Saturday, September 17, 2011

सद्भावना उपवास या विकाश की बात ?



गुजरात  विश्व विद्यालय के  प्रदर्शनी हाल  में आज सुबह १० बजे से नरेन्द्र मोदी ३ दिन के लिए सद्भावना उपवास पर बैठ गए है | मंत्रो के उच्चारण के बीच नरेन्द्र मोदी ने अपने अनशन कि शुरुवात की  | इस मौके पर आडवाणी , प्रकाश सिंह बादल ,अरुण जेटली एवं अन्य नेताओ के अलावा तमाम धर्मो के धर्म गुरु भी वहा उपस्थित थे | मोदी ने मंच पर भाषण शुरू करने से पहले भारत माता की जय  का नारा लगाया |मोदी ने वहा पर उपस्थित सभी लोगो का धन्यवाद किया | लोगो को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि देश और विदेश में गुजरात कि सफलता कि चर्चा हो रही है | ग्रामीण विकास , शिक्षा क्षेत्र में बदलाव हुआ है | 
            २००१ में आए भूकंप की त्रासदी के बाद भी गुजरात एक बार फिर अपने कदमों पर खड़ा हुआ। गुजरात ने हर मुश्किलों का बखूबी से सामना किया है | वर्ड बैंक रिपोर्ट का कहना है कि इस प्रकार के प्राकृतिक आपदा से सात  सालो तक असर रहेगा लेकिन हम   खड़े हुए और दौड़ाने लगे | कुछ लोग हमारा साथ देने के वजय हमारे नसीब पर छोड़ दिया लेकिन हम सबको साथ लेकर चले और आज गुजरात नई उचाइयो को छुआ है | अक्षर धाम पर हुए हमले से सबको ये लगा था कि गुजरात एक बार फिर आग कि लपटों में झुलस जाएगी लेकिन गुजरात कि ६ करोड़ जनता ने इस घटना के बाद शांति एकता और सद्भावना का परिचय दिया | 
          2008 में एक बार फिर सीरियल  बम धमाके एक के बाद एक हो रहे थे  जिससे गुजरात लहूलुहान  हो गया था | लगा गुजरात नहीं बचेगा लेकिन लोगो ने  शांति संकल्प भाई चारा दिखाया | जिसका आज ये परिचय  है कि हम आज विकाश के नयी नयी उचइयो को छुआ है |

 मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

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