
देश की पहली फॉर्मूला वन रेस खत्म होने के बाद सोमवार को पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री मणिशंकर अय्यर ने फार्मूला वन रेस पर जम कर बरसते हुए कहा कि एफ वन को तो बेवजह प्राथमिकता दी जा रही है। यह हमारी आर्थिक ताकत का अश्लील प्रदर्शन है। पता नहीं हम किस तरह की संस्कृति को प्रोत्साहित करने में लगे हुए हैं।
मणिशंकर अय्यर ने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती पर बोलते हुए कहा कि यह ट्रैक किसानों से अधिगृहीत जमीन पर बनाया गया है और अधिग्रहण भी औने पौने दामों पर किया गया है। इसके बावजूद एफ वन के आयोजक चाहते हैं कि उन्हें इसके प्रचार प्रसार के लिए कर में पूरी छूट दे दी जाए। यह कहीं से जायज नहीं है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा में फार्मूला-वन रेस के आयोजन को हरी झंडी दी थी |
मणिशंकर अय्यर ने फॉर्मूला वन रेस पर खर्च किये गए पैसे पर बोलते हुए कहा कि आप कहीं भी पैसा लगा दें, आमदनी तो हो ही जाएगी। फिर मुझे यह समझ हीं आता है कि एफ वन में पैसा लगाने से की कैसे हम बेहतर परिणाम पा सकते है।
देश के हालत पर बोलते हुए मणिशंकर अय्यर ने कहा कि भारत जैसे बेहद गरीब देश में सिंचाई, साफ सफाई, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में बडे पैमाने पर निवेश करने की जरूरत है तो फिर अर्थशास्त्र को खेल के घालमेल से क्यों दिग्भ्रमित करने की कोशिश हो रही है। ऐसी ही कोशिशों ने यूनान को पहले ही कर्ज के बोझ तले डाल दिया है।
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