली अदालत को निर्देश दिया। न्यायालय ने कहा कि जाकिया की शिकायत पर निर्णय लेने से पहले अदालत उन्हें नोटिस जारी करेगी और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
कोर्ट के इस फैसले से भाजपा के ने ता तो काफी खुश थे लेकिन पूरा निर्णय तो निचली अदालत के फैसले के बाद ही होगा जिसमे अदालत मोदी को नोटिस जारी करेगी जिसमे ये तय होगा कि मोदी का दावान पाक है या निष्पाक है |
मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

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