देश की आजादी से लेकर अब तक हम लगातार विकास की नई सीढ़िया चढ़ते जा रहे है . आजादी के समय की बात की जय तो हमारे देश में भुखमरी और गरीबी ज्यादा थी . जो देश के लिए एक चुनौती थी लेकिन हम ने अपने मेहनत के बल पर लगातार नयी उचाइओ को छुआ है और अपने देश के विकास की गति को बढाया है .जिसे देख विकाशील देशो ने भी हमारी प्रशंशा की है हमारे देश में गरीबी तो घटी है पर जुर्म बढ़ा है .अगर आकडे की बात करे तो २००४-०५ में गरीबी ३७.२% थी जो २००९-१० में घट कर ३२% हो गई यह आकलन तेंदुलकर समीति की ओर से सुझाया गए फर्मोले के आधार पर किया है . ऐसे में हम तो विकाश कर लेंगे लेकिन बढाते हुए जुर्म का क्या होगा . हमें और हमारी सरकार को इसके तरफ ध्यान देना होगा तभी देश में अमन और सुख शांति बनी रहेगी .
मानेन्द्र कुमार भारद्वाज

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