गुरुवार को नवसारी में 'सद्भावना मिशन' के तहत उपवास कर रहे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मुस्लिम समुदाय के एक प्रतिनिधि के हाथों ‘काफा’ लेने से इनकार कर दिया। जहा मोदी ने अन्य समुदाय के लोगों की ओर से लाये शॉल तो ले लिया वही मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति की ओर से ‘काफा’ (एक तरह का शॉल) लेने से मना कर दिया। नरेंद्र मोदी ने कुछ दिनों पहले जब अहमदाबाद में 'सद्भावना मिशन' की शुरुआत की थी तो उस समय उन्होंने एक इमाम ने उन्हें ‘टोपी’ पहने की कोशिश की थी, जिसे उन्होंने पहनने से मना कर दिया था, लेकिन उन्होंने मौलाना से शॉल ग्रहण किया था | जिसके बाद इमाम ने काफी हो हल्ला मचाया और कहा कि मोदी ने उसके धर्म का अपमान किया है। जिसके बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने भाजापा पर निशाना साधते हुए सिर्फ वोट बैंक की राजनीति बताया |
ऐसे में एक बार फिर मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधि के हाथों ‘काफा’ लेने से इनकार कर देना नरेंद्र मोदी को कितना सही साबित होगा या गलत | ये तो आगामी होने वाले चुनाव में पता चलेगा |
इंडिया हल्ला बोल
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