Saturday, September 3, 2011

टीम अन्ना पर वार ?


      पहले  किरण   बेदी  फिर  प्रशांत भूषण  अब  अरविन्द  केजरीवाल  के  ऊपर  विशेषाधिकार हनन का नोटिस मिला है। जिसका  जवाब  सरकार  ने  माँगा    है  | सरकार ने  इस  तरह  से  एक  के बाद  एक अन्ना   के टीम  के ऊपर चौतरफा  वार     करना   शुरु  कर  दिया    है |.

किरण   बेदी पर  आरोप 
  अन्ना   का अनशन  ख़त्म   हुए   अभी  जुम्मी  जुम्मा  चार  दिन  ही  हुए  थे  की   सरकार ने अन्ना टीम के  पर   चौतरफा  वार  करना शुरु कर दिया जिससे  ऐसा   लगता    है  कि    सरकार अपनी  पराजय   से खाफी  परेशांन   है | हम  आप  को  बता  दे   कि कुछ       दिन पहले    सरकार ने किरण बेदी के ऊपर सांसदों   का अपमान  करने   के लिए  नोटिस   भेजा  गया  जिसमे  उनके  ऊपर ये  आरोप  लगाया  गया  कि रामलीला  मैदान  में  उन्होंने जनता  को घुघट   के अन्दर   से सम्बोधित  करते  हुआ   ये  कहा कि राजनेताओ के न  जाने कितने  चहरे   है | वह  अन्दर कुछ और बहार   कुछ और  कहते   है | बेदी को इसके लिए माफ़ी  मागने   को कहा  गया साथ  ही जवाब देने   के लिए १४  सितम्बर  का समय   दिया गया | जवाब में किरण ने कहा कि वह माफ़ी नहीं  मांगेगी  उन्होंने देश   कि जनता  कि भावनाओ  को व्यक्त  किया  जो   काफी  गुस्से    में थे |

प्रशांत  भूषण   पर आरोप

सरकार ने  प्रशांत  भूषण  के ऊपर विशेषाधिकार हनन का यह आरोप लगाया है कि उन्होंने ने भाषण   के दौरान   ये कहा कि राजनेता    पैसा  लेकर  बिल  पास   करते है | वही  प्रशांत भूषण  ने इस नोटिस  के बारे   में बोलते    हुए कहा कि  इसका जवाब वह   १४  सितम्बर को   देंगे |

अरविन्द केजरीवाल   पर आरोप

 अभी केजरीवाल के ऊपर नौकरी   कि शर्ते   तोड़ने   का अर्रोप  रुका   ही नहीं था   कि सरकार ने एक नया  आरोप लगते   हुए नोटिस भेज  दिया कि उन्होंने विशेषाधिकार का  हनन का किया है |

गोपाल  विस्वास को आयकर  विभाग कि नोटिस  

   आयकर   विभाग ने गोपाल  विस्वास के ऊपर  आय की सम्पति का  विवारण देने के लिए नोटिस भेजा है  | वही  गोपाल का कहना है कि उसके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है | गोपाल पेसे से लेक्चरर है |

अगर सरकार इस तरह की चीजें करना जारी रखती है तो हमें भी अलग रुख अपनाने पर सोचना होगा।
 -अन्ना हजारे    (अरविंद केजरीवाल के नोटिस पर) 

                                                                                     मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

No comments:

Post a Comment