Friday, December 16, 2011

पार्टियों का लोकपाल समर्थन एक दिखावा ?



जिस लोकपाल बिल को अन्ना हजारे शीतकालीन सत्र में आने और पारित हाने की उम्मीद लगाये बैठे थे वह उम्मीद अब अन्ना हजारे की टूटती हुई नजर आ रही हैं | जिसके लिए अन्ना हजारे एक बार फिर अनशन पर जाने की बात कहकर यह कोशिश कर रहे है कि सरकार शीतकालीन सत्र के बचे हुए दिनों में बिल को पेश कर पारित करवाएं | जो नामुमकीन सा दिख रहा है | दरसल संसद का शीतकालीन सत्र 22 दिसंबर को ख़त्म हो रहा है | जिससे बिल का पारित होना आसान  नहीं दिख रहा है | अन्ना का कहना है कि अगर लोकपाल बिल पारित होने में ज्यादा समय लगता है तो संसंद को शीतकालीन सत्र को बढाना चाहिए |

अभी पिछले दिनों अन्ना हजारे ने लोकपाल विधेयक को राजनीतिक ताकत दिलाने के लिए जंतर - मंतर पर राजनेताओं के साथ एक दिन का महाबहस किया | जिसमे कई पार्टियों के नेताओं ने पहुँच कर अपना समर्थन लोकपाल बिल के पक्ष में जताया | अन्ना हजारे ने लोकपाल बिल पास होने में होने वाली देरी के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया | जिसके बाद अन्ना हजारे की टीम की कोर कमेटी ने आगे की रणनीति के लिए बैठक किया | जिसमे अन्ना हजारे ने सरकार को यह बताने कि कोशिश की कि अगर 20 दिसंबर को संसद में लोकपाल बिल पर बहस नहीं हुई तो वह 27 दिसंबर को मुंबई में फिर से अनशन शुरू करेंगे |

जिसके लिए केंद्र सरकार ने सभी पार्टियों के नेताओ के साथ लोकपाल के मुद्दे पर बात करने के लिए सर्वदलीय बैठक किया | जिसका नतीजा तो यही दर्शाता है कि अभी निकट भविष्य में आम पार्टियों में सहमती नहीं है | जो नेताओं की तरफ इस बात का इशारा करता है कि हाथी के दांत खाने को कुछ और दिखने को कुछ और है | जो लोकपाल का समर्थन तो करती है लेकिन जब बात आम सहमती की आती है तो वह सहमत ही नहीं होते हैं | ऐसे में कांग्रेस की हालत कुछ ठीक नहीं दिख रही है | क्यों कि कांग्रेस को पता है विरोधी पार्टिया ये नहीं चाहेंगी की लोकपाल पारित हो क्यों कि अगर लोकपाल बिल पारित नहीं होगा तो उन्हें होने वाले चुनाव के लिए एक ऐसा मुद्दा मिल जायेगा जिससे जनमत हासिल करने का एक आसान सा कार्य होगा | जिसके लिए पार्टियों ने तो अन्ना के साथ होने की बात तो कर रहे है, साथ में ये भी कोशिश कर रहे है कि लोकपाल अभी फ़िलहाल शीतकालीन सत्र में पास न हो | शायद यही वजह है कि अब तक कई राज्यों के मुख्य मंत्री ने अन्ना के साथ होने की बात कह कर आगामी चुनाव में भ्रष्टाचार और अन्ना के साथ होने की बात उठाकर अपना उल्लू सीधा करेंगे | जिसका एक कारण ये भी हो सकत है कि ये पार्टियों लोकपाल बिल में प्रधान मंत्री , सीबीआई , ग्रुप 'सी' और 'डी' के कर्मचारियों के मामले को उठाकर टालने की कोशिश कर रही हो |

प्रधान मंत्री के मुद्दे को लेकर कुछ पार्टियों का मानना है कि प्रधान मंत्री को लोकपाल के दायरे में नहीं आना चाहिए तो वही ज्यादा पार्टियों का मानना है कि कुछ प्रावधानों और सावधानियों के साथ प्रधान मंत्री को लोकपाल के दायरे में आना चाहिए | कुछ लोग इस बात को लेकर असहमत है कि सीबीआई को लोकपाल को दायरे में नहीं आना चाहिए | वही कुछ पार्टियों का कहना है कि सी बी आई को सरकारी नियंत्रण के मुक्त होना चाहिए लोगों को इस बात के लेकर मतभेद है कि अगर ऐसा हुआ तो सीबीआई का लोकपाल से कैसा संबंद होगा | पार्टियों के बीच मतभेद का एक और मुद्दा है | वह है ग्रुप 'सी' और 'डी' के कर्मचारियों को लोकपाल के दायरे में लाने का | क्यों की टीम अन्ना का कहना है कि भ्रष्टाचार का सामना अधिकांस लोगों को ग्रुप 'सी' और 'डी' के कर्मचारियों से करना पड़ता है | इस लिए इसे लोकपाल के दायरे में लाना चाहिए | वही सरकार इन ग्रुप 'सी' और 'डी' के कर्मचारियों के लिए अलग कानून बनाने के पक्ष में है |

अन्ना हजारे और उनके सहयोगियों के साथ इस समय जनता का समर्थन भले ही हो लेकिन सच्चाई ये भी है कि संसद में जनता के द्वारा भेजे गए सांसदों के द्वारा ही लोकपाल बिल को पारित किया जायेगा | ऐसे में सांसदों का यह दाइत्व बनता है कि सांसद जनता के भरोसे को कायम रखते हुए एक प्रभावी लोकपाल बिल संसद में पेश करे जिससे जनता का भला हो सके |




मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

Wednesday, December 14, 2011

अधर में लटका ड्रीम प्रोजेक्ट



 सोनिया गाँधी का ड्रीम प्रोजेक्ट कहा जाने वाला खाद्य सुरक्षा बिल की मांग अभी फ़िलहाल अधर में लटकता हुआ दिख रहा है | जिसको महीनों की बातचीत के बाद राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (रासप) ने एक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा बिल की सिफारिश की थी | जिसमे देश के गरीब और असहाय लोगों को सरकार की तरफ से खाद्य मुहैया करने को कहा गया है | जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय सलाहकार परिषद का प्रस्ताव है कि भारत की आबादी के कम से कम तीन चौथाई हिस्से के लिए, जिसमें 90 प्रतिशत ग्रामीण और 50 प्रतिशत शहरी आबादी आती है, सरकारी अनुदान पर अनाज उपलब्ध कराने के लिए कानून बनाया जाए। इसके अन्तर्गत 75 प्रतिशत को पूर्वाधिकार परिवार और सामान्य परिवारों में बांटा जाना है।

जिसके अंतर्गत आने वाले परिवार को हर महीने एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 35 किलो अनाज-(ज्वार, बाजरा आदि) दो रुपये की दर से गेंहू और तीन रुपये की दर से चावल पाने के अधिकारी होंगे जबकि आम परिवारों को 20 किलो पाने का अधिकार होगा, जिसका मूल्य हालिया न्यूनतम समर्थन मूल्य के 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा, जो आजकल साढ़े पांच-छह रुपये प्रति किलोग्राम पड़ता है। इस ड्रीम प्रोजेक्ट के अंतर्गत 14 साल के लड़के और लडकियों तथा गर्भवती महिलाओं के लिए नगद सहायता का प्रावधान है |

सोनिया गाँधी का ड्रीम प्रोजेक्ट इतना बड़ा है कि देश का एक बड़ा भाग इसके अंतर्गत आ जाता है | जिसके लिए उतनी ही ज्यादा अनाज की आवश्यकता भी होगी | जो करीब 20 से 25 मिलियन टन अतिरिक्त अनाज की जरूरत होगी। देश की जनता के लिए यह बात बहुत अच्छी है लेकिन इस प्रोजेक्ट को आन्न - फन्ना में बनाने के कारण इसमें बहुत सी कमियां है | कुछ लोगों का ये भी कहना है कि सोनिया ये प्रोजेक्ट को लाकर पार्टी की छवि को सुधारने का प्रयास है | जो कि एक चुनावी हथकंडा है |

कई लोगों ने खाद्य सुरक्षा बिल की कमियों को लेकर विरोध है | इस मामले में कृषि, खाद्य व उपभोक्ता मामलों के मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने पहले ही अपने बयान में यह कह दिया था कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के चहेते खाद्य सुरक्षा विधेयक को कानून बना दिया गया तो देश राजकोषीय घाटे के दलदल में घंस जाएगा।

उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून के अंतर्गत अगर गरीब परिवारों को महीने में 25 किलो अनाज दिया जाता है तो सरकार को 76720 करोड़ रुपए की खाद्य सब्सिडी देनी पड़ेगी। अगर 35 किलो अनाज दिया जाता है तो खाद्य सब्सिडी का बोझ 1.07 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा। उदाहरण के तौर पर विधेयक के मुताबिक गरीब परिवारों को दो रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से गेहूं दिया जाना है, इससे सरकार के ऊपर प्रति किलो 17 रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इससे राजकोषीय घाटे को संभालने का सारा गणित चौपट हो सकता है। चालू वित्त वर्ष 2010-11 में खाद्य सब्सिडी के लिए 55,578 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

पवार ने कहा कि अगर खाद्य सुरक्षा कानून के चलते ज्यादा सब्सिडी देनी पड़ी तो हम 2012-13 तक राजकोषीय घाटे को जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) के 4.1 फीसदी तक लाने का लक्ष्य नहीं हासिल कर पाएंगे।

लेकिन इस कानून का समर्थन करनेवालों का कहना है कि इससे देश के 40 करोड़ गरीबों को भुखमरी से बचाया जा सकता है। साथ ही यह कि सरकारी खरीद का लाखों टन अनाज अभी बरबाद होता रहता है, जिसका आगे सदुपयोग किया जा सकता है।

जाहिर है योजन का स्वरुप काफी बड़ा है | ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि जब देश में महंगाई और आर्थिक मंदी जैसे संकट है तो इस योजना के लिए इतना पैसा (1 लाख 10 हज़ार करोड़ रुपए की जरूरत होगी) कहा से आयेगा | एनएसी के अनुमान के मुताबिक सरकार को इस योजना के लिए करीब 28 हजार करोड़ की अतिरिक्त सब्सिडी देनी होगी। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि मौजूदा राशन की दुकानों से इसे कैसे लागू किया जाएगा।

जहाँ देश में करीब 40 प्रतिशत लोग 20 रुपये में गुजर- बसर करने के किये मजबूर है तथा जहाँ अभी गरीबी की परिभाषा भी सुनिश्चित नहीं है | वहां पर यह कैसे निर्धारति किया जायेगा कि कौन गरीब है | राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (रासप) की माने तो गरीबो को पूर्वाधिकार परिवार और सामान्य परिवारों में बांटा जाना है। जिसका विभाजन जाति जनगण के आधार पर किया जाना है | जब की जाति जनगण के लिए कोई समय सीमा ही नहीं तय किया गया है | ऐसे में जरुरत मंद कौन है इसका पहचान कैसे किया जा सकता है | ऐसे में जरुरत मंद को अनाज नहीं मिला तो वह कहा पर जाकर शिकायत करेगा यह भी निश्चित नहीं है |

खाद्य सुरक्षा बिल बिल देश के लिए बहुत जरुरी है लेकिन उससे भी ज्यादा जरुरी यह है कि अन्य योजनो की तरह यह योजन भी लोगों के भ्रष्टाचार का शिकार न बन जाये इसके लिए जरुरी है कि कोई भी योजना लागू करने के पहले उसके अच्छाइयों और बुराइयों पर पहले गहन मंथन हो | जिसके बाद एक प्रभावी योजना पारित हो जिससे देश की जनता लाभान्वित हो सके |




मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

Tuesday, December 13, 2011

मायावती के दौरे में पैसों की बर्बादी हो रही है - राहुल गांधी

                        

लखनऊ- कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी एक बार फिर यूपी में अपना चुनावी दौरा तेज कर दिया है | दिल्ली से सीधे यूपी के नवगठित जिलों भीमनगर और बदायूं से अपने दौरे की शुरुआत करते हुए राहुल ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जब तक आप जागोगे नहीं, उठोगे नहीं और लड़ोगे नहीं, तब तक पिछड़ते ही रहोगे। हम यहां आएंगे, दुर्दशा देखेंगे, गुस्सा-दुखी होंगे, लेकिन हमारे हाथ भी बंधे होंगे।

राहुल गाँधी बसपा सरकार को अपना निशाना बनाते हुए कहा कि यूपी में मनरेगा के अरबों रुपये इधर से उधर करने के साथ ही एनआरएचएम में तीन हजार करोड़ रुपये खा लिए गए, जिन्हें आपके के लिए ही केंद्र ने भेजे थे। इसे तरह के घोटाले आप ही रोक सकते हैं। इसलिए स्वयं को मजबूत कीजिए।

राहुल गाँधी ने लोगों से कहा कि वे अपने मतों का प्रयोग सोच समझ कर करे | सरकार उसी की बनाओ जो आपके हितो का पूरी तरह से ख्याल रखे | लोग जाति- धर्म के नाम पर लोगों को लूट रहे है |

कुछ दिनों पहले राहुल गाँधी ने मायावती के दिए गए बयान कि राहुल गरीबो के बीच जाने का ढोंग और नौटंकी कर रहे है , का जवाब देते हुए राहुल ने कहा कि मैं गांवों-गरीबों के बीच इसलिए जाता हूं कि उन लोगों का दर्द नजदीक से जान सकूं और उनकी तरक्की के लिए कुछ कर सकूं। बीएसपी पर कटाक्ष करते हुए वे बोले कि मायावती के दौरे में पैसों की बर्बादी हो रही है, क्योंकि हेलिकॉप्टर में बैठे-बैठे गरीबों के दर्द को नहीं समझा जा सकता।

राहुल गाँधी ने अपने दौरे के दौरान दिए गए भाषण में कहा था कि अगर यूपी में उनकी सरकार बनी तो वह पाँच सालो में यूपी की सूरत बदल देंगे , पर दूबारा जोर देते हुए कह कि मैं लिखकर देने को तैयार हूं कि अगर आपने हमारा साथ दिया तो हम अगले दस सालों में यूपी का भविष्य बदल देंगे।



मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

Monday, December 12, 2011

क्या अन्ना लाट साहब हैं ? उन्हें यूपी आने दीजिए, देख लेंगे - बेनी प्रसाद वर्मा



समाज सेवी अन्ना हजारे के जंतर - मंतर पर हुए एक दिन के उनशन के दौरान राहुल गाँधी पर हजारे के किये गए बयान से तिलमिलाई कांग्रेस सरकार ने अन्ना हजारे पर हल्ला सा बोल दिया है | आंध्र प्रदेश से कांग्रेस सांसद हनुमंत राव ने टीम अन्ना पर पलटवार करते हुए कहा है कि वे कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी पर हमले से बाज आए। वही इस्पात मंत्री ने कहा, ' क्या अन्ना लाट साहब हैं ? उन्हें यूपी (चुनाव में) आने दीजिए, देख लेंगे। वह 75 के हैं, तो कांग्रेस 125 साल पुरानी है। ' उन्होंने कहा, ' विपक्ष राहुल से डरा हुआ है और अन्ना उसके प्रवक्ता बन गए हैं, खासतौर से संघ के। '

रविवार को जंतर - मंतर पर एक दिन के अनशन के दौरान लोकपाल बहस में अन्ना ने राहुल के ऊपर निशाना साधते हुए कहा था कि लोकपाल में जनता की मांगे शामिल नहीं की गई , जबकि इसके किये पूरी संसद ने रजामंदी दी थी | ऐसे में सवाल है कि , जो सरकार पर दबाव बना सकता है | अगर वह (राहुल) पीएम बनाने का सपना देख रहे हैं तो उन्हें बहुत कुछ करना होगा | एक दिन झोपड़ी में रहना ही काफी नहीं है | जिसके बाद सोमवार को कांग्रेस के नेताओ ने समाजसेवी अन्ना हजारे पर चौतरफा हमला तेज कर दिया ।

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने अन्ना हजारे पर हमला बोलते हुए कहा कि , ' टीम अन्ना, बाबा रामदेव और श्री श्री रविशंकर सभी के इरादे राजनीतिक हैं। भ्रष्टाचार कोई मुद्दा ही नहीं है। वे कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाना चाहते हैं। राहुल गांधी ने लोकपाल को संवैधानिक दर्जा देने की बात कही, तो सबने मजाक बनाया, लेकिन अब टीम अन्ना भी इससे सहमत है। '




मानेन्द्र कुमार भारद्वाज



Thursday, December 8, 2011

सहवाग के दोहरे शतक से भारत चौथा वनडे जीता

इंदौर के होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में वेस्टइंडीज और भारत के बीच खेले गए पांच वनडे मैचो के चौथे मैच में भारत के सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के तूफानी बल्लेबाजी के बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को 153 रनों से पराजीत कर दिया | वनडे मैच में 219 रनों का विश्व रिकार्ड बनाने वाले वीरेंद्र सहवाग को मैन ऑफ द मैच चुना गया | इस जीत के साथ भारत ने पांच वनडे मैच की सीरीज में 3-1 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है |

भारत द्वारा दिए गए निर्धारित 50 ओवर में 419 का विशाल स्कोर का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुवात कुछ खास नहीं रही और वेस्टइंडीज का पहला विकेट 1.6 ओवर में महज 13 रन पर किरन पॉवेल के रूप में गिरा | जिन्होंने केवल टीम के लिए 7 रन बनाये और रन आउट हो गए | वही वेस्टइंडीज का दूसरा विकेट सिमांस के रूप में गिरा | सिमांस 36 रन बनाकर जडेजा की गेंद पर पार्थिव के हाथों कैच हो गए | तो वही अपना पहला मैच खेल रहे राहुल शर्मा ने अपने पहले ही ओवर में सैमुअल्स को 33 के स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। सैमुअल्स का विकेट 11.6 ओवर में 81 रन पर गिरा | जिसके बाद वेस्टइंडीज के चौथा विकेट डंजा हयात (11) के रूप में राहुल शर्मा ने लिया | जब कि वेस्टइंडीज का पांचवा विकेट 15.6 ओवर में किरन पोलार्ड को 3 रन के स्कोर पर राहुल शर्मा ने बोल्ड किया। तो वही पटेल ने विकेट के पीछे से अपना कमाल दिखाते हुए 23.2 ओवर में एंड्रे रसेल को 29 रन पर रैना की गेंद पर स्टंप आउट कर वेस्टइंडीज को छठा झटका दिया | इस विकेट के बाद वेस्टइंडीज का स्कोर 6 विकेट पर 140 रन था | इसके बाद वेस्टइंडीज की टीम कुछ खास न कर सकी और उसकी पूरी टीम 49.2 ओवर में 265 रनों पर सिमट गई | वेस्टइंडीज की तरफ से रामदीन ने सबसे ज्यादा 96 रन बनाये वही सैमी ने 2 रन , रवि रामपॉल ने 10 रन , , कीमर रोच ने 7 रन, नारिने ने नाबाद 27 रन बनाये |
भारत की तरफ से अपना पहला वनडे खेल रहे राहुल शर्मा और जडेजा को 3-3 विकेट मिले। इसके अलावा रैना को 2 विकेट मिले जबकि अश्विन ने 1 विकेट मिला।

भारत ने बनाये 419 रन

सीरीज में लगातार तीन बार टाँस जीतने वाले भारतीय कप्तान वीरेन्द्र सहवाग ने जैसे ही चौथे मैच में वेस्टइंडीज के कप्तान सैमी से टाँस जीता मैदान पर उपस्तिथ सभी दर्शक हँसाने लगे | वीरेन्द्र सहवाग ने पिछली हार को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले बल्लेबाजी का फैसला किया | भारतीय पारी का शुरुवात करने आये सलामी बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग और गौतम गंभीर ने भारत को एक मजबूत शुरुवात दी | भारत का पहला विकेट 176  रन पर गंभीर के रूप में गिरा | गंभीर 67 रन बनाकर रन आउट हुए | सहवाग ने दूसरे विकेट के रूप में आये सुरेश रैना के साथ अपना धुंवा - धार पारी खेलना जारी रखा | रैना ने भी सहवाग का भर पुर साथ दिया लेकिन 40.2 ओवर में रैना 55 रन बनाकर रन आउट हुए। भारत का दूसरा विकेट 316 रन पर गिरा | वही तीसरे विकेट के रूप में आये रविन्द्र जडेजा ने केवल 10 रन बनाये और 43.2 ओवर में रसेल की गेंद पर रामपॉल को कैच दे बैठे। जिससे भारत का तीसरा विकेट महज 341 रन पर गिरा | भारत की तरफ से ताबड़ तोड़ बल्लेबाजी करने वाले वीरेन्द्र सहवाग का विकेट 46.3 ओवर में गिरा | सहवाग 219 रन बनाकर पोलार्ड की गेंद पर मार्टिन के हाथों कैच आउट हुए | आउट होने से पहले सहवाग ने वनडे में 200 रनों का विश्व रिकार्ड बनाने वाले सचिन का न केवल रिकार्ड तोडा बल्कि 219 रनों का एक नया विश्व रिकार्ड भी बनाया | भारत की तरफ से रोहित शर्मा ने 27 रन जब की कोहली ने नाबाद 13 रन और पटेल के नाबाद 3 रन का योगदान दिया | भारत ने 50 ओवर में 419 रन बनाये | वेस्टइंडीज की तरफ से कीमर रोच, रसेल और पोलार्ड को 1-1 विकेट लिए।



मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

Wednesday, December 7, 2011

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर लगाम, मूलभूत अधिकारों का हनन





केंद्र सरकार को अभी अन्ना के जनलोकपाल बिल से निजात मिला भी नहीं था कि सरकार महंगाई और एफडीआई के चक्र में कुछ इस तरह फंसी की पुरे देश में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध देखने को मिला | लिहाजा केंद्र सरकार मौजूदा दौर में अपने आप को पांच राज्यों के विधान सभा चुनाव में अपनी गिरती शाख को बचाने के लिए सरकार ने एफडीआई मसले पर पुनः विचार करने की बात कह कर कुछ मामले को शांत करने की कोशिश कर ही रहा था कि सोशल नेटवर्किंग के नियंत्रण के मामले ने एक बार फिर केंद्र सरकार को लोगों के आलोचनाओ का पत्र बना दिया |

दरअसल सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ लोगों की तीखी प्रतिक्रियाओं को देखकर केंद्र सरकार ने फेसबुक, गूगल और ऑरकुट जैसी कई सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर शिकंजा कसने की बात कह दी | जिसे दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने धार्मिक आस्थाओं के साथ खिलवाड़ की बात कह कर इन वेबसाइटों पर लगाम लगाने की बात कही क्यों कि भारत में दस करोड़ लोग सोशल साइटों का प्रयोग करते है | जिससे जाहिर सी बात है कि इतने ज्यादा लोगों का सरकार के प्रति नाराजगी से केंद्र सरकार को लगा होगा की आगामी चुनाव परिणाम पर इसका बुरा असर पड़ सकता है | इसके लिए सरकार ने फेसबुक, गूगल और ऑरकुट जैसी कई सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों वाली कंपनी से इनपर रोक लगाने को कहा है | सरकार ने ये भी कहा  अगर यह वेबसाइटे ऐसा नहीं करती है तो वह इसके खिलाफ कानून भी बनायेंगे |

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत तमाम कांग्रेस नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों और तस्वीरों को लेकर सरकार को ऐतराज है लेकिन देश की जनता की खून पसीने की कमाई जब सफ़ेद कुर्ते और सरकारी मुलाजिम डकार कर हजम कर जाते है तो उनको इस बात के लिए ऐतराज नहीं होता है | अगर ये बात उनसे पूछा जाय तो वह बड़े चतुराई से ये कहेंगे कि इसके लिए कानून है और हम क़ानूनी कार्यवाही कर रहे हैं | तो साहब साइबर क्राइम के लिए और गलत , अश्लील या गन्दी सामग्री वेबसाइटों पर डालने के लिए भी कानून है फिर अलग से कानून बनाने की क्या जरुरत है | अगर आप को गलत और अश्लील या भद्दे सामग्री वेबसाइट पर डालने वाले के खिलाफ कार्यवाही करनी है , तो आप आरटीआई की धारा -79 के तहत क़ानूनी कार्यवाही कर सकते हैं | रही बात कानून बनाने की तो अभी सरकार के लिए जन लोकपाल का बिल पड़ा हुआ है |


देश में व्यक्ति को स्वतंत्र अभिव्यकित की पूरी आजादी है लेकिन जिस तरह से केंद्र सरकार अपने हथकंडे अपना रही है उससे तो नहीं लगता है कि देश में स्वतंत्र अभिव्यकित की पूरी आजादी है | सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटे एक ऐसी साइट है जहाँ पूरी दुनिया के लोग बिना किसी डर के अपनी राय रखते हैं और अपना गुस्सा  जाहिर करते हैं | ऐसे में कभी - कभी लोग अपशब्द शब्दों का प्रयोग भी कर देते है | जो गलत है, लेकिन इसके लिए कोई अलग कानून बनाये ये कहा तक सही है |

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट लोगों को आपस में जोड़ने में महत्त्व पूर्ण भिमिका निभाता है | अरब क्रांति के दौरान इन साइटों ने लोगों को एक मंच पर लाने में महत्त्व पूर्ण योगदान दिया है | अन्ना का आन्दोलन हो या फिर तुर्की और जापान में आये इस साल विनाशकारी भूकंप में लोगों को आपस में मिलाने का काम हो लोगों ने इस साइटों के प्रयोग से एक दुसरे की खैरियत जानी | खुद केंद्र सरकार भी पिछले चुनाव में इन साइटों का बखूबी प्रयोग किया है |

हर चीज के दो पहलू होते है एक अच्छा दूसरा बुरा | ये तो प्रयोग करने वाले पर निर्भर करता है कि वह किस कार्य के लिए इसका प्रयोग कर रहा है | जनवरी 2008 में खुलासा ,फेसबुक पर खालिस्तान समर्थको ने बना रखे है पेज | फ्लिकर पर कई आपतिजनक तस्वीरों के पोस्ट किया गया है | तो वही कश्मीरी अलगावादियों ने अपने कई ब्लॉग बनाये है जिस पर इस मसले पर चर्चा होता है | तो वही सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर मौजूदा समय में सबसे ज्यादा 60 प्रतिशत छात्र पढाई के बारे में बात करते है | रही बात सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर लगाम लगाने की तो कई लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया रही है | क्यों कि सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों का फैलाव इतना बड़ा है कि इसपर नजर रखन काफी नामुम्किन सा दिखता है | ऐसे में लोगों से यही कह जा सकता है कि वह ऐसी तस्वीरे और भाषा का प्रयोग न करे जो मानवता का का उल्लंघन करे | लेकिन अगर सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर व्यक्त टिपणीयों पर लगाम लगाया तो ये कही न कही लोगों के मूलभूत अधिकारों का हनन होगा |



मानेन्द्र कुमार भारद्वाज
(ये लेखक के अपने विचार है | )

Monday, December 5, 2011

वेस्टइंडीज ने भारत को 16 रनों से हराया



अहमदाबाद के मोटेरा स्थित सरदार पटेल स्टेडियम में वेस्टइंडीज और भारत के बीच खेले गए पांच वनडे मैचो के तीसरे मैच में वेस्टइंडीज के गेदबाज रवि रामपॉल के घातक गेदबाजी के बदौलत वेस्टइंडीज ने भारत को 16 रनों से पराजीत कर दिया | मैच में 4विकेट लेने वाले रवि रामपॉल को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया | इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने 5 वनडे मैच की सीरीज में अपनी पहली जीत दर्ज की | सीरीज में भारत अभी भी 2-1 से आगे है |

भारतीय कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने लगातार तीसरी बार टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला उस समय महंगा साबित हो गया जब लक्ष्य का पिक्षा करने आये वीरेन्द्र सहवाग बिना खाता खोले रामपॉल की गेंद पर रामदीन को कैच देकर चलते बने। उस समय भारत का स्कोर 1.1 ओवर में महज 8 रन था |

पारी को संभालने आये गौतम गंभीर भी कुछ खास नही कर सके और रामपॉल की अगली गेंद का शिकार हो गए | जिसकी वजह से रामपॉल हैट्रीक के करीब पहुंचे रामपॉल की गेंद को विराट कोहली ने रोक कर हैट्रीक होने से कुछ देर के लिए तो बचा लिया लेकिन कोहली भी कुछ खास नहीं कर सके और 20 रन बनाकर सुनील नरैन की गेंद पर एलबीडब्‍ल्यू आउट हो गए |

भारतीय टीम के विकेट गिराने का सिलसिला यही थमा नहीं रसेल की गेंद पर पार्थिव पटेल (39 रन) क्लीन बोल्ड हो गये | तो वही सुरेश रैना 2 रन बनाकर रामपॉल की गेंद पर कैच दे बैठे | भारत की आधी टीम महज 16 ओवर में (84/5) ढेर हो गई |

रोहित शर्म ने जडेजा के साथ मिलकर स्कोर कुछ आगे बढाया लेकिन रामपॉल की नोबाल गेंद से बचे जडेजा 11रन बनाकर आउट हो गए | जिसके बाद रोहित शर्मा ने अश्विन के साथ संभल कर खेलते हुए अपना अर्धशतक लगाया और टीम का स्कोर 30 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 142 रन पहुँचाया | रोहित शर्मा ने आश्विन के साथ 91 रनों की साझेदारी की | भारत की तरफ से आश्विन ने 31 रन रोहित शर्मा ने 95 रन ,अभिमन्यु मिथुन 23 रन , विनय कुमार 3 रन बनाये और भारतीय टीम 46.5 ओवर में 244 रन बनाकर ऑल आउट हो गई।

वेस्टइंडीज की तरफ से रवि रामापॅल ने सबसे अधिक चार विकेट लिए। इसके अलावा नारिने ने दो विकेट, रोच और सैमुअल्स ने एक-एक विकेट लिए।


वेस्टइंडीज ने बनाए 260 रन

टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज टीम की शुरुवात भी कुछ खास नहीं रही | वेस्टइंडीज की तरफ से वोपनिग करने आये सिमोंस 2.4 ओवर में 1 रन बनाकर विनय कुमार की गेंद पर पार्थिव को कैच दे बैठे | तो वही वेस्टइंडीज का दूसरा विकेट हयात के रूप में गिरा हयात 20 रन बनाकर अभिमन्यु मिथुन की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। उस समय वेस्टइंडीज का स्कोर 13.1 ओवर में 42 रन पर 2 विकेट था | लेकिन सैमुअल्स के 58 रनों और कप्तान सैमी ने 17 गेंद पर ताबड़तोड़ नाबाद 41 बनाये जब कि रसेल ने महज 18 गेंदों पर नाबाद 40 रन बनाये जिसकी बदौलत वेस्टइंडीज टीम ने 50 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 260 रन बनाये | सैमुअल्स 58 के स्कोर पर अश्विन की गेंद पर बोल्ड हो गए जब की रामदीन 38 रन बनाकर उमेश यादव की गेंद पर पटेल को कैच दे बैठे तो वही पोलार्ड 29 रन बनाकर विनय कुमार की गेंद पर जडेजा के हाथों कैच हुए |




मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

स्मृति



                                                  देव आनंद | 26 सितम्बर 1923 - 04 दिसम्बर 2011 |

देव साहब की सदाबाहर
फिल्में सदा याद दिलाएंगी उनकी



1950 के दशक में हिंदी फिल्म की दुनिया में एक ऐसा चेहरा था जिसने हिंदी फिल्म की दुनिया की तस्वीर ही बदल दी थी | उनकी लोकप्रियता का आकलन इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब वह देश के किसी भी शहर में जाते तो उनके चाहने वालो में पुरुषो से ज्यादा महिलये होती थी | उनके स्मार्टनेश की लडकियां इतनी दीवानी थी कि देव आनंद साहब का लड़कियों से बचकर निकलना सबसे बड़ा मुश्किल काम था | अगर हम ये कहे कि देवानंद ने तो युवाओ को स्मार्ट बनाया तो कोई गलत बात नहीं होगी | क्यों कि देव साहब में लडकियों की बढ़ती दिलचस्पी को देखकर तब के युवो उनके जैसे दिखने के लिए उनके हर एक स्टाइल की कॉपी किया करते थे | देव आनंद और सुरैया की जोड़ी ने फिल्मो में कई हित फिल्मे दिए | देव साहब सुरैया को अपना जीवन साथी बनाना चाहते थे लेकिन सुरैया की नानी के विरोध के कारण दोनों एक न हो सके | जिसके बाद देव आनंद ने कल्पना कार्तिक से शादी कर ली | लेकिन सुरैया की याद उनके दिलो में हमेसा रही | देव आनंद अपने जीवन के अंतिम क्षणों में भी सुरैया को यादकर भावविभोर हो गए थे | अभिनय के प्रतिभा के धनी देव आनंद ने 4 दिसंबर 2011 को अपनी आँखे हमेसा के लिए बंद कर लिया |

देवानंद साहब का फ़िल्मी जगत में शुरुवात काफी संघर्ष पूर्ण था | । 26 सिंतबर 1923 को पंजाब के गुरदासपुर में एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे धर्मदेव पिशोरीमल आनंद उर्फ देवानंद का झुकाव पिता के पेशे वकालत की ओर नहीं होकर अभिनय की ओर था। उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में स्नातक की शिक्षा 1942 में लाहौर के मशहूर गवर्नमेंट कॉलेज मे पूरी की। देवानंद आगे भी पढ़ना चाहते थे लेकिन पिता ने साफ शब्दों में कह दिया कि उनके पास पैसे नहीं है और यदि वह आगे पढ़ना चाहते है तो नौकरी कर लें।देवानंद ने निश्चय किया कि अगर नौकरी ही करनी है तो क्यों न फिल्म इंडस्ट्री में किस्मत आजमाई जाए। अपने सपनों को साकार करने के लिए देवानंद साहब मुंबई आ गए जहाँ पर उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा |

1945 में प्रदर्शित फिल्म ‘हम एक हैं’ से बतौर अभिनेता देवानंद ने अपने सिने कैरियर की शुरुआत की। जिसके बाद देव आनंद ने कभी मुड़कर पीछे नहीं देखा और भारतीय सिने जगत में लगभग छह दशक से दर्शकों के दिलों पर राज करते रहे | देवानंद ने कई सुपरहीट फिल्में की जिसमे मधुबाला (1950), बिरहा की रात (1950), नादान (1951), सज़ा (1951), इंसानियत (1955), पॉकेटमार (1956), कालापानी (1958), सरहद (1960), मंजिल (1960), तेरे घर के सामने (1963), गाइड (1965), ज्वेल थिफ (1967), जॉनी मेरा नाम (1970), हरे रामा हरे कृष्ण (1971), हीरा पन्ना (1973) जैसी फिल्मो में अपने अभिनय का लोहा मनवाया | देवानंद को सबसे पहला फिल्म फेयर पुरस्कार वर्ष 1958 में प्रदर्शित फिल्म कालापानी के लिए दिया गया। इसके बाद 1965 में भी देवानंद फिल्म गाइड के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किए गए। देव आनंद के इस कार्य के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2001 पद्म भूषण सम्मान एवं 2002 में हिंदी सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

यह बात बहुत कम ही लोग जानते है कि देव आनंद राजनीति में भी आना चाहते थे | इमरजेंसी के दौरान देव आनंद ने नॅशनल पार्टी आँफ इंडिया का गठन किया | इसके बैनर तले उन्होंने इ सिर्फ इमरजेंसी का विरोध किया बल्कि बाद में जब 1977 में आम चुनाव हुए तो इंदिरा जी के विरोध में प्रचार किया लेकिन जल्द ही देव आनंद का राजनीति से मोह भंग हो गया | कुछ दिनों बाद उन्होंने अपनी पार्टी भंग कर दी और दुबारा राजनीति में कदम नहीं रखा |

देव आनंद का लगाव फ़िल्मी जगत से इतना ज्यादा था कि देव साहब ने अपने ढलती उम्र के बाद भी सेन्सर (2001), लव एट टाइम्स स्कवेयर (2003),अमन के फ़रिश्ते (2003), मि. प्राइम मिनिस्टर (2005) और देव आनंद नें मूवी चार्जशीट (2011) में अभिनय किया. इस मूवी में देव आनंद नें "CBI Officer" की भूमिका निभाई | आज देव आनंद हमारे बीच भले न लेकिन उनकी सदाबहार फिल्मे हमें हमेसा उनकी याद दिलाती रहेगीं |



मानेन्द्र कुमार भारद्वाज
इंडिया हल्ला बोल

Wednesday, November 30, 2011

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर बोले अन्ना



खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश ( एफडीआई ) बढ़ाने के फैसले को लेकर सरकार के खिलाफ अभी तक बवाल थमा भी नहीं था कि सामाजिक कार्यकर्त्ता अन्ना हजारे ने भी एफडीआई के खिलाफ बोलते हुए सरकार से एफडीआई के मुद्दे पर फिर से सोचने को कहा है | अन्ना ने कहा कि सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि अंग्रेज भी इस देश में तराजू लेकर आए थे। लेकिन हमें गुलाम बना लिया। हम पर राज किया। आज फिर हम उन्हें अपने देश में व्यापार करने बुला रहे हैं। वो पानी हमारा बर्बाद करेंगे, बिजली बर्बाद करेंगे और वातावरण को बर्बाद करेंगे और हम उन्हें बुला रहे हैं। सरकार को किसी पक्ष की भलाई नहीं बल्कि देश की भलाई सोचनी चाहिए। यदि आप किसानों की भलाई सोच रहे होते तो किसानों की आत्महत्या रुक गई होती।

दरअसल सरकार का कहना है कि इस फैसले से महंगाई में कमी आयेगी | सरकार का तर्क है कि इस व्यवस्था से विचौलियों की भूमिका ख़त्म होगी और आम लोगों को सस्ते में सामान मिलेंगे | वही देश के अधिकांश राज्यों के व्यापारियों ने इसका विरोध किया है | उनका मानना है कि अगर विदेशी निवेश भारत में हुआ तो उनके व्यापार पर ज्यादा असर पड़ेगा | वही बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एफडीआई के मुद्दे पर सरकार का विरोध करत हुए कहा कि इस मामले में सरकार देश को धोखा दे रही है और गलत रिपोर्टों का उल्लेख कर रही है।

वही एफडीआई के मुद्दे पर संसद में आज भी हंगामा हुआ जिसके चलते संसद में कोई भी काम नहीं हो सका | जिसके चलते करीब एक हफ्ते से ससंद की कार्यवाही न चलने के कारण रोजाना २ करोड़ रूपये का नुकसान होता है |

इंडिया हल्ला बोल

Sunday, November 20, 2011

राजनीति से हटकर सोचो .........

मौजूदा समय में  उत्तर प्रदेश के बटवारे को लेकर बहस तेज हो गई है | कोई कहता है कि उत्तर प्रदेश का बटवारा सही नहीं है , तो कोई कहता है कि उत्तर प्रदेश का बटवारा होने से विकास के काम अच्छी तरह से होंगे | सबका राज्य के बटवारे के बारे में अपनी - अपनी दलीले हैं |  आबादी के दृष्टी से देश के सबसे बड़े प्रान्त उत्तर प्रदेश ने विकास में अहम भूमिका न निभाई हो, लेकिन एक बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि उत्तर प्रदेश ने राजनीति में अहम योगदान दिया है, परन्तु इसके बदले में उत्तर प्रदेश को मिला क्या है ? उत्तर प्रदेश आज भी आर्थिक दृष्टि से पिछड़ा हुआ है | न यहाँ पर लोगो को उचित शिक्षा मिल पाती है और न ही नौकरी | हद तो तब हो जाती है जब खुद अपने ही देश के दुसरे शहरों में काम के लिए गए उन लोगो को बाहर निकाल दिया जाता है कि वह यूपी से सम्बन्ध रखते है | तब इस बात को लेकर नेताओ में उतनी दिलचस्पी नहीं होती जितनी की आज के समय में उत्तर प्रदेश के बटवारे और राहुल के बयान को लेकर है |

उतर प्रदेश भी अन्य राज्यों कि तरह आर्थिक और सामाजिक तरक्की, बेहतर प्रशासन , बेहतर अवसर और आगे बढ़ने की बेहतर सम्भावनाये चाहता है | यह तभी हो सकेगा जब यूपी को हम छोटे राज्यों में विभाजित करेंगे | उत्तर प्रदेश अगर भारत का एक राज्य न हो कर एक देश होता,  तो उसकी गिनती आज दुनिया में आबादी की द्रष्टि से छठे स्थान पर होती | इसके आधार पर आप सोच सकते है कि इतनी बड़ी आबादी वाले क्षेत्र पर नियत्रण रखना कितना मुश्किल होता होगा |

मैं उत्तर प्रदेश के कई ऐसे गावों को जनता हूँ जहाँ पर अभी भी न तो रोड है , न ही बिजली है , न ही स्कूल है और  न ही अस्पताल है | ऐसे गावों के हालत के बारे में आप अनुमान लगा सकते है कि वहा के लोगों आज भी 40 साल पहले जैसी जिंदगी जी रहे है | ऐसे में अगर हमें उन्हें इस बदलती हुई दुनिया से जोड़ना है तो हमें उनको वह सब कुछ मुहैया करना पड़ेगा जो आज के दौर में न केवल जीवन जीने के लिए जरुरी है बल्कि दुनिया के साथ कन्धा मिलकर चलने के लिए भी जरुरी है |

ऐसे में उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री का उत्तर प्रदेश के विभाजन का बयान ज्यादातर नेताओ को सही नहीं लगता हो क्यों कि उनका मानना है कि मायावती विधानसभा चुनाव के लिए यह सब कर रही है , अगर उनको यही करना था तो वह चार साल पहले भी कर सकती थी | हकीकत तो ये है कि राज्य के विकास के लिए विभाजन सही है लेकिन मायावती की गलती इतनी है कि उन्होंने यह निर्णय लेने में  चार साल का वक्त ले लिया और विभाजन का ऐलान किया भी तो विधानसभा चुनाव के पहले | जाहिर से बात है इस बात का विरोध होना ही था खैर मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में राज्य विभाजन के प्रस्ताव को पारित कर केंद्र सरकार को भेज दिया | अब केंद्र के सरकार के ऊपर लोकपालबिल पास करने के साथ उत्तर प्रदेश के विभाजन का भी भार आ गया है | जिससे केंद्र सरकार काफी मुसीबत में घिरती नजर आ रही है |

अगर हम अब तक के विभाजन की बात करे तो परिणाम मिले जुले है | जहाँ वर्ष 2000 में देश में तीन नए राज्यों का गठन किया गया था | उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड, बिहार से झारखंड और मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़| इन राज्यों के निर्माण के बाद क्रमशः रांची, रायपुर और देहरादून का विकास हुआ है। ये शहर राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण हो गए हैं। तो वही झारखंड में भ्रष्टाचार के कारण मुख्य मंत्री को जेल में भी जाना पड़ा | लेकिन इससे पहले भी जब झारखंड बिहार से अलग नही हुआ था तब भी वहां भ्रष्टाचार था। इसी तरह छत्तीसगढ़ जब मध्य प्रदेश का हिस्सा था, तब भी वहां माओवाद था। इसलिए इसमें कुछ नया नहीं है।

 अगर हमें उत्तर प्रदेश को विकाश से जोड़ना है तो हमें राजनीति के स्तर पर न सोचकर  देश के एक  नागरिक के स्तर पर सोचना होगा | जिससे देश और देश के नागरिको की भलाई हो सके | शायद तब या फैसल सही दिखेगा और रही बात विधानसभा चुनाव के पहले बटवारे की राजनीती की बात तो आज नहीं तो कल बड़े राज्यों को छोटे राज्यों में विभाजित तो करना ही पड़ेगा | क्यों कि छोटे राज्यों के होने से हर मामलों पर नियत्रण कुछ ज्यादा ही हो जाता है ,  अक्सर देखा गया है कि सुदूर ग्रामीण इलाको में रहने वालो की बात वहा तक नहीं पहुँच पाती जहाँ तक उसे पहुँचाना चाहिए,  जिससे लोग न्याय से वंचित रह जाते है | यूपी जैसे विशाल राज्य में कोई भी अपने अधिकार और विकाश से वंचित न रह सके उसके लिए जरुरी है कि छोटे राज्यों का गठन हो | यूपी में मनरेगा के असफल होने का एक कारण यह भी है , राज्य का बड़ा होना और नियंत्रण का आभाव |


मानेन्द्र कुमार भारद्वाज
इंडिया हल्ला बोल

Friday, November 18, 2011

योजना भ्रष्टाचार का बड़ा केंद्र

 महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को यूपीए सरकार अब तक अपनी बड़ी उपलब्धि बता कर अपना पीठ खुद थपथपा रही थी और अब जब विधानसभा चुनाव नजदीक आ गया है तो उसे अचानक से ये याद आया है कि जिस ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को यूपीए सरकार गावं  के विकाश और भूखे बेरोजगार लोगों का पेट भरने एवं रोजगार दिलाने के लिए शुरू किया है दरअसल वह कुछ सफेद कुर्ते वालो और सरकारी मुलाजिमो के पेटो की खाई को भर रहा है | ऐसे में एक बात जो दिमाग में आती है वह ये है कि क्या सही में यूपीए सरकार को अब जाकर पता चला है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मनरेगा में गड़बड़ी किया है | या फिर विधान सभा चुनाव के ठीक पहले इस मामले को उजागर कर के अपनी स्थिति यूपी में मजबूत करने के लिए एक चुनावी पैतरा है | बात कुछ भी हो लेकिनी ये तो तैय है कि योजना में गड़बड़ी के लिए जितना ज्यादा दोषी  उत्तर प्रदेश सरकार का है  उतना ही दोषी यूपीए सरकार भी है |  ये गड़बड़िया केवल यूपी में ही नहीं है | देश के अधिकतर राज्यों में इस तरह के मामले है | जिसपर अब तक शायद ग्रामीण विकाश मंत्री का ध्यान नहीं गया है | अगर यूपीए सरकार शुरू से ही राज्य सरकारों  द्वारा किये गए खर्च का लेखा - जोखा एक बार देख लेती तो शायद आज ग्रामीण इलाको  की तस्वीर कुछ बदली हुई होती |
                मनरेगा मामले में जो एक बात नजर आती है वह ये है कि यूपीए सरकार और उत्तर प्रदेश की मंत्री ,  दोनों विधानसभा चुनाव के लिए एक दूसरे को घेरने में लगे हुए है | जिसके लिए ग्रामीण विकाश मंत्री जयराम रमेश ने  मायावती के द्वारा भेजे गए पत्र का जवाब कुछ इस तरह दिया की मायावती मुश्किल में नजर आ रही है | जयराम रमेश ने मायावती को एक पत्र लिख कर मामले की जाँच के लिए कहा है | जयराम रमेश ने पत्र में लिखा है कि यदि मायावती दोषियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं करती है तो वह सीबीआई से जाँच करवाएंगे  |   
                     दरअसल कुछ महीनो पहले मायावती ने मनरेगा में सात जनपदों में पाए गए दोषी अधिकारयो के खिलाफ कार्यवाही करने की बात कही थी जो अब तक उन्होंने नहीं किया | दरअसल मोंटेक सिंह अहलूवालिया की अगुवाई वाला योजना आयोग अपनी रिपोर्ट में कहा जा चुका था कि मनरेगा के तहत सालाना दिए जा रहे 40 हजार करोड़ रुपये का ठीक से उपयोग नहीं हो रहा। जिसके बाद जिन सात जनपदों पर आरोप लगे है  वह कुछ इस तरह के है  |

1. बलरामपुर : वर्ष 2007-08 के दौरान कैलेंडर, टेंट, छोलदारी, पानी की टंकी, मेडिकल किट, शिकायत पेटिका, डिस्प्ले बोर्ड, कुर्सी-मेज, टिन प्लेट में धनराशि की लूट एवं कमीशन खोरी में दोषी सच्चिदानंद दुबे के खिलाफ कार्रवाई नहीं।

2. गोंडा : पिछले तीन वर्षों में मुख्य विकास अधिकारी राज बहादुर की मिलीभगत से सामान की खरीद में गंभीर अनियमितताएं। अधिकारी ने 40 लाख के खिलौनों की खरीद दिखाई।

3. महोबा : अधिकारी पर आपूर्तिकर्ता से मिलीभगत का आरोप, ऊंचे दामों पर खरीद कर जबरन पंचायतों के खाते से भुगतान किया गया। निलंबन की घोषणा हुई जो बाद में दोषमुक्त करार ।

4. कुशीनगर : योजना के धन की जिला पंचायत सदस्य विजय अग्रवाल ने की लूट, जांच में दोषी करार, परिवार वालों के खातों की जांच में दो लाख तक के नकद लेनदेन साबित

5. मिर्जापुर : योजना की राशि से कराए गए चार करोड़ रुपये के कार्यों में भारी अनियमितता, विकास खंड अधिकारी, कर्मचारी प्रमुख और बीडीसी पर आरोप साबित

६. संत कबीर नगर : योजना राशि पर राजनीतिक संरक्षण प्राप्त क्षेत्र के बाहुबलियों का कब्जा, जबरन धनराशि हड़पने का मामला, सरकारी अधिकारियों की शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं

7. सोनभद्र : जनपद में योजना के तहत कार्य नहीं, ग्राम पंचायत सचिव राजेश दुबे की पत्नी के खाते में करोड़ों की राशि, जांच के बाद दोषी पाए गए, कार्रवाई नहीं हुई |
               एक बात तो तैय है कि दोनों एक दूसरे की कमियों को जनता के सामने रख कर अपना उल्लू सीधा करने के चक्कर में लगे हुए है |  लेकिन जनता उनके इन झासे में आने वाली नहीं है | देश की जनता अब एक ऐसी  सरकार को चाहती है जो केंद्र और राज्य स्तर दोनों के लिए साफ सुथरी छवि का हो | मौजूदा दौर में अन्ना के भ्रष्टाचार आन्दोलन में लोगों के जुड़ने का मुख्य कारण यही था कि देश की जनता आज तक देश में हुए भ्रष्टाचार से तंग आ गई है और वह भ्रष्टाचार से छुटकारा पाना चाहती है |


मानेद्र कुमार भारद्वाज 
इंडिया हल्ला बोल

Thursday, November 17, 2011

ईडन गार्डन्स में भारत ने वेस्टइंडीज पर की फतह

   


युवा खिलाडियों के बेहतरीन प्रदर्शन  से भारतीय क्रिकेट टीम ने कोलकत्ता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन  वेस्टइंडीज को एक पारी और 15 रनों से हरा दिया। यह टेस्ट मैच जीत कर भारत ने तीन टेस्ट मैचो की श्रंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है | टेस्ट मैच में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए  वीवीएस लक्ष्मण को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
           कल के स्कोर 195 रन पर तीन विकेट गवां चुकी वेस्टइंडीज की टीम ने आज आगे खेलते हुए चाय काल तक 126.3 ओवर में 463 रन पर सिमट गई। जिससे पहली पारी के आधार पर 15 रनों से जीत हासिल हुई | भारत ने अपनी पहली पारी सात विकेट पर 631 रन बनाकर घोषित की थी जिसके जवाब में कैरेबियाई टीम पहली पारी में मात्र 153 रन पर लुढक गई थी और उसे फालोआन खेलने के लिए मजबूर होना पडा था। भारत की तरफ से पहली पारी में राहुल द्रविड़ (119), वी.वीएस. लक्ष्मण (नाबाद 176) और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (144) के शतकीय पारी के बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज के सामने विशाल स्कोर का लक्ष्य दिया | जिसके जवाब में वेस्टइंडीज टीम ने पहली पारी में महज 153  रन पर भारतीय गेदबाजो के सामने घुटने टेक दिए | भारत के तरफ से प्रज्ञान ओझा ने सबसे ज्यादा 64 रन पर 4 विकेट लिए |
              दूसरी पारी में फालोआन बचाने उतरी वेस्टइंडीज के बल्लेबाज कुछ खास न कर सके  |  वेस्टइंडीज के तरफ से जहाँ डेरेन ब्रावो (136) ने अपने करियर का पहला शतक लगाया वहीं किर्क एडवडर्स (60), एड्रियन बाराथ (62) और कप्तान मार्लन सैमुएल्स (84) अर्धशतक  के बदौलत वेस्टइंडीज की पुर टीम महज 463 रन बना सकी | वही भारत की ओर से दूसरी पारी में उमेश यादव ने चार विकेट लिए जबकि प्रज्ञान ओझा, रविचंद्रन अश्विन और इशांत शर्मा ने दो-दो विकेट लिए। 
             भारत ने इस जीत के साथ ही इस मैदान में 37 टेस्टों में अपनी कुल दसवीं और वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरी जीत हासिल कर ली है । भारत ने इस पारी की जीत के साथ वेस्टइंडीज से 1959, 1967 और 1983 में पारी से मिली तीन पराजयों का हिसाब-किताब बराबर कर लिया |


इंडिया हल्ला बोल

Monday, November 14, 2011

कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए किया यूपी से शंखनाद कहा बेरोजगारी , भ्रष्टाचार और विकाश के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार



कांग्रेस के महासचिव राहुल गाँधी अपने परदादा के चुनावी क्षेत्र से विधानसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में शंखनाद करते हुए ,प्रदेश की बिगड़ती हालात के लिये  मायावती को आड़े हाथो लेते  हुये  कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है | तरक्की के पथ पर उत्तर प्रदेश लगातार पिछड़ता जा रहा है। ऐसे में जरुरत है युवाओ को जागरूक होने की |

गौतलब है कि वाराणसी दौरे के दौरान राहुल ने लोगो से ये पूछा था कि क्या उन्हें मायावती सरकार पर गुस्सा नही आता | उन्होंने कहा था कि प्रदेश के हालत देखकर हमें तो बहुत गुस्सा आता है | जिसके जवाब में शनिवार को मायावती ने कहा था कि  कांग्रेस के युवराज को यूपी सरकार पर गुस्सा करने के बजाय अपनी सरकार के खिलाफ गुस्सा दिखाना चाहिए | साथ यूपी की केन्द्रीय परियोजनाओ के लिए लंबित धनराशि दिलाने में मदद करनी चाहिए |
फूलपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गाँधी ने मायावती को जवाब देते हुए कहा कि देश आगे जा रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश पीछे जा रहा है। राज्य में चारों तरफ भ्रष्टाचार फैला हुआ है। यहां महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा)योजना का लोगों को फायदा नहीं हो रहा। मनरेगा का पैसा बसपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की जेब में जा रहा है। बुंदेलखंड के लिए केंद्र सरकार की ओर से दिए गए पैकेज में बंदरबांट हुई।

राहुल गाँधी ने प्रदेश में  बेरोजगार युवाओ का दोष प्रदेश सरकार के सिर पर मढ़ते हुए कहा कि केंद्र सरकार यूपी के लोगों के लिए करोड़ों खर्च कर रही है। लेकिन यहां कुछ नहीं हो रहा है। प्रदेश सरकार ने सबसे बड़ा धोखा आप को दिया है | जितनी बिजली 30 साल पहले बनती थी, उससे कम बिजली यहां बनती है। भ्रष्‍टाचार चरम पर है। मंत्री जेल में हैं। लेकिन प्रदेश के विकास को किसी को सुध नहीं। मुझे इस बात को देखकर गुस्‍सा आता है |
राहुल गाँधी ने युवाओ से पूछा कि तुम कब तक महाराष्‍ट्र में जाकर भीख मांगते रहोगे ,कब तक पंजाब में मजदूरी करते रहेंगे या कब तक दिल्‍ली में पुल और मेट्रो बनाते रहेंगे। अब समय आ गया है अपने राज्‍य के लिए कुछ करने का। राहुल ने युवाओं से पूछा कि वो कब जागेंगे और कब इस राज्‍य का उत्‍थान होगा?

राहुल गाँधी ने अपने सम्बोधन के दौरान न केवल बसपा को बल्कि सपा को भी दोषी ठहराया | राहुल गाँधी ने कहा किये दोनों दल सत्ता के भूखे हैं। कभी सपा और बसपा एक दूसरे के साथ मिलकर चुनाव लड़ते थे और आज विरोधी बनकर जनता को भ्रमित करने में लगे हैं। राहुल ने कहा की जिस दिन युवा जाग जायेगा  उस दिन उत्तर प्रदेश ठीक पांच साल के अंदर विकसित राज्‍यों में आ जाएगा।

इंडिया हल्ला बोल

Sunday, November 13, 2011

बसपा ने फिर चला ब्राह्मण कार्ड

जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव करीब आ रहा है, वैसे-वैसे नेताओ के लुभावने वादे भी तेज होते जा रहे है | 2007 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए इस बार मायावती ने ब्राहमणों को एक बार फिर मैदान में उतराने की सोची है | प्रदेश में ब्राह्मण 12 प्रतिशत से अधिक है।

जहा पिछले कुछ दिनों में मायावती ने प्रदेश में अपनी अगली पारी  पक्की करने के लिए सरकारी कर्मचारियों पर बोनस , बेतन , प्रमोशन के साथ भत्तो में इजाफा भी किया और उत्तर प्रदेश में गन्ना के मूल्यों में बढ़ोतरी की | वही रविवार को बसपा ब्राह्मण समाज भाईचारा प्रदेश-स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में मायावती ने कहा कि 2012 में सरकार बनने पर ब्राह्मण वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व दिया जायेगा। बसपा के अलावा कोई भी पार्टी ब्राह्मणों को महत्व देने वाली नही है। यह इशारा करते हुए उन्होने कहा कि उनकी पक्की जानकारी है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर राजनाथ सिंह और कांग्रेस की सरकार बनने पर दिग्विजय सिंह को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।

मायावती ने कहा कि वह समतामूलक समाज की स्थापना करना चाहती हैं। इसके लिए समाज में पिछड़ गये वर्ग दलित को थोड़ी अधिक प्राथमिकता देना उन्हीं की ही नहीं बल्कि किसी भी सरकार की मजबूरी हो सकती है। मायावती ने आरक्षण की बात कहते हुए कहा कि ऊंची जा‌ति के गरीबों को आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने कभी जातिवाद को बढ़ावा नहीं दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को हमारे विरोधियों के बहकावे में नहीं आना चाहिए। मायावती अपनी ही पार्टी के नेता सतीश चंद्र मिश्रा की मां के नाम पर डॉ. शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी की स्थापना के दौरान उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज में सदियों से उपेक्षित रहे दलित वर्ग की एक बेटी के नेतृत्व में चल रही बसपा सरकार के दौरान स्थापित विश्वविद्यालय का नाम एक सवर्ण जाति की महिला के नाम से रखे जाने पर, सर्वसमाज में भाईचारा पैदा करने व समतामूलक समाज व्यवस्था के निर्माण में भी कुछ हद तक गति जरूर मिलेगी। जाहिर सी बात है | बसपा ब्राह्मण कार्ड के जरीये ब्राह्मणों को वोट के लिए अपने पाले में लाने  की कोशिश में लगी हुई है |

अगर 2007 के चुनाव पर नजर डाले तो पता चलता है कि  2007 के चुनाव में बसपा ने 88 ब्राह्मणों को विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार  बनाया था | जिसमें से 42 जीते थे। प्रदेश की 78 सुक्षित सीटों में से 61 पर बसपा की जीत के पीछे भी ब्राह्मण मतदाताओं की भूमिका अहम थी |


मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

Saturday, November 12, 2011

मदेरणा के बचाव में उतारी उनकी पत्नी लीला मदेरणा

भंवरी देवी मामले में फंसे राजस्‍थान के पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा के बचाव में उतारी उनकी पत्नी लीला मदेरणा ने अपने पति को बेकसूर बताते हुए खा है कि उनके पति को कांग्रेस के द्वारा फसाया जा रहा है | वही सीबीआई ने शुक्रवार को  भंवरी देवी के अन्तरंग संबंधो का खुलासा होने के बाद पूर्व जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा और  कांग्रेस विधाय मलखानसिंह विश्नोई को पहले बार आमने - सामने बैठकर पूछ-ताछ  किया |

भंवरी देवी और महिपाल मदेरणा का सीडी के द्वारा अन्तरंग संबंधो का खुलासा होने के बाद सीबीआई ने मदेरणा की पत्नी लीला मदेरणा को पूछ-ताछ के लिए अपने साथ ले गई | पूछताछ के लिए सीबीआई दफ्तर पहुंची लीला ने कहा कि अगर मेरे पति के साथ न्‍याय नहीं हुआ तो इसका अंजाम कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा। लीला ने कहा कि पूरा जाट समुदाय और जनता हमारे साथ है। अगर उनके नेता को न्‍याय नहीं मिला तो समाज चुप नहीं बैठेगा और कांग्रेस को इसका अंजाम भुगतना होगा।

गुरुवार को सीडी के खुलासे के बाद उनके पार्टी सदस्यता को लेकर संशय पैदा हो गया | कांग्रेस इस मामले से लगातार दूरी बनाने की कोशिश कर रही है। इस मामले में कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने शुक्रवार को कहा कि मामला काफी संवेदनशील है और सीबीआई जांच जारी है।

शुक्रवार दोपहर में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने नर्स भंवरी देवी लापता मामले में स्थिति रिपोर्ट दाखिल कर दी, जिसमें पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा प्रमुख संदिग्ध हैं। सीबीआई सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले में अब तक मिले साक्ष्‍यों का देखते हुए मदेरणा की गिरफ्तारी अब कभी भी हो सकती है।

गौरतलब है कि 1 सितंबर से लापता भंवरी देवी के पति अमरचंद की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में उन्होंने मदेरणा के इशारे पर अपनी पत्नी के अपहरण का आरोप लगाया है। वैसे मदेरणा ने इन आरोपों को गलत बताया है। मामले की अगली सुनवाई 14 नवंबर को होगी।

इंडिया हल्ला बोल

Friday, November 11, 2011

वीणा मल्लिक को है दुल्हे की जरुरत

अपने  काम से कम लेकिन मैच फिक्सिंग से ज्यादा पापुलर हुई पाकिस्तान की अदाकारा वीणा मल्लिक इस बार अपनी शादी को लेकर सुर्खियों  में है | दरअसल वीणा मल्लिक इस बार भारत में स्वयंबर रचा रही है | वीणा मल्लिक पॉपुलैरिटी के लिए एक से बढकर एक हथकंडे अपनाती रहती है | वीणा का क्रिकेट से दूर दूर का रिश्ता है | अजी हो भी क्यों ना वीणा तो क्रिकेट के कारण ही भारत में बिग बॉस सीजन 4  में मेहमान बनकर आई थी | और बिग बॉस के घर में रहने वाले अश्मित पटेल के बीच संबंधो को लेकर काफी चर्चा में रही थी | दरसल वीणा का भारत आने का मकसद पॉपुलैरिटी हासिल करना था जो उन्होंने किया |

अब एक बार और वीणा मल्लिक अपने होने वाले स्वयंबर को लेकर चर्चा में है | दरसल राखी और ललिया ( रतन राजपूत ) की तरह वीणा मल्लिक भी अपना भारत में स्वयंबर रचा रही है | पिछली बार जो भी स्वयंबर हुआ था उसे देखकर लोगो को यही लगता है कि वीणा भी  स्वयंबर केवल पैसे और पॉपुलैरिटी के लिए कर रही है | दरअसल स्वयंबर रचाने वाली लड़कियों को अच्छी खासी रकम भी चैनल के द्वारा दी जाती है | ऐसे में  वीणा मल्लिक भी केवल सगाई कर के शादी टाल देंगी | ये तो वीणा के स्वयंबर के दौरान ही पता चलेगा | फ़िलहाल  वीणा अब की बार क्रिकेट फिक्सिंग को लेकर नहीं अपनी शादी को लेकर सुखियो में छाई हुई है |


इंडिया हल्ला बोल

Thursday, November 10, 2011

अपनी-अपनी रणनीति तैयार

 जैसे - जैसे विधान सभा चुनाव करीब आ रहा है, वैसे - वैसे नेताओ के दौरे और लुभावने वादे भी तेज होते जा रहे है | हर नेता अपने तरीके से जनता को अपने पाले  में लाने की दाव पेच आजमाने शुरू कर दिए  है | कोई रथ यात्रा पर है,  तो कोई चुपके से किसी के भी बीच में पहुच जाता है | तो कोई चार से पाँच साल बाद जनता पर इतनी मेहरबान हो जाता है कि सरकारी नौकरी करने वाले कर्मचारियों के तनखाह और भत्ते बढ़ा दिए जाते है | जहा पिछले दीपावली पर सरकार कि तरफ से एक चाय नहीं मिली थी, वही आज इस दीपावली पर राज्य के मुख्य मंत्री ने तोहफे के रूप में तीन दिनों का बोनस भी दे डाला है | ये ऐसा किस लिए है , ये तो आप भी भली प्रकार से समझते है | ये सब जनता को अपने तरफ करने के चुनावी पैतरे है | जिसे हर नेता अपने अनुसार आजमा रहा है |

बात अब से कुछ दिनों के पहले का ही ले लीजिये  | जब राहुल गाँधी ने 1 नवम्बर को वाराणसी पहुच  कर लोगो को भौचक्का कर दिया | जिसके बाद राहुल ने अपने अघोषित उत्तर प्रदेश दौरे के दूसरे दिन बुधवार को मिर्जापुर जिले के नरसिंहपुर गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से बिजली, पानी और खाद से जुड़ी समस्याएं सुनीं एवं उनसे केंद्रीय योजनाओं,  खासकर महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के क्रियान्वयन की जानकारी ली। जिसपर राहुल ने उत्तर प्रदेश के सरकार की गड़बड़ी पर दोष देते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों और गरीबों के लिए शुरू की गईं हजारों करोड़ रुपये की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ के क्रियान्वयन में गड़बड़ी के कारण उन तक नहीं पहुंच पा रहा है। जाने अनजाने में राहुल ने अपनी उत्तर प्रदेश में आने कि मन्श भी जाहिर कर दी | जब उन्होंने लोगो से ये कहा कि आप को राज्य सरकार पर गुस्सा नहीं आता है | अगर विकास चाहिए तो कांग्रेस की सरकार लाइए |

जिस पर कई स्थानीय नेताओ ने राहुल को यह कह कर चुटकी लेनी शुरू कर दी कि ये अतिथि तो बड़ा अजीब है | हमारे घर आता रुखा सुखा खाता है और हमें ही बुरा बनाकर जाता है | जब खुद केंद्र सरकार इतनी भ्रष्ट है तो राज्य सरकार का हाल तो यही होगा | गुस्सा तो केंद्र सरकार पर भी आता है पर क्या केंद्र सरकार कुर्सी से उतरना चाहेगी | वही कुछ लोगो का ये कहना था कि ये तो राहुल की खटिये और पूड़ी की पुरानी राजनीति है |

दरअसल राहुल के अचानक दौरे से सब लोग भौचक्का हो जाते है, और राहुल लोगो की वाह वाई लूटने में सफल हो जाते है | लोगो को लगता है कि राहुल जैसा शुभ चिंतक कोई दूसरा है ही नहीं | आप को याद ही होगा आज से करीब तीन साल पहले राहुल ने लोकसभा  में जब से कलावती की बात की तो लोगो को लगा कि राहुल वाकई में गरीबो का दुःख दर्द समझते है |  राहुल ने लोकसभा में अपने भाषण में बोलते हुए कहा था कि " मै आपको नौ बच्चो की माँ कलावती के घर ले चलूंगा , जिसके पति ने खुदखुशी कर ली थी | मै आप से विनती करता हु कि आप उसका सम्मान करे |" भाषण  में राहुल बता रहे थे कि किस तरह से कलावती ने कई तरह से अपनी आमदनी बढाई | तब से वह ग्रामीण पुनरुत्थान  कि प्रतिक बन गई है |  लोगो को कलावती को घर लेजाने वाले राहुल खुद ही उसके घर उसकी खोज खबर तक लेने नहीं गए | 

राहुल के दौरे के  कुछ हफ्ते के भीतर ही स्वयंसेवी संगठन सुलभ इंटरनॅशनल ने कलावती को 36 लाख रुपये दिए | इतना पैसे पाने वाली वह नागपुर विदर्भ की इकलौती विधवा थी | मगर पच्चीस हजार रुपये के मासिक ब्याज को बेटियों और दामादो में बाटने पर उसके पास बहुत कम पैसे बचता है | शर्तो के मुताबिक , वह सावधि खाते में जमा रकम तब तक नहीं निकाल सकती है जब तक उसका छोटा बेटा , जो फ़िलहाल आठ साल का है वयस्क नहीं हो जाता | अगर उसे जमा पैसा निकालने की छुट होती तो आज उसकी बेटी की जिदगी बच सकती थी | दरअसल 2010  को उसके दामाद ने कर्ज के तले आ कर आत्म हत्या कर ली थी | वही पिछले साल उसकी बेटी ने भी खुद ख़ुशी कर ली | 
बात अभी अन्ना हजारे के आन्दोलन का ही ले लीजिये | जो उन्होंने संसद में अन्ना हजारे के लोकपाल बिल पर बोला उससे तो लोगो का राहुल  के प्रति विश्वास ही नहीं टुटा बल्कि  लोगो ने तो राहुल का मजा यह कह कर लेना शुरू कर दिया कि पप्पू फेल हो गया | ये बात केवल राहुल की ही नहीं है बल्कि और भी नेताओ की है |
उत्तर प्रदेश में तो जैसे जैसे  लोक सभा चुनाव का समय नजदीक आ रहा है, माया के जादुई पिटारे से एक से बढकर  एक प्रलोभन के तीर निकल रहे है | जिसके असर में उस राज्य कि जनता तो आ ही रही है | साथ ही साथ महाराष्ट्र में भी इसका असर दिखाई पड़ रहा है | माया ने जैसे ही उत्तर प्रदेश में गन्ना के मूल्यों में बढ़ोतरी की महाराष्ट्र के किसानो ने भी गन्ना के दाम में बढ़ोतरी को लेकर अनशन पर बैठ गए  | 

माया ने उत्तर प्रदेश में जनता को अपने पाले में करने के लिय कई घोषणा की है | प्रदेश में अपनी अगली पारी  पक्की करने के गरज से मायावती ने सरकारी कर्मचारियों पर सौगातो की बरसात कर दी है | सरकारी कर्मचारी वोट के हिसाब से अहम होते ही है साथ ही साथ ये चुनाव में ड्यूटी के समय भी अहम होते है | इसलिए माया ने इनपर बोनस , बेतन , प्रमोशन के साथ भत्तो में इजाफा भी किया है | इतना ही नहीं मायावती ने इस  दीवाली पर कर्मचारियों को तीन दिनों का बोनस भी दे डाला है | 

अगर बात भजपा कि की जाय तो उसने चुनाव में इस बार अन्ना फैक्टर को अपना  हथियार बनाया है | भाजपा के नेता जहा भी जाते है भ्रष्टाचार और अन्ना का मुद्दा उठाकर लोगो को अपने खेमे में लाने का प्रयास कर रहे है | इसका तजा उदाहारण हिसार चुनाव का परिणाम है | अगर भ्रष्टाचार कि बात की जाय तो भाजप कोई दूध की धूलि हुई नहीं है | ये सबको पता है, लेकिन समय की नजाकत को देखते हुए भाजपा अपने आप को कुछ इस तरह प्रस्तुत कर रहा कि मानो वह सबसे साफ़ सुथरी पार्टी है | ऐसे में अन्ना हजारे का कांग्रेस को वोट न देने की अपील का फायदा भाजपा को ही हो रहा है | 

बात कुछ भी हो लेकिन इतना तो तय ही है कि आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए सभी पार्टीयो ने जनता को लुभाने के लिए अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है | 


मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

Wednesday, November 9, 2011

भारत ने पहले टेस्ट में 1-0 की ली बढ़त

फिरोजशाह कोटला मैदान पर वेस्टइंडीज और भारत के बीच खेले गए तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच में भारत ने विकेट शेष रहते ही जीत हासिल कर लिया है | इस जीत के साथ भारत  1-0  से सीरीज में आगे हो गया है |
गौरतलब है कि 95 रनों से बढ़त के बाद दूसरी पारी का शुरुआत करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम महज 180 रन पर ढेर हो गई | भारत की तरफ से आर. अश्विन ने 6 विकेट अपने नाम किए। जिससे भारत के सामने वेस्टइंडीज ने जीत के लिए 276 रन का लक्ष्य दिया | वेस्टइंडीज की तरफ से चंद्रपॉल ने सबसे ज्यादा 47 रन बनाये | 
जवाब में दूसरी पारी में पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 2 विकेट के नुकसान पर 152 रन बना लिए थे। चौथे  दिन जब भारतीय खिलाडी सचिन और द्रविड़ पारी को आगे बढाने उतरे तो सबकी नजरे सचिन पर लगी हुई थी | सचिन ने 33 रन के आगे संभल कर खेलना शुरू किया | भारत का तीसरा विकेट राहुल द्रविड़ के रूप में गिरा | राहुल ने 67 रन बनाये | इसके बाद पारी को आगे बढाने  लक्ष्मण के साथ सचिन संभल कर खेलते हुए इन दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 71 रन जोड़े। आउट होने के पहले सचिन ने 148 गेंदों पर 10 चौकों की मदद से सर्वाधिक 76 रन बनाए जबकि वी.वी.एस. लक्ष्मण ने 105 गेंदों पर सात चौकों की मदद से नाबाद 61 रन बनाए। जहा युवराज सिंह 18 रन के निजी योग पर आउट हुए। वही कप्तान महेंद्र सिंह धोनी खाता खोले बगैर नाबाद लौटे। जब कि टेस्ट का विजयी स्टोक लक्ष्मण ने लगाया | अपने पहले टेस्ट मैच में ही 9 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन करने वाले आर आश्विन को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया।



इंडिया हल्ला बोल

खेल के साथ खिलवाड़

कुछ दिनों पहले जो भी क्रिकेट जगत में हुआ वह न तो खिलाडियों के लिए सही था न ही क्रिकेट प्रेमियों के लिए ठीक था और न ही क्रिकेट जगत के लिए ही सही था | महज कुछ रुपये के लालच के कारण कुछ खिलाडियों ने क्रिकेट जैसे खेल को शर्मसार तो किया ही साथ ही साथ अपने देश को भी बदनाम कर दिया | एक क्रिकेट प्रेमी के लिए उसका पसंदीदा खिलाडी उसके लिए भगवान के जैसा होता है |  क्रिकेट प्रेमी अपने देश के खिलाडी का हौसला बढ़ाने के लिए  साथ समुन्द्र पर तक पहुच जाता है , लेकिन अगर वही खिलाडी महज खुछ रुपये की लिए अपने देश और क्रिकेट प्रेमियों के साथ खिलवाड़ करता है तो सोचिये उन प्रशंसको और उस देश पर क्या बीतेगी |

पिछले किछ दिनों पहले पाकिस्तान के कुछ खिलाडियों ने जो मैच फिक्सिंग किये उसने पाकिस्तान को शर्मसार तो किया ही साथ ही साथ पुरे दुनिया में क्रिकेट को चाहने वालो को सन्नकर के रख दिया | वैसे तो मैच फिक्सिंग का मामला कोई नया नही है  | लन्दन की साउथवर्क अदालत ने पिछले वर्ष अगस्त में सामने आये स्पाट फिक्सिंग के मामले की गहन छानबीन करने के बाद पाकिस्तान के तीन खिलाडियों सलमान बट्ट, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आसिफ को दोषी ठहराया और साथ ही साथ सट्टेबाज मजहर मजीद को भी दोषी ठहराते हुए सजा की घोसणा की | कोर्ट ने पाया कि सलमान बट्ट  के कहने पर ही मोहम्मद आसिफ ने नोबल फेकी थी | इसके बदले में दोनों ने सटोरियों से पैसे लिए थे | सजा सुनाने के पहले ही मोहम्मद आसिफ और मुहम्मद आमिर ने अपने दोष को कबूल कर लिया था | जिसके चलते उन्हें सजा में कुछ रियायत दी गई |  क्रिकेट इतिहास में यह फैसला खिलाडियों के लिए एक सीख होगी |

दरअसल क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसे करोडो लोग देखते है | जिससे इसकी लोकप्रियत को देखते हुए सटोरिये इस पर पैसे भी ज्यादा लगते है क्यों कि एक मैच से वह कई करोड़ रूपये कमा लेते है | दरअसल सटोरिये मैच कि हर बाल और हर गेंद के लिए सट्टा लगाते है | जिसके लिए वह खिलाडियों को पैसे का लालच देकर पहले से ही तय कर लेते है कि कितना रन बनाना है और कब आउट होना है और कौन से खिलाडी अपने ओवर में कितना रन देगा | ऐसे में यह फैसला उन खिलाडियों के लिए चेतावनी होगो जो महज कुछ रुपये के लिए अपने देश और क्रिकेट प्रेमियों के भावनाओ  के साथ खिलवाड़ तो  करते ही  है | साथ ही साथ अपना कैरियर को ख़त्म कर लेते है | ऐसे में ऐसे खिलाडियों को इस तरह का कदम उठाने से पहले यह फैसला  एक बार जरुर रोकेगा | 

मैच फिक्सिंग का मामला कोई नया मामला नहीं है | इसके पहले कई मैच फिक्सिंग के मामले आ चुके है | जिसमे 2000  में दक्षिण अफ्रीका के  कप्तान हंसिए क्रोनिए पर लगा था | जिसके बाद उन पर मैच खेलने का प्रतिबंद भी लगा | ऐसे मामले में क्रोनिए एक लौते नहीं थे |  उनके साथ उनके ही टीम के तीन अन्य खिलाड़ियों, हर्शल निकी बोए, गिब्स और पीटर स्ट्राएडम भी इस मामले में सामिल थे | जिसका खुलासा दिल्ली पुलिस ने 7 अप्रैल 2000  को क्रोनिए और भारतीय सट्टेबाजी के बीच एक बातचीत के एक रिकॉर्डिंग के द्वारा किया | 

इसके अलावा एक नया खुलासा तब हुआ जब  सलमान बट्ट के सजा के दौरान एक निजी चैनल में वीना मलिक और धीरज दीक्षित के बीच चल रहे बात चीत के दौरान स्पोर्ट्स फोटो जर्नलिस्ट धीरज दीक्षित ने कहा कि पाकिस्तानी क्रिकेटर इमरान फरहत वहां के सबसे ज़्यादा सक्रिय मैच फिक्सर था। इमरान फरहत के ससुर पाकिस्तान में चयनकर्ता रहे हैं। इसलिए वे आसानी से मैच फिक्सिंग करते रहे हैं। इमरान पूरी टीम को ऑपरेट करते थे। इमरान का एक रिश्तेदार लंदन में रहता जो मैच फिक्सिंग का पैसा लंदन में इकट्ठा करता था। जो इस बात कि तरफ इशारा करता है कि मैच फिक्सिंग का जाल कितना बड़ा और कितना पुराना है | जिसमे न जाने कितने ही लोग लिप्त है | 
ऐसे में जरुरत है कि इस खेल को साफ सुथरा और दाग रहित बनाने के लिए सटोरिये और खेल में लिप्त खिलाडयों के प्रति कड़ा कदम उठाया जाय |  जिससे कोई इस तरह के काम के बारे में सोच भी न सके | इसके लिए आईसीसी को कोई ठोस कदम उठाना पड़ेगा | 


इंडिया हल्ला बोल

Tuesday, November 8, 2011

15 हजारी सचिन के साथ भारत जीत के करीब

इंग्लैंड में टेस्ट और वनडे सीरीज में करारी हार के बाद वापस आई भारतीय टीम ने जोरदार वापसी की है | जहा  पिछले दिनों भारत ने इंग्लैंड से वनडे सीरीज में हार का बदला चुकता किया और वनडे सीरीज को अपने नाम किया | वही  टीम इंडिया ने फिरोजशाह कोटला मैदान में वेस्टइंडीज से होने वाले तीन टेस्ट मैचो  के सीरीज के  पहले टेस्ट मैच में जीत के करीब पहुच गया है | टीम इंडिया ने आज वेस्टइंडीज के द्वारा दिए गए 276  रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 2 विकेट के नुकसान पर 152 रन बना लिए है | साथ ही साथ सचिन ने अपने टेस्ट कैरियर में 15 हजार रन बनाने वाले पहले खिलाडी बन गए है |
 टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम 108.2  ओवर में 10  विकेट पर 304  रन बनाये थे | जहा टीम के शिवनारायण चंद्रपॉल ने टीम में सबसे ज्यादा 115 रन बनाये थे  , वही टीम के अन्य खिलाडी जैसे  ब्राथवेट  ने 63  रन का अहम योगदान दिया था  |  जब की भारत की तरफ से प्रज्ञान ओझा ने 6 और आर. अश्विन ने 3 विकेट झटके थे।
खेल के पहले पारी में  304 रनो के लक्ष्य का पीछा करने उतारी भारतीय टीम कुछ खास न कर सकी थी और उसकी टीम महज 52.5  ओवर में 209 रनों पर ही सिमट गई थी | भारत की तरफ से जहा सहवाग (55) और द्रविड़ (54) ने अर्ध शतक लगाया था | तो वही गंभीर ने 41 रनों का योगदान दिया था | जब की टीम के अन्य खिलाडी कुछ खास नही कर सके थे  | जिससे वेस्टइंडीज को 95  रनों का बढ़त मिल गया था |
95 रनों से बढ़त के बाद दूसरी पारी का शुरुआत करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम महज 180 रन पर ढेर हो गई | भारत की तरफ से आर. अश्विन ने 6 विकेट अपने नाम किए। जिससे भारत के सामने वेस्टइंडीज ने जीत के लिए 276 रन का लक्ष्य दिया | वेस्टइंडीज की तरफ से चंद्रपॉल ने सबसे ज्यादा 47 रन बनाये | 
जवाब में दूसरी पारी में पीछा करने उत्तरी भारतीय टीम की तरफ से गंभीर का विकेट जल्दी गिर गया लेकिन सहवाग ने द्रविड़ के साथ संभल कर खेलते हुए 55 रन बनाये | जब की 30  रन बनाकर राहुल द्रविड़ और 33 रन बनाकर सचिन क्रीज पर मौजूद हैं। सचिन अपने इस 33 रनों के साथ टेस्ट मैच में 15000 रन बनाने वाले पहले खिलाडी बन गए है |  भारत ने आज का दिन समाप्त होने तक 2 विकेट के नुकसान पर 152 रन बना लिया है | ऐसे में भारत को जीतने की लिए 8 विकेट पर महज 124 रनों की जरूरत है। 


मानेन्द्र कुमार भारद्वाज 
इंडिया हल्ला बोल

Saturday, November 5, 2011

तेंदुलकर को महाशतक के लिए एक शतक की जरुरत



रविवार को शुरू हो रहे भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहले टेस्ट मैच में सबकी नजरे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के 100वां शतक पर होगी | लेकिन वेस्टइंडीज के कप्तान डेरेन सैमी की माने तो वह उन्हें महाशतक से रोकने की पूरी कोशिश करेंगे।

भारतीय क्रिकेट टीम कल फिरोजशाह कोटला के मैदान पर धोनी की अगुवाई में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच खेलने उतारेगी | जिसमे धोनी की कोशिश न केवल सचिन को शतक लगते हुए देखने की होगी बल्कि टेस्ट सीरीज के पहले मैच में जीत हासिल करने की भी होगी | धोनी ने सचिन के शतक के बारे में मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि जब सचिन यह शतक बना लें तो तभी इस पर बात की जाए. यह उपलब्धि किसी भी समय हासिल की जा सकती है. वह इस मैच या फिर किसी भी मैच में इसे हासिल कर सकते हैं. यह भारतीय क्रिकेट के लिये बहुत बड़ा अवसर होगा. हमें उम्मीद है कि वह पहले टेस्ट में ही यह उपलब्धि हासिल कर लेगा.’’

वेस्टइंडीज के कप्तान डेरेन सैमी ने मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा कि निस्संदेह सचिन एक महान खिलाडी हैं लेकिन हम उन्हें महाशतक से रोकने की पूरी कोशिश करेंगे।उन्होंने कहाकि हमने सचिन को थामने के लिए एक महाप्लान तैयार किया है। हम उन्हें आसानी से रन नहीं बनाने देंगे।


मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

गांव जा कर सबसे पहले इस ब्लॉग को बंद करूंगा - अन्ना हजारे




अभी हाल ही में मौन धारण तोड़ कर उठे समाज सेवी अन्ना हजारे एक बार फिर अपने ब्लाग के कारण मुसीबतों से घिरे हुए नजर आ रहे है | जिसके चलते वह अपना ब्लाग बंद करने की बात कह दी है | गौरतलब है कि अन्ना ने यह निर्णय उनके लिए ब्लागिंग करने वाले राजू पारुलेकर के बयान के कारण लिया है |

ब्लॉग को लेकर उठे विवाद के बारे में बोलते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि 'मैं अपने गांव जा कर सबसे पहले इस ब्लॉग को बंद करूंगा।'  दरअसल अन्ना हजारे के लिए ब्लॉग का काम राजू पारुलेकर अभी कुछ महीनो से सम्भाल रहे थे | अन्ना हजारे के मौन व्रत के समय राजू ने साफ कहा था कि अन्ना अपनी टीम के चार सदस्यों से बहुत परेशान हैं और वो कोर कमेटी भंग करना चाह रहे हैं जिसके बाबत उन्होंने ब्लॉगिंग के लिए चिट्ठी भी लिखी थी। लेकिन अन्ना के सहयोगी सुरेश [पठारे] ने मुझे इन टिप्पणियों को ब्लॉग पर डालने से मना किया था।'

अन्ना हजारे ने इस बात पर कहा कि जब कभी टीम पर गंभीर आरोप लगे तो कई बार यह विचार आया। 'कई बार मैंने सोचा कि इसे बदल दूं लेकिन कुछ भी अंतिम तब ही होगा जब मैं निर्णय कर लूं।' अन्ना ने कहा कि राजू अगर किसी चिट्ठी की बात कर रहे हैं तो उस पर अन्ना के हस्ताक्षर होने चाहिए। अन्यथा चिट्ठी फरजी होगी।

19 दिन के मौन व्रत के बाद अन्ना हजारे राजघाट पर जा कर अपना मौन व्रत तोड़ा था और अपने विचारो से लोगो को अवगत कराया था |

मानेद्र कुमार भारद्वाज

Thursday, November 3, 2011

कोर्ट ने जमीन घोटाले मामले में येदियुरप्पा की जमानत याचिका की मंजूर

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा को गुरुवार को जमीन घोटाले मामले में लोकायुक्त कोर्ट ने जमानत याचिका मंजूर कर ली | येदियुरप्पा के ऊपर भ्रष्टाचार के दो आरोप लगे थे | जिसमे अभी अवैध खनन मामले में फैसला आना बाकी है |

हम आप को बता दे कि 15 अक्टूबर को  190 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले मामले में  येदियुरप्पा को गिरफ्तार किया गया था। जिसे लोकायुक्त की विशेष कोर्ट  ने उन्हें न्यायिक  हिरासत में भेज दिया था | इसके बाद विशेष लोकायुक्त कोर्ट ने 22  अक्टूबर को सुनवाई के दौरान उनकी  जमानत को 2  नवम्बर तक के सुनवाई के लिए टाल दी थी | जिसे गुरुवार को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बी.वी. पिंटो ने येदियुरप्पा की जमीन घोटाले मामले में जमानत याचिका मंजूर कर ली | न्यायाधीश ने यह जमानत सबूतों से छेड़छाड़ न करने की शर्त और पांच लाख रुपये के मुचलके पर और इतने की दो जमानत राशि भरने पर जमानत दी है। अगर येदियुरप्पा को दूसरे मामले में भी जमानत मिल जाती है तो वह बेंगलुरू की केंद्रीय जेल से रिहा हो जाएंगे।


इंडिया हल्ला बोल

Wednesday, November 2, 2011

पाकिस्तान क्रिकेट में अब भी मैच फिक्सर , वीना मलिक फिक्सिंग रैकेट की सरगना

पाकिस्तान की कलाकार वीना मलिक के बयान के कारण मैच फिक्सिंग में मामले में आये स्पोर्ट्स फोटो जर्नलिस्ट धीरज दीक्षित ने एक निजी चैनल से बातचीत में खुलासा किया है कि पाकिस्तान क्रिकेट में अब भी मैच फिक्सर मौजूद हैं और वीना मलिक फिक्सिंग रैकेट की सरगना है | 

एक निजी चैनल में वीना मलिक और धीरज दीक्षित के बीच चल रहे बात चीत के दौरान एक दुसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगते  हुए धीरज दीक्षित ने कहा कि पाकिस्तानी क्रिकेटर इमरान फरहत वहां के सबसे ज़्यादा सक्रिय मैच फिक्सर था। इमरान फरहत के ससुर पाकिस्तान में चयनकर्ता रहे हैं। इसलिए वे आसानी से मैच फिक्सिंग करते रहे हैं। इमरान पूरी टीम को ऑपरेट करते थे। इमरान का एक रिश्तेदार लंदन में रहता जो मैच फिक्सिंग का पैसा लंदन में इकट्ठा करता था। 

धीरज दीक्षित ने वीना मलिक पर आरोप लगाते हुए कहा कि वीना मलिक को जब पता चला कि मैं दुनिया के कई क्रिकेटरों, अंपायरों और क्रिकेट प्रशासकों को जानता हूं तो वे मेरे पीछे पड़ गईं। 'वीना ने पाकिस्तान से ढाका में उन्हें फोन करके कहा था कि मैं सात प्लेयर मैनेज कर रही हूं, आप भारत से कोई बडा़ कारोबारी लेकर आएं जो मैच फिक्सिंग में पैसा लगा सके। जिसके  जवाब में वीना ने कहा मैंने ऐसे मामले में आप को कोई भी फोन नहीं किये है | अगर किया है तो साबित करिए |

धीरज दीक्षित ने वीना के दिए गए बयान पर कहा कि आप ने कहा है कि मैंने मोहम्मद आसिफ को 16 बार कॉल किया है | आप ने मेरा पूरा कैरियर ही बर्बाद कर दिया है | धीरज दीक्षित ने कहा कि 'मैंने आसिफ को सिर्फ चार बार कॉल की थी, जिसकी टेलीफोन रिपोर्ट मेरे पास है | आप (वीना ) मुझे फोन करती थी | जिस पर वीना  ने कहा कि  आप आसिफ को फोन करते थे और मुझे लगा कि कोई लड़की उन्हें फोन करती है इस लिय मैंने आप को फोन किया | जिस पर धीरज ने कहा कि आप झूठ बोलती है आप ने ढाका में मेरा नंबर लेने के लिए मेरी पत्नी को फोन किया था।' 
धीरज और वीना के बीच चली बात चीत के दौरान जो आरोप धीरज ने वीना पर लगाये  वही आरोप वीना ने भी लगाये |  जिसमे कई खुलासे हुए |



स्पॉट फिक्सिंग में सलमान बट और मोहम्मद आसिफ पर साबित हुआ दोष

स्पॉट फिक्सिंग मामले में पाकिस्तान क्रिकेट के पूर्व कप्तान सलमान बट और पूर्व टेस्ट क्रिकेटर मोहम्मद आसिफ को साउथवर्क क्राउन कोर्ट ने  इन दोनों पाक क्रिकेटरों को दोषी ठहराया। कोर्ट ने जहा आसिफ को साजिश रचने का दोषी ठहराया। वहीं कोर्ट ने सलमान बट को साजिश रचने और पैसे लेने के लिए दोषी ठहराया | 

क्या हो सकती है सजा !

स्पॉट फिक्सिंग मामले में दोषी पाये गाये आरोपी सलमान बट के खिलाफ जहा कोर्ट अधिकतम 7 साल की सजा सुना सकता है | वही आसिफ को दो साल की सजा हो सकती है | इस मामले में आमेर को पहले ही  अपना अपराध स्वीकार कर लेने के कारण दोषी ठहराए जा चुके हैं। बृहस्पतिवार  को  यह तय किया जायेगा कि किसको कितने साल की सजा मिलाती है | 

कब क्या हुआ  !  

अखबार न्यूज ऑफ द वर्ल्ड के स्टिंग ऑपरेशन के जरिये  अगस्त 2010 को इंग्लैंड-पाकिस्तान टेस्ट सीरीज के दौरान सलमान बट, मोहम्मद आमेर और मोहम्मद आसिफ तीन खिलाड़ियों के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान नो बॉल फेंकने का खुलासा किया । जिसके लिए उन्होंने ने बुकी मजहर मजीद से पैसे लिए थे | 

28 अगस्त को सलमान बट, मोहम्मद आमेर और मोहम्मद आसिफ के साथ मजहर मजीद के होटल पर छापा मारा गया | जिनके कमरे से पैसे बरामद किये गए | 2  सितम्बर  2010 को खिलाड़ियों को निलंबित कर दिया गया | 3 सितम्बर 2010 को पुलिस ने इन खिलाडियों से पूछ ताछ की |

5 फरवरी को 2011 आईसीसी ने बट को 10  साल  की , आसिफ को 7  साल की और आमिर को 5 साल की  मैच पर प्रतिबंद लगाया | 26  फरवरी 2011 को खिलाडियों ने इसके खिलाफ पंचात में अपील की | 4 अक्टूबर को सलमान बट और मोहम्मद आसिफ के खिलाफ साउथवर्क क्राउन कोर्ट में सुनवाई हुई और 1 अक्टूबर को 12 सदस्यीय जजों के पैनल ने इन दोनों पाक क्रिकेटरों को दोषी ठहराया।


Tuesday, November 1, 2011

अन्ना हजारे ने दी चेतावनी, शीतकालीन अधिनवेशन में जनोकपाल विधेयक पास न होने पर फिर से करेंगे अनशन

भ्रष्टाचार का विरोध कर रहे गाधीवादी अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि यदि 22 नवम्बर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में प्रभावी लोकपाल विधेयक पारित नहीं हुआ तो वह अपना अनशन फिर से शुरू कर देंगे।

अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में लिखा है कि उन्होंने 16 अगस्त को रामलीला मैदान में शुरू हुए अनशन को प्रधानमंत्री से लिखित आश्वासन मिलने के बाद खत्म किया था। यह पत्र केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख ने उन्हें सौंपा था। 

हजारे ने कहा कि  केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख जी ने रामलीला मैदान में आकर लिखित आश्वासन दिया था कि आने वाले शीतकालीन सत्र में हमारी सरकार भ्रष्टाचार को रोकने के लिए जनलोकपाल विधेयक एक कठोर कानून बनवाएगी तब तक आप हमें समय दें।जिसके लिए हमने अनशन ख़त्म कर दिया और मैंने आने वाले पाच राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान दौरा करने की योजना को रद्द कर दिया था। अन्ना हजारे ने कहा कि अभी भी मैं विश्वास कर रहा हूं कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान एक कठोर जन लोकपाल आने वाला है। 

हजारे ने कहा कि भ्रष्टाचार की वजह से आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण महंगाई बढ़ने से सामान्य लोगों को परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। देश में विकासकार्यो में खर्च किए जाने वाले एक रुपये में से वास्तव में केवल 10 पैसा ही विकास पर खर्च किया जाता है।  हजारे ने अपने पत्र में कहा कि यदि एक प्रभावी जन लोकपाल विधेयक आएगा तो यह देश को भ्रष्टाचार से निपटने में मदद करेगा और इससे विकास कार्यो के लिए ज्यादा धन उपलब्ध हो सकेगा। 

अन्ना ने अपने पत्र में कहा है कि सरकार के सदस्य आश्वासन के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं और भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उनकी टीम चुनावी राज्यों का दौरा करेगी और इस दौरान किसी का नाम न लेते हुए साफ सुथरे छवि वाले उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने का आह्वान करेगी।  

उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में आगामी होने वाले विधान सभा चुनाव के पहले अन्ना हजारे का संसद के शीतकालीन सत्र में प्रभावी लोकपाल विधेयक पारित करने कि मांग कांग्रेस के लिए एक नई मुश्किल पैदा कर सकती है |


मानेद्र कुमार भारद्वाज 
इंडिया हल्ला बोल

Monday, October 31, 2011

सितम्बर से अक्टूबर महीने तक की दस बड़ी खबरे 
  1. जन लोकपाल के मुद्दे पर अन्ना हजारे का अनशन 
  2. भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना की मुहिम के बाद अन्ना टीम सरकारी तंत्र के निशाने पर 
  3. नरेन्द्र मोदी ने रखा सद्भावना उपवास 
  4. इंग्लैंड में भारत की टेस्ट और वनडे सीरीज में हुई पराजय 
  5. दिल्ली हाई कोर्ट के बहार हुआ धमाका 
  6. टूजी की आंच मनमोहन तक 
  7. नोट के बदले वोट कांड  में अमर सिंह को जेल 
  8. लालकृष्ण आडवाणी ने शुरू की जनचेतना यात्रा रथ 
  9. लीबिया के तानाशाह मुअम्मार अल गद्दाफी का हुआ अंत 
  10. भारत दौरे पर आई इंग्लैंड टीम को भारतीय टीम ने 5-0 से पराजित किया

फॉर्मूला वन रेस पर बरसे मंत्री मणिशंकर अय्यर


देश की पहली फॉर्मूला वन रेस खत्‍म होने के बाद सोमवार को पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री मणिशंकर अय्यर ने फार्मूला वन रेस  पर जम कर बरसते हुए कहा कि एफ वन को तो बेवजह प्राथमिकता दी जा रही है। यह हमारी आर्थिक ताकत का अश्लील प्रदर्शन है। पता नहीं हम किस तरह की संस्कृति को प्रोत्साहित करने में लगे हुए हैं।

 मणिशंकर अय्यर ने  उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती पर बोलते हुए कहा कि यह ट्रैक किसानों से अधिगृहीत जमीन पर बनाया गया है और अधिग्रहण भी औने पौने दामों पर किया गया है। इसके बावजूद एफ वन के आयोजक चाहते हैं कि उन्हें इसके प्रचार प्रसार के लिए कर में पूरी छूट दे दी जाए। यह कहीं से जायज नहीं है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा में फार्मूला-वन रेस के आयोजन को हरी झंडी दी थी | 

मणिशंकर अय्यर ने फॉर्मूला वन रेस पर खर्च किये गए पैसे पर बोलते हुए कहा कि आप कहीं भी पैसा लगा दें, आमदनी तो हो ही जाएगी। फिर मुझे यह समझ हीं आता है कि एफ वन में पैसा लगाने से की कैसे हम बेहतर परिणाम पा सकते है। 

देश के हालत पर बोलते हुए मणिशंकर अय्यर ने कहा कि भारत जैसे बेहद गरीब देश में सिंचाई, साफ सफाई, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में बडे पैमाने पर निवेश करने की जरूरत है तो फिर अर्थशास्त्र को खेल के घालमेल से क्यों दिग्भ्रमित करने की कोशिश हो रही है। ऐसी ही कोशिशों ने यूनान को पहले ही कर्ज के बोझ तले डाल दिया है।



फिलीपींस की राजधानी मनीला में पैदा हुआ दुनिया का 7 अरबवां बच्चा

दुनिया में सात अरबवां बच्चा  हिन्दुस्तान में पैदा होगा यह खबर उस समय बदल गयी जब  यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनपीएफ) की वेबसाइट पर दी गयी कि दुनिया का 7 अरबवें बच्चे ने फिलीपींस की राजधानी मनीला में जन्म ले लिया है। 

इससे पहले खबर आ रही थी कि उत्तर प्रदेश में 31 अक्टूबर को दुनिया के सात अरबवां बच्चा पैदा होगा।  इस बच्चे के जन्म के पहले  दुनिया की आबादी वर्ष 1804  में 100  करोड़ थी | जो 123 साल के बाद वर्ष 1927 में दुनिया की जनसँख्या 100 करोड़ बढकर 200 करोड़ हो गई | वही जनसँख्या वर्ष 1927 की अपेछा केवल 32  साल में जनसख्या 100 करोड़ बढकर वर्ष 1959 में 300 करोड़ तक पहुच गई | जनसँख्या में लगातार हो रही तेजी के साथ बढ़ोतरी ने वर्ष 1987 में जनसँख्या 500 करोड़ , वर्ष 1999 में 600 करोड़ और वर्ष 2011 तक 700 करोड़ तक पहुच गई है | 

31 अक्टूबर को सात अरबवें बच्चे के जन्म लेने से पहले जारी 126 पेज की द स्टेट ऑफ वर्ल्‍ड पॉपुलेशन 2011 रिपोर्ट में यूनाइटेड नेशन पॉपुलेशन फंड (यूएनएफपीए) ने चेताया है कि भविष्य में दुनिया की बढ़ती जनसंख्या गरीबी को कम करना और पर्यावरण की सुरक्षा एक चुनौती होगी। दुनिया में हर सेकंड पांच बच्‍चों का जन्‍म होता है और दो व्‍यक्ति की मौत होती है।

 इंडिया हल्ला बोल 

Saturday, October 29, 2011

टी-20 मुकाबले में इंग्लैंड ने दी भारत को मात

5-0 से वनडे सीरीज गवा चुकी इंग्लैंड टीम ने आखिर कर ईडन गार्डन मैदान पर खेले जा रहे एक मात्र टी-20 मुकाबले को 6 विकेट से अपने नाम किया। भारत द्वारा दिए 121 रन के लक्ष्य को इंग्लैंड ने 8 गेंदें शेष रहते हुए हासिल कर लिया।
   
इंग्लैंड टीम के टी-20 मैच में स्टीव फिन ( 22 रन देकर 3 विकेट ) के शानदार गेदबाजी और केविन पीटरसन के दमदार बल्लेबजी के बदौलत इंग्लैंड ने  भारत द्वारा दिए 121 रन के लक्ष्य को हासिल कर लिया | पीटरसन ने 39 गेंदों का सामना करते हुए 5 चौके और 3 छक्कों की मदद से 53 रन की पारी खेली।

भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबजी  जरने का फैसला जल्द ही बुरा साबित हुआ जब मैच के पहले ही ओवर में सलामी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे बिना खाता खोले स्टीव फिन की गेंद पर आउट हुए। इसके बाद साढ़े तीन साल बाद टीम में वापसी कर रहे रोबिन उथप्पा महज 1 रन बनाकर टिम ब्रेसनन का शिकार बने बैठे । 

भारत की तरफ से सुरेश रैना (39 रन) और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (21 रन) की उपयोगी पारी खेली | जब की अन्य खिलाडियों ने अपने प्रदर्शन से सबको निरास किया | विराट कोहली - 15 रन, मनोज तिवारी - 15 रन, यूसुफ पठान - 10 रन, अश्विन के  नाबाद 17 रन के बदौलत भारतीय पारी ने  120 रन बनाये |

भारत ने बल्लेबाजी के अलावा गेदबाजी से भी सबको निरास किया | भारत की तरफ से यूसुफ पठान - 34 रन देकर 1 विकेट, रवींद्र जडेजा - 9 रन देकर 1 विकेट, विराट कोहली - 13 रन देकर 1 विकेट, सुरेश रैना - 9 रन देकर 1 विकेट लिए |
  
इंग्लैंड की तरफ से  शानदार प्रदर्शन के लिए ड्यूअल परफॉर्मर ऑफ द मैच - समित पटेल  और मैन ऑफ द मैच - केविन पीटरसन को दिया गया |


 मानेन्द्र कुमार भारद्वाज 

Monday, October 24, 2011

चंडाल चौकड़ी के बेनकाब के बाद कांग्रेस फिर से अपने पहले रूप में आ जाएगी - अन्ना हजारे


अन्ना हजारे ने अपने ताजा ब्लॉग में खुद और अपनी टीम पर हो रहे हमले के बारे में केंद्र सरकार की 'चंडाल चौकड़ी' को जिम्मेदार ठहराया है। अन्ना हजारे ने बाबा रामदेव पर हुए लाठीचार्ज तक के लिए इसी चंडाल चौकडी़ को जिम्मेदार ठहराया है। 

एक के बाद एक जिस तरह से अन्ना टीम और भ्रष्टाचार के खिलाफ बोल  रहेलोगो पर जो हमले हुए है, उसके लिए अन्ना ने केंद्र सरकार और कांग्रेस पार्टी में शामिल अन्य नेताओं तो क्लीन चिट देते हए कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी के सभी मंत्रियों को दोषी नहीं मानता और न ही पूरी  सरकार को दोषी ठहराता हूं। सरकार में भी कुछ समर्पित और ईमानदार लोग हैं लेकिन वो इस चंडाल चौकड़ी के कारण अपनी आवाज नहीं उठा सकते। 

 अन्ना ने अपनी टीम से इन लोगों के आरोपों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि चंडाल चौकड़ी द्वारा बार-बार लगाए जा रहे आरोपों का जवाब न दे। लोग इतने समझदार हैं कि सच को पहचान सकें। इसलिए उनके सभी प्रयास अपने आप बेकार हो जाएंगे |

अन्ना ने अपने ब्लॉग में यह भी कहा कि जल्द ही यह चंडाल चौकड़ी बेनकाब हो जाएगी और कांग्रेस फिर से अपने पहले रूप में आ जाएगी। अन्ना हजारे ने अपने ब्लॉग में कहीं भी इस चंडाल चौकड़ी के नामों का खुलासा नहीं किया।