Monday, October 10, 2011

अजमल कसाब की फांसी टली


सुप्रीम कोर्ट ने 26 नवम्बर 2008  के मुंबई हमले के दोषी पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल आमिर कसाब के मृत्युदंड पर रोक लगा दी है। जस्टिस आफताब आलम और जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की बेंच ने कहा कि जब तक अदालत मित्र (एमिकस क्‍यूरे) राजू रामचंद्रन की याचिका पर सुनवाई चलेगी, तब तक कसाब को फांसी नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट कसाब की याचिका पर 25 जनवरी 2012 से नियमित सुनवाई करेगी।
     हम आप को बता दे कि कसाब पाकिस्तानी आतंकवादी है जो अपने 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों के साथ समुद्र के रास्ते पाकिस्तान से आकर देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में 26 नवम्बर से 29 नवम्बर, 2008 तक ताज होटल में बड़ी क्रूरता के साथ देशी और विदेशी नागरिकों सहित 166 व्यक्ति को मौत  के घाट उतार दिया  था  | जिसे हमले के दौरान जिंदा गिरफ्तार कर लिया गया था। जिसे  मुम्बई की एक निचली अदालत ने 6 मई 2010 को कसाब को मृत्युदंड सुनाई थी , जिसे हाईकोर्ट ने बरकरार रखा। कसाब ने अपनी सजा के खिलाफ शीर्ष अदालत से अपील की थी। कसाब का बचाव करने के लिए न्यायालय द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी, वरिष्ठ अधिवक्ता राजू रामचद्रन ने कहा, लोग इसे अन्यथा ले सकते हैं, लेकिन कानून की उचित प्रक्रिया इस बात की मांग करती है कि आरोपी को सर्वोच्च न्यायालय में अपना बचाव करने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए।
 कोर्ट के इस फैसले के साथ कि जब तक अदालत मित्र (एमिकस क्‍यूरे) राजू रामचंद्रन की याचिका पर सुनवाई चलेगी, तब तक कसाब को फांसी नहीं दी जा सकती। कसाब की फासी की सजा टलती हुई नजर आ रही है |

मानेन्द्र कुमार भारद्वाज


 



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