९ सितम्बर को भारत के पूर्व प्रधान मंत्री स्वर्गीय राजीव गाँधी के हत्यारों को दी जाने वाली फासी की सजा टल गई है | गौरतलब है की २१ मई १९९१ को लिट्ट ने तमिलनाडु के श्री पेरंबदूर में राजीव गांधी की हत्या कर दी थी। राजीव गाँधी के हत्या के आरोप में तीन व्यक्तियों मुरुगन, सनथन और पेरारिवलन को पकड़ कर मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर ली गई थी | जिसका फैसला ११ साल बाद हुआ था | जिसमे तीनो हत्यारों को ९ सितम्बर को फासी की सजा दी जाने वाली थी लेकिन मद्रास उच्च न्यायालय ने फांसी पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से फांसी की सजा में देरी का कारण बताने को कहा है। अदालत ने केंद्र को ८ हफ्ते में हलफनामा दाखिल कर जवाब देने के लिए कहा है। ऐसे में ८ हफ्तों के लिए तीनो आरोपियों की सजा टल गई है | मानेन्द्र कुमार भारद्वाज
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