अन्ना हजारे के आन्दोलन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयंसेवको के भाग लेने के प्रश्न पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहकार्यवाह सुरेश जोशी ने कहा है कि '' स्वयंसेवकों ने आम जनसमुदाय के रूप में अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में भाग लिया। संघ की यह परंपरा रही है कि वह देशहित में किए किसी भी कार्य को किए जाने का श्रेय लेने को आवश्यक नहीं मानता।
अन्ना हजारे जैसे व्यक्ति का कुटिल राजनीतिक चालों में आने की बात को लेकर श्री जोशी ने खेदजनक बताया | उन्होंने कहा कि उनके द्वारा पत्र में व्यक्त इस प्रकार की टिप्पणियां भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन को ही कमजोर करेगी जो दुर्भाग्पूर्ण है। श्री जोशी ने कहा कि हजारे देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कई महीनों से एक व्यापक जन आन्दोलन का सफलतापूर्वक नेतृत्व करते आये हैं। इस आन्दोलन की सफलता का श्रेय भी उन्हीं को मिलता है | उन्होंने संघ की सहभागिता को लेकर बेवजह चलायी जाने वाली चर्चा को दुर्भावनापूर्ण बताया। प्रशांत भूषण के संदर्भ में उन्होंने कहा संघ इससे कभी भी सहमत नही हो सकता कि कश्मीर को देश से अलग करने के प्रयास हों। यह तो अलगाववादियों की भाषा है। इस पर आश्चर्य होता है। क्या ऐसा बोल कर वह देशभक्ति का प्रकटिकरण कर रहे हैं। लालकृष्ण आडवाणी के प्रधानमंत्री पद की दावेदारी के प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि, अभी तो समय है , यह निर्णय पार्टी को करना है समय आने पर पार्टी इसे तय भी करेगी। मानेन्द्र कुमार भारद्वाज |

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