शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में पूर्व संचार मंत्री ए राजा और डीएमके सांसद कनिमोझी समेत सभी 17 आरोपियों पर आरोप तय कर दिए गए । अदालत को इस मामले में सभी 17 आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया सुबूत मिले। कोर्ट ने ए राजा पर धारा 409 लगाई है। इस धारा के तहत कम से कम 10 साल की सजा और अधिकतम उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।देश में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला माने जा रहे 2 जी स्पेक्ट्रम मामले में राजा के अलावा उनके पूर्व निजी सचिव आर.के. चंदोलिया और पूर्व टेलीकॉम सचिव सिद्धार्थ बेहुरा पर भी धारा 409 के तहत अरोप लगाए गए हैं। डीएमके सुप्रीमो करुणानिधि की बेटी कनिमोझी के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने और भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत आरोप तय किए गए हैं। उनके खिलाफ धारा 409 के तहत आरोप नहीं लगा है। लेकिन अगर कनिमोझी को दोषी पाया गया तो उन्हें कम से कम पांच साल की सज़ा हो सकती है। शाहिद बलवा के खिलाफ आईपीसी की धारा 192 के तहत भी मुकदमा चलेगा। आरोपी अदालत के इस फैसले के साथ ही जमानत के लिए अपील कर सकते हैं।
अदालत ने इस मामले में दूरसंचार कंपनियों रिलायंस टेलीकाम, स्वान टेलीकाम और युनिटेक वायरलेस पर आपराधिक षडयंत्र रचने और उसमें सहायक होने का आरोप तय किया। अदालत को रिलायंस एडीएजी के तीन शीर्ष अधिकारियों गौतम दोषी, सुरेंद्र पिपारा और हरि नायर के खिलाफ धोखाधड़ी एवं आपराधिक कृत्य में सहायक होने के प्रथम दृष्टया प्रमाण मिले हैं। कोर्ट ने जो आरोप तय किए हैं वे साबित हो जाते हैं तो दोषियों को कम से कम 10 साल और अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है।
इससे पहले अदालत ने 14 अक्टूबर को सीबीआई और आरोपियों की तरफ से की गई प्रतिदिन की बहस को सुनने के बाद अपने आदेश को सुरक्षित रख लिया था। सीबाआई ने दो अप्रैल को दाखिल किए गए अपने पहले आरोप पत्र में राजा और अन्य पर अयोग्य आपरेटरों को स्पेक्ट्रम आवंटित करने से सरकारी खजाने को 30,984 करोड़ का नुकसान करने का आरोप लगाया था |
मानेन्द्र कुमार भारद्वाज
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