भरोसे मंद , दीवार , संकट मोचन आदि नामो से मशहूर राहुल द्रविड़ ने इंग्लैंड के खिलाफ कार्डिक के मैदान में १६ सितम्बर २०११ को अपने करियर का आखिरी मैच खेलते हुए वनडे मैच से सन्यास ले लिया | भारतीय क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के परिचायक बने रहने वाले राहुल हमेसा सचिन तेंदुलकर के बल्लेबाजो के साये से निकल नहीं सके | इंग्लैंड के खिलाफ वनडे श्रृखला में करीब चार साल के चयन के बाद द्रविड़ ने इंग्लैंड के दौरे के बाद कोई भी वनडे न खेलने का फैसला कर लिया | राहुल ने अब तक ३४३ वनडे मैच खेले है | जिसमे उन्होंने ३९.०६ के औसत से १०८२० रन बना चुके है |
तीन अप्रैल १९९६ को वनडे में पदार्पण
३ अप्रैल १९९६ को सिंगर कप के दौरान अपने करियर की शुरुवात राहुल ने श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए किया | जिसमे उन्होंने १५ रन बनाये | कौन जानता था कि १५ रन बनाने वाला यह बल्लेबाज १५ सालो तक देश की तरफ से खेलेगा | राहुल ने इन १५ सालो में ३९ के औसत से १०८२० रन बनांये | राहुल ने इन १५ सालो में क्रिकेट जगत की हर तरह से सेवा की है , चाहे वह बल्ले बजी हो या विकेट कीपिंग हो |
राहुल के नाम रिकार्ड
वनडे मैच में द्रविड़ के नाम कई रिकार्ड दर्ज है | उन्होंने १९९९ में हैदराबाद में सचिन के साथ खेलते हुए दुसरे विकेट के साझादारी के लिए ३३१ रन बनाये जो आज भी वनडे मैच में एक विश्व रिकार्ड है | राहुल ८ बल्लेबाजो में से एक है जिन्होंने एकदिवसीय मैच में दस हजार से ज्यादा रन बनाया है | राहुल के नाम हैदराबाद में २००३ न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलते हुए २२ गेदो में अर्ध्द शतक बनाया जो भारत का दूसरा सबसे तेज अर्ध्द शतक है | राहुल ने ८३ अर्ध्द शतक और १२ शतक लगाये है |
राहुल ने वनडे मैच से सन्यास तो ले लिया है लेकिन वह टेस्ट मैच अभी भी खेलेंगे | राहुल ने अब तक १५७ टेस्ट खेले है जिसमे उन्होंने ५३ की औसत से १२७७५ रन बना चुके है | राहुल जैसे खिलाडी की कमी भारत को जरुर खलेगी जिसकी जगह शायद ही कोई ले सकता है |
मानेन्द्र भारद्वाज
इंडिया हल्ला बोल

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